AMU: केंद्रीय शिक्षा सचिव के ईसी में शामिल होने से बढ़ेगी जवाबदेही, यह है वजह
एएमयू की एग्जीक्यूटिव काउंसिल में केंद्रीय शिक्षा सचिव को शामिल करने के निर्देश पर विवि में मंथन जारी है। विवि के नियमों के अनुसार इसकी प्रक्रिया पूरी करने में ही लगभग छह महीने लग जाएगा। सरा रास्ता भी है कि राष्ट्रपति की ओर से नामित तीन सदस्यों या राज्यपाल की ओर से नामित होने वाले एक सदस्य में से किसी एक को हटा कर केंद्रीय शिक्षा सचिव को शामिल कर लिया जाए।
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की एग्जीक्यूटिव काउंसिल (ईसी) में केंद्रीय शिक्षा सचिव को शामिल किए जाने से विवि के फाइनेंशियल, कर्मिशयल, एकेडमिक और अन्य मुद्दों पर केंद्र सरकार का सीधा दखल बढ़ जाएगा। केंद्रीय शिक्षा सचिव वरिष्ठ आईएएस अधिकारी होते हैं। अगर वो ईसी में शामिल होेंगे तो हर मुद्दे पर उनकी राय भी अहम होगी। वह सीधे केंद्र सरकार को हर मुद्दे की रिपोर्ट देंगे। इससे विवि की ईसी की कार्यप्रणाली की निगरानी होगी और अलग अलग मुद्दों पर जवाबदेही भी बढ़ेगी।
इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए विवि इंतजामिया में अंदरखाने गहन मंत्रणा जारी है। ईसी से लेकर कोर्ट सदस्यों के बीच इस तैनाती को लेकर जबरदस्त बहस चल रही है। कुछ लोग एएमयू की स्वायतता को लेकर अंदरखाने इस तैनाती का विरोध भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे विवि की स्वायतता और कार्यशैली पर असर पड़ेगा। वर्तमान में ईसी में राष्ट्रपति और राज्यपाल की ओर से चार नामित सदस्य शामिल हैं, लेकिन यह सभी अलग-अलग विवि के प्रोफेसर हैं। इनमें से कोई सीधे केंद्र सरकार का वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नहीं है।
केंद्रीय शिक्षा सचिव के एएमयू की ईसी में शामिल होने से विवि का बजट बढ़वाने में मदद मिलेगी। ईसी का कामकाज बेहतर होगा। अभी इससे ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता है। वर्तमान में विवि का बजट बढ़ाने की जरूरत है, ताकि एडवांस स्टडी सेंटर, उर्दू अकादमी जैसे संस्थान फिर से संचालित हों। इसके अलावा छात्रावास, कक्षाओं और मेडिकल कॉलेज में उपकरणों की जरूरत पूरी करने के लिए बजट को बढ़ाना जरूरी है।-प्रो. डॉ. मुराद विदेशी भाषा विभाग एएमयू एवं ईसी सदस्य।
नौ वर्ष में एएमयू को मिला बजट
- 2014-15 में 673.98 करोड़ रुपये
- 2015-16 में 825.04 करोड़ रुपये
- 2016-17 में 894.70 करोड़ रुपये
- 2017-18 में 1106.02 करोड़ रुपये
- 2018-19 में 1009.69 करोड़ रुपये
- 2019-20 में 1180.00 करोड़ रुपये
- 2020-21 में 1520.10 करोड़ रुपये
- 2021-22 में 1214.63 करोड़ रुपये
- 2022-23 में जून तक 302.32 करोड़ रुपये
जोर पकड़ रही विवि का बजट बढ़ाने की मांग
विवि के अधिकांश लोगों ने कहा कि केंद्र सरकार सदस्य प्रतिनिधियों की संख्या बढ़ाने के साथ एएमयू का बजट बढ़ाए तो छात्र-छात्राओं को राहत मिले। वर्तमान में यहां कक्षाओं, छात्रावासों के रखरखाव, जेएन मेडिकल कॉलेज में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों के लिए बजट की जरूरत है। इसके साथ उर्दू अकादमी सहित एडवांस स्टडी सेंटर को भी बजट की दरकार है, ताकि यहां पर दोबारा से एडवांस स्टडी हो सके। एएमयू से जुड़े कुछ लोग मानते हैं कि केंद्रीय शिक्षा सचिव के ईसी में शामिल होने विवि का बजट बढ़ने में मदद मिल सकती है, क्योंकि जब वो स्वयं यहां की समस्याओं से परिचित होंगे तो उसके अनुसार बजट भी दिलाने का प्रयास करेंगे। उनकी भी जिम्मेदारी होगी।
छह महीने लग जाएंगे केंद्रीय शिक्षा सचिव को ईसी सदस्य बनने में
केंद्र सरकार ने एएमयू की एग्जीक्यूटिव काउंसिल में केंद्रीय शिक्षा सचिव को शामिल करने के निर्देश दिए हैं। विवि में इसको लेकर मंथन जारी है। विवि के नियमों के अनुसार इसकी प्रक्रिया पूरी करने में ही लगभग छह महीने का समय लग जाएगा। इसका एक दूसरा रास्ता भी है कि राष्ट्रपति की ओर से नामित तीन सदस्यों या राज्यपाल की ओर से नामित होने वाले एक सदस्य में से किसी एक को हटा कर केंद्रीय शिक्षा सचिव को शामिल कर लिया जाए। यह प्रक्रिया जल्द पूरी की जा सकती है। अब विवि की ओर गठित होने वाली कमेटी इस पर अपनी राय देगी। विवि ने इसके लिए रविवार को हुई ईसी की बैठक के बाद उच्च स्तरीय कमेटी बनाने का फैसला किया है। यह कमेटी