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Aligarh News: युवक की मौत के बाद झोलाछाप का क्लीनिक सील
Sun, 19 Apr 2026 03:10 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
Updated Sun, 19 Apr 2026 03:10 AM IST
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कस्बा राजमऊ में क्लीनिक को सीज करती स्वास्थ्य विभाग टीम। स्रोत : विभाग
- फोटो : samvad
कस्बा राजमऊ में एक झोलाछाप की लापरवाही ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। शुक्रवार को बिना किसी जांच के लगाए गए इंजेक्शन के बाद 41 वर्षीय युवक की मौत हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को आरोपी के क्लीनिक को सील कर दिया।
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत राजमऊ के मजरा नगला ढक निवासी वीरपाल (41) पुत्र गुलफान सिंह शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे अपनी पत्नी सुमन देवी को दवा दिलवाने के लिए कस्बे में स्थित अफजल क्लीनिक पहुंचे थे। इसी दौरान वीरपाल ने खुद को अस्वस्थ बताया, जिस पर क्लीनिक संचालक डॉ. अफजाल पुत्र अजीज ने बिना किसी जांच या मेडिकल हिस्ट्री के उन्हें इंजेक्शन लगा दिया।
इंजेक्शन लगते ही वीरपाल की हालत बिगड़ गई और कुछ ही मिनटों में उनकी मौत हो गई। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित शर्मा के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। जांच के दौरान क्लीनिक संचालक के पास कोई वैध डिग्री या पंजीकरण नहीं मिला। इस पर टीम ने तत्काल प्रभाव से क्लीनिक को सील कर दिया और नोटिस चस्पा कर दिया। टीम के कस्बे में पहुंचते ही हड़कंप मच गया। कार्रवाई के डर से अन्य झोलाछाप और अवैध मेडिकल स्टोर संचालक अपनी दुकानें बंद कर फरार हो गए। काफी देर तक बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
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अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित शर्मा ने कहा कि अवैध रूप से संचालित क्लीनिक को सील कर दिया गया है और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। किसी की जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत राजमऊ के मजरा नगला ढक निवासी वीरपाल (41) पुत्र गुलफान सिंह शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे अपनी पत्नी सुमन देवी को दवा दिलवाने के लिए कस्बे में स्थित अफजल क्लीनिक पहुंचे थे। इसी दौरान वीरपाल ने खुद को अस्वस्थ बताया, जिस पर क्लीनिक संचालक डॉ. अफजाल पुत्र अजीज ने बिना किसी जांच या मेडिकल हिस्ट्री के उन्हें इंजेक्शन लगा दिया।
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इंजेक्शन लगते ही वीरपाल की हालत बिगड़ गई और कुछ ही मिनटों में उनकी मौत हो गई। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित शर्मा के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। जांच के दौरान क्लीनिक संचालक के पास कोई वैध डिग्री या पंजीकरण नहीं मिला। इस पर टीम ने तत्काल प्रभाव से क्लीनिक को सील कर दिया और नोटिस चस्पा कर दिया। टीम के कस्बे में पहुंचते ही हड़कंप मच गया। कार्रवाई के डर से अन्य झोलाछाप और अवैध मेडिकल स्टोर संचालक अपनी दुकानें बंद कर फरार हो गए। काफी देर तक बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
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अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित शर्मा ने कहा कि अवैध रूप से संचालित क्लीनिक को सील कर दिया गया है और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। किसी की जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।