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अलीगढ़ः लखनऊ से मुख्यमंत्री के लोकार्पण के बाद जनप्रतिनिधियों ने हरी झंडी दिखाकर ई-बस सेवा का किया शुभारंभ
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ई बस चलाते सांसद सतीश गौतम साथ में खड़े विधायक अनिल पाराशर।
- फोटो : CITY OFFICE
सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार शाम को वर्चुअल ई-बस सेवा का लोकार्पण किया। इसके बाद जनप्रतिनिधियों ने कमिश्नरी कार्यालय में विधि विधान से पूजा अर्चना कर और हरी झंडी दिखाकर ई-बस सेवा का शुभारंभ किया। इस दौरान सांसद सतीश गौतम ने कुछ दूरी तक इलेक्ट्रिक बस को चलाकर देखा। जबकि कोल विधायक अनिल पाराशर, एमएलसी मानवेंद्र प्रताप सिंह बस में सवार हुए। ट्रायल के लिए फिलाहल पांच बस आई हैं। जबकि अन्य पांच बसों का इंतजार किया जा रहा है। शहर के पांच रूटों पर कुल 25 ई-बस चलेंगी।
बता दें कि मुख्यमंत्री ने अलीगढ़ स्मार्ट सिटी की 215 करोड़ रुपये की पांच स्मार्ट परियोजनाओं का शिलान्यास व एक प्रोजेक्ट का लोकार्पण किया है। जिसमें पांच रूटों पर चलने वाली पहली ई-बस सेवा व इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टेशन का शुभारंभ भी किया गया है। 215 करोड़ की लागत में अलीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड की पांच परियोजनाओं में पैकेज 1-3, बरहद्वारी, बहुस्तरीय पार्किंग के साथ वाणिज्यिक परिसर, नकवी पार्क का सौंदर्यीकरण और राजा महेंद्र प्रताप पार्क का सौंदर्यीकरण शामिल है। वहीं लखनऊ से मुख्यमंत्री ने शहर के निर्धारित पांच रूटों पर चलने वाली पहली इलेक्ट्रिक बस सेवा और इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टेशन का भी शुभारंभ किया। इसके बाद कमिश्नरी सभागार में महापौर मोहम्मद फुरकान, शहर विधायक संजीव राजा, कोल विधायक अनिल पाराशर, एमएलसी मानवेंद्र प्रताप सिंह, कमिश्नर गौरव दयाल, नगर आयुक्त गौरांग राठी, अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त, पार्षद अनिल सेंगर, मुकेेश र्शा, परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक मो. परवेज खान, अलीगढ़ डिपो एआरएम वीके शुक्ला व बुद्ध विहार डिपो के एआरएम योगेंद्रपाल सिंह आदि ने पहले वर्चुअल संवाद सुना। इसके बाद संयुक्त रूप से पहली ई-बस सेवा का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। अलीगढ़ स्मार्ट सिटी के सीईओ व नगर आयुक्त गौरांग राठी ने बताया मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप 215 करोड़ की लागत की स्मार्ट सिटी की परियोजनाओं को इस साल की तिमाही तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। विधि विधान से पूजा अर्चना के बाद सांसद सतीश गौतम ने बसों की जानकारी ली और खुद ड्राइवर सीट पर जाकर बैठ गए। उनके साथ कोल विधायक अनिल पाराशर, एमएलसी मानवेंद्र प्रताप सिंह के साथ कई लोग बस में चढ़ गए। इसके बाद उन्होंने बस को कुछ दूरी तक चलाया। बस से उतरकर बोले कि ऐसी बसें तो देखी ही नहीं है। शहरवासियों को यह बहुत बड़ा और अनोखा तोहफा मिला है। अब लोगों का सफर सुगम हो सकेगा।
255 करोड़ में से 215 करोड़ की परियोजना है स्मार्ट सिटी की
