यूपी: आरटीओ ऑफिस पर एसीएम का छापा, 27 दलाल गिरफ्तार
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बाबुओं की सरपरस्ती में दलालों का अड्डा बने संभागीय परिवहन कार्यालय पर गुरुवार दोपहर एसीएम द्वितीय और सीओ तृतीय की अगुवाई में पुलिस प्रशासनिक टीम ने छापेमारी कर 27 दलाल दबोच लिए। इस दौरान कार्यालय को चारों ओर से घेरकर हुई छापेमारी के बीच कार्यालय के बाहर दलाली की दुकान सजाकर बैठे दलालों और अंदर स्टाफ में हड़कंप मच गया।
वहां मौजूद बड़ी संख्या में मौजूद दलाल दीवार फांदकर भागने की कोशिश करने लगे। लेकिन पुलिस ने उन्हें घेराबंदी कर दबोच लिया। इनके कब्जे से 35 ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित कागजात, 2.01 लाख की नगदी, तीन लैपटॉप, 21 मोबाइल और बाइक बरामद की गई। आरोपियों के खिलाफ बन्नादेवी थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। डीएम को लंबे समय से आरटीओ आफिस के बाहर दलालों के सक्रिय रहने की सूचनाएं मिल रही
थी।
शुक्रवार को उन्होंने एसीएम द्वितीय अंजुम बी और सीओ तृतीय अनिल समानिया के नेतृत्व में टीम आरटीओ भेजी। छापामार कार्रवाई से पहले दो पुलिसकर्मी सादा वर्दी में कार्यालय भेजे गए। उन्होंने प्रत्येक पटल पर पहुंच कर ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीकरण के लिए सरकारी फीस के अलावा अतिरिक्त फीस आदि की जानकारी ली। इसके बाद पूरे कार्यालय को घेर लिया गया। जैसे ही अफसरों की टीम कार्यालय पहुंची तो दलालों में भगदड़ मच गई। लेकिन पुलिस ने इन्हें दबोच लिया। सभी को आरटीओ आफिस के गेट पर फोटोस्टेट की दुकान के नीचे बने बेसमेंट में बंद कर दिया गया।
एसीएम द्वितीय अंजुम बी ने बताया कि एक दलाल ने स्वीकार किया कि आरटीओ आफिस के अधिकांश बाबू इस कार्य में लिप्त हैं। उसने अपने लड़के इस काम में लगा रखे हैं। लर्निंग लाइसेंस की ऑनलाइन फीस 400 रुपये है। आवेदक को बाबू बाहर दुकान पर भेजता है। वहां मौजूद लड़का उससे अपने लिए 200 रुपये और बाबू के लिए 700 रुपये लेता है। रजिस्ट्रेशन के लिए निर्धारित फीस 200 रुपये के साथ बाबू के 700 रुपये और दलाल के 200 रुपये देने पड़ते हैं।
उन्होंने बताया कि कुल 35 लोग पकड़े गए थे। इनमें 27 दलाल थे। शेष ग्राहक थे। इनके कब्जे से दो लाख एक हजार की नगदी, तीन लैपटॉप, 21 मोबाइल, वाहन और ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित कागजात बरामद हुए हैं। एक बाइक भी बरामद हुई है।
एआरटीओ प्रशासन रंजीत सिंह ने बताया कि सभी के खिलाफ सरकारी कर्मचारी बनकर लोगों को बरगलाने, बलपूर्वक कागजात छीनने, कार्यालय के कर्मचारियों पर अनाधिकृत कार्य के लिए दबाव बनाने और सरकारी कार्य में बाधा डालने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। एसएसआई बन्नादेवी प्रदीप मलिक ने मुकदमा दर्ज किए जाने की पुष्टि की है।
पुलिस ने इन लोगों को लिया हिरासत में
रामकिशन निवासी गांव इमलिया हरदुआगंज, शिक्षक नगर निवासी कुलदीप सिंह, आरएएफ क्वारसी निवासी चित्रांशु, किशनपुर तिराहा निवासी मनीष कुमार शर्मा, बरौला निवासी महेशचंद, सारसौल निवासी प्रताप सिंह, निरंजनपुरी निवासी प्रदीप गुप्ता, इगलास के नगला चूरा निवासी दीपेंद्र, साई विहार कालोनी निवासी भानू गुप्ता, बिहारीपुर खैर निवासी सतीश, लोधा के जिरौली डोर निवासी अवनीश, हरदुआगंज के गांव कलाई निवासी हरीश, सारसौल निवासी भगवती प्रसाद, निरंजनपुरी निवासी गौरव गुप्ता, सराय हकीम निवासी लव व आलोक कुमार गुप्ता, बरौला पुल के पीछे निवासी सुमित, आदर्श नगर बैंक कालोनी जसवंत सिंह, धनीपुर निवासी अमित, जवां के नगला नूरपुर निवासी अमित पुत्र उमाशंकर, बिहारी पुरम निवासी सुल्तान, बरौला जाफराबाद निवासी रामप्रकाश, टप्पल के जट्टारी निवासी मनोज, गुरुरामदास नगर निवासी ज्ञान सिंह, दादों के वाजिदपुर निवासी योगेश कुमार, सारसौल स्थित भाईजी नगर निवासी चिंटू उर्फ रंजीत तथा क्वारसी की गली नंबर चार निवासी ओमप्रकाश शामिल हैं।