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अलीगढ़: अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह और उनके भाई ने पुलिस के सामने दर्ज कराए बयान, बोले-अभी सात नाम, आगे और भी आएंगे

Sat, 29 Aug 2026 06:34 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Sat, 29 Aug 2026 06:34 PM IST
सार

फिल्म अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह पैतृक संपत्ति विवाद में थाना रोरावर पुलिस ने इस मामले में गायत्री देवी, जय सिंह और अंजनी सिंह सहित कुल सात नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।

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Actor Chandrachur Singh and his brother recorded statements
अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह - फोटो : वीडियो ग्रैब

विस्तार

पैतृक संपत्ति के एक मामले में फिल्म अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह और उनके भाई अभिमन्यु सिंह ने पुलिस जांच अधिकारी के समक्ष पेश होकर अपने बयान दर्ज कराए हैं। यह पूरा मामला करोड़ों रुपए की पुरानी हवेली और पुश्तैनी जायदाद पर कब्जे को लेकर चल रहे विवाद से जुड़ा हुआ है।

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अभिमन्यु सिंह की शिकायत के अनुसार, उनकी चाची समेत सात लोगों पर धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक साजिश रचने के आरोप में केस दर्ज कराया गया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि उनके दादा हरेंद्र पाल सिंह की मृत्यु से ठीक एक दिन पहले एक फर्जी वसीयत तैयार की गई थी, जिसके आधार पर इस पूरी संपत्ति को हड़पने और बेचने की साजिश रची गई। आरोप है कि वसीयत तैयार किए जाने के वक्त उनके दादा गंभीर रूप से बीमार थे और बिस्तर पर थे।
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थाना रोरावर पुलिस ने इस मामले में गायत्री देवी, जय सिंह और अंजनी सिंह सहित कुल सात नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। सीओ संजीव कुमार का कहना है कि पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से छानबीन कर रही है और निष्पक्ष जांच के तहत जल्द ही अन्य पक्षों और गवाहों के भी बयान लिए जाएंगे।
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चंद्रचूड़ सिंह थाने मेंअभिनेता चंद्रचूड़ सिंह ने बताया कि अभी सात लोगों के नाम दिए हैं, अभी और भी नाम आएंगे। यह फ्रॉड और फोरजरी का केस है। मेरे दादाजी स्वर्गीय हरेंद्र पाल सिंह अलीगढ़ में बीमार थे, वह वसीयत बनाने की हालत में नहीं थे। उस समय बुआ गवाह थीं इस बात की। दादाजी के जाने के बाद चाचा और चाची ने मिलकर एक वसीयत बनाई, जिसमें फोरजरी है। जिसमें सात लोगों के नाम भी हैं जो गवार भी हैं और शामिल भी हैं, जिन्होंने जमीन बेची हैं, जो कि परिवार की जमीन थी। अवैध वसीयत बनाकर बेचे। 30 साल तक उनका पालन-पोषण इसी जमीन ने किया। वसीयत बनाने के लायक नहीं थे, उस समय चाचा-चाची ने अवैध वसीयत बनाई। चंद्र चूढ़ सिंह और उनके छोटे भाई अभिमन्यु सिंह आज अलीगढ़ आकर के फर्जीबाड़े के सबूत हमने बयान के माध्यम से थाने में पेश किए हैं। 

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