-मुख्यमंत्री द्वारा मंगलवार को कासिमपुर में अलीगढ़ जनपद की 255 करोड़ रुपये लागत की 113 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया है। इनमें से 215 करोड़ की पांच परियोजना स्मार्ट सिटी की हैं।
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एसी-ब्लोअर की सुविधा और सुरक्षा के लिए हैं सीसीटीवी
अलीगढ़। मंगलवार शाम को मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पण कि जाने के बाद कमिश्नरी में पांच ई बसों का शुभारंभ जनप्रतिनिधियों ने किया है। इन बसों की खास बात है कि यात्री कम दर पर एसी और ब्लोअर की सुविधा के साथ सफर कर सकेंगे। सुरक्षा की दृष्टि से बसों में पांच सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। जबकि दरवाजे बंद नहीं होंगे तो बस एक मीटर भी आगे नहीं बढ़ सकेगी। बसों के पिछले हिस्से में बैटरी और मोटर के पार्ट्स हैं। अगर यहां किसी खामी के चलते गलती से आग भी लग गई तो ड्राइवर अपनी सीट पर बैठे बैठे बटन दबाकर आग को बुझा सकता है। पीएमआई कंपनी की यह इलेक्ट्रिक बस क्लिच और गेयर के बिना ही सड़कों पर दौड़ेंगी।
शहर में पांच इलेक्ट्रिक बसें आईं तो अमर उजाला ने इन बसों की खासियत की पड़ताल की। कानपुर डिपो के ड्राइवर इन बसों को लेकर यहां आए हैं। यही ड्राइवर बसों के चालकों को बस चलाने का प्रशिक्षण देंगे। इनसे जब बातचीत की गई तो पता चला कि बस के अंदर क्लिच और गेयर नहीं है। बस 140 की स्पीड पर दौड़ सकती है। हालांकि इसकी गति कभी भी 80 किमी प्रति घंटे से ऊपर नहीं रखी जाएगी। 30 सीटर बस में खड़े होने के लिए 20 हैंगर हैं। पूरी बस फुल एसी है। सर्दियों में इनमें ब्लोअर चलता मिलेगा। सुरक्षा के लिए ड्राइवर गेट के साथ लोगों के उतरने-चढ़ने के लिए अलग से दो दरवाजे हैं। अगर दरवाजा बंद नहीं हुआ तो यह ई-बस एक मीटर भी आगे नहीं बढ़ेंगी। जबकि पांच सीसीटीवी कैमरे हर वक्त रिकॉर्डिंग करेंगे। आगे के कंपार्टमेंट में एक एलईडी भी लगी है। जो रूट के साथ साथ आने वाले स्टॉपेज की जानकारी देगा। यह बस एक्सीलेटर और ब्रेकर के साथ ही दौड़ती है। इन बसों में चारों पहियों में डिस्क ब्रेक लगे हुए हैं। जो एक साथ लगते हैं। फायर सिलिंडर भी बस के अंदर है। पिछले हिस्से में मशीनरी एरिया है। अगर इस मशीनरी एरिया में भगवान न चाहे कि कभी आग लग जाए। इसके लिए ड्राइवर को एक बटन दिया गया है। ड्राइवर के बटन दबाते ही आग बुझ जाएगी। दो बैटरी इंजन स्टार्ट करने के लिए 12-12 बोल्ट की लगी हुई हैं। जबकि चारपाई के बराबर की पांच बैटरियां पूरे बस के फंक्शन के लिए हैं। पूरी बस के अंदर लाइट है। जबकि बाहर ऑल बेदर बल्ब लगा हुआ है।
2022 का है मॉडल, अभी रजिस्ट्रेशन भी नहीं हुआ
-जितनी भी इलेक्ट्रिक बसें आई हैं। यह 2022 का मॉजल हैं। जिनका अभी रजिस्ट्रेशन भी नहीं हुआ है। इसीलिए नंबर प्लेट नहीं है। जल्द ही इनकी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
-पीएमआई कंपनी की सबसे हाइटेक ई-बसें चलाने की तकनीक थोड़ी अलग है। इन बसों को चलाने के लिए ड्राइवर ट्रेंड नहीं है। इसीलिए कानपुर से हमें भेजा गया है। हम कानपुर डिपो में ई-बस चलाते हैं। एक महीने से बस चला रहे हैं। ऐसी बस आजतक नहीं देखी है। -अशोक कुमार यादव, उन्नाव।
-इन ई-बसों में जो सुविधा है। वह अभी तक किसी भी गाड़ी में नहीं है। गेयर और क्लिच के बिना यह बस चलाने में बहुत आरामदायक लगती है। अब अन्य बसें चलाना तो दूर, उसमें बैठने में भी बोरियत होती है। आधुनिक सुविधाओं की यह बस लोगों को खूब पसंद आएगी। -सोनू कुमार, भर्तना, इटावा।
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बता दें कि मुख्यमंत्री ने अलीगढ़ स्मार्ट सिटी की 215 करोड़ रुपये की पांच स्मार्ट परियोजनाओं का शिलान्यास व एक प्रोजेक्ट का लोकार्पण किया है। जिसमें पांच रूटों पर चलने वाली पहली ई-बस सेवा व इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टेशन का शुभारंभ भी किया गया है। 215 करोड़ की लागत में अलीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड की पांच परियोजनाओं में पैकेज 1-3, बरहद्वारी, बहुस्तरीय पार्किंग के साथ वाणिज्यिक परिसर, नकवी पार्क का सौंदर्यीकरण और राजा महेंद्र प्रताप पार्क का सौंदर्यीकरण शामिल है। वहीं लखनऊ से मुख्यमंत्री ने शहर के निर्धारित पांच रूटों पर चलने वाली पहली इलेक्ट्रिक बस सेवा और इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टेशन का भी शुभारंभ किया। इसके बाद कमिश्नरी सभागार में महापौर मोहम्मद फुरकान, शहर विधायक संजीव राजा, कोल विधायक अनिल पाराशर, एमएलसी मानवेंद्र प्रताप सिंह, कमिश्नर गौरव दयाल, नगर आयुक्त गौरांग राठी, अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त, पार्षद अनिल सेंगर, मुकेेश र्शा, परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक मो. परवेज खान, अलीगढ़ डिपो एआरएम वीके शुक्ला व बुद्ध विहार डिपो के एआरएम योगेंद्रपाल सिंह आदि ने पहले वर्चुअल संवाद सुना। इसके बाद संयुक्त रूप से पहली ई-बस सेवा का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। अलीगढ़ स्मार्ट सिटी के सीईओ व नगर आयुक्त गौरांग राठी ने बताया मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप 215 करोड़ की लागत की स्मार्ट सिटी की परियोजनाओं को इस साल की तिमाही तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। विधि विधान से पूजा अर्चना के बाद सांसद सतीश गौतम ने बसों की जानकारी ली और खुद ड्राइवर सीट पर जाकर बैठ गए। उनके साथ कोल विधायक अनिल पाराशर, एमएलसी मानवेंद्र प्रताप सिंह के साथ कई लोग बस में चढ़ गए। इसके बाद उन्होंने बस को कुछ दूरी तक चलाया। बस से उतरकर बोले कि ऐसी बसें तो देखी ही नहीं है। शहरवासियों को यह बहुत बड़ा और अनोखा तोहफा मिला है। अब लोगों का सफर सुगम हो सकेगा।
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255 करोड़ में से 215 करोड़ की परियोजना है स्मार्ट सिटी की
-मुख्यमंत्री द्वारा मंगलवार को कासिमपुर में अलीगढ़ जनपद की 255 करोड़ रुपये लागत की 113 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया है। इनमें से 215 करोड़ की पांच परियोजना स्मार्ट सिटी की हैं।
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एसी-ब्लोअर की सुविधा और सुरक्षा के लिए हैं सीसीटीवी
अलीगढ़। मंगलवार शाम को मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पण कि जाने के बाद कमिश्नरी में पांच ई बसों का शुभारंभ जनप्रतिनिधियों ने किया है। इन बसों की खास बात है कि यात्री कम दर पर एसी और ब्लोअर की सुविधा के साथ सफर कर सकेंगे। सुरक्षा की दृष्टि से बसों में पांच सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। जबकि दरवाजे बंद नहीं होंगे तो बस एक मीटर भी आगे नहीं बढ़ सकेगी। बसों के पिछले हिस्से में बैटरी और मोटर के पार्ट्स हैं। अगर यहां किसी खामी के चलते गलती से आग भी लग गई तो ड्राइवर अपनी सीट पर बैठे बैठे बटन दबाकर आग को बुझा सकता है। पीएमआई कंपनी की यह इलेक्ट्रिक बस क्लिच और गेयर के बिना ही सड़कों पर दौड़ेंगी।
शहर में पांच इलेक्ट्रिक बसें आईं तो अमर उजाला ने इन बसों की खासियत की पड़ताल की। कानपुर डिपो के ड्राइवर इन बसों को लेकर यहां आए हैं। यही ड्राइवर बसों के चालकों को बस चलाने का प्रशिक्षण देंगे। इनसे जब बातचीत की गई तो पता चला कि बस के अंदर क्लिच और गेयर नहीं है। बस 140 की स्पीड पर दौड़ सकती है। हालांकि इसकी गति कभी भी 80 किमी प्रति घंटे से ऊपर नहीं रखी जाएगी। 30 सीटर बस में खड़े होने के लिए 20 हैंगर हैं। पूरी बस फुल एसी है। सर्दियों में इनमें ब्लोअर चलता मिलेगा। सुरक्षा के लिए ड्राइवर गेट के साथ लोगों के उतरने-चढ़ने के लिए अलग से दो दरवाजे हैं। अगर दरवाजा बंद नहीं हुआ तो यह ई-बस एक मीटर भी आगे नहीं बढ़ेंगी। जबकि पांच सीसीटीवी कैमरे हर वक्त रिकॉर्डिंग करेंगे। आगे के कंपार्टमेंट में एक एलईडी भी लगी है। जो रूट के साथ साथ आने वाले स्टॉपेज की जानकारी देगा। यह बस एक्सीलेटर और ब्रेकर के साथ ही दौड़ती है। इन बसों में चारों पहियों में डिस्क ब्रेक लगे हुए हैं। जो एक साथ लगते हैं। फायर सिलिंडर भी बस के अंदर है। पिछले हिस्से में मशीनरी एरिया है। अगर इस मशीनरी एरिया में भगवान न चाहे कि कभी आग लग जाए। इसके लिए ड्राइवर को एक बटन दिया गया है। ड्राइवर के बटन दबाते ही आग बुझ जाएगी। दो बैटरी इंजन स्टार्ट करने के लिए 12-12 बोल्ट की लगी हुई हैं। जबकि चारपाई के बराबर की पांच बैटरियां पूरे बस के फंक्शन के लिए हैं। पूरी बस के अंदर लाइट है। जबकि बाहर ऑल बेदर बल्ब लगा हुआ है।
2022 का है मॉडल, अभी रजिस्ट्रेशन भी नहीं हुआ
-जितनी भी इलेक्ट्रिक बसें आई हैं। यह 2022 का मॉजल हैं। जिनका अभी रजिस्ट्रेशन भी नहीं हुआ है। इसीलिए नंबर प्लेट नहीं है। जल्द ही इनकी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
-पीएमआई कंपनी की सबसे हाइटेक ई-बसें चलाने की तकनीक थोड़ी अलग है। इन बसों को चलाने के लिए ड्राइवर ट्रेंड नहीं है। इसीलिए कानपुर से हमें भेजा गया है। हम कानपुर डिपो में ई-बस चलाते हैं। एक महीने से बस चला रहे हैं। ऐसी बस आजतक नहीं देखी है। -अशोक कुमार यादव, उन्नाव।
-इन ई-बसों में जो सुविधा है। वह अभी तक किसी भी गाड़ी में नहीं है। गेयर और क्लिच के बिना यह बस चलाने में बहुत आरामदायक लगती है। अब अन्य बसें चलाना तो दूर, उसमें बैठने में भी बोरियत होती है। आधुनिक सुविधाओं की यह बस लोगों को खूब पसंद आएगी। -सोनू कुमार, भर्तना, इटावा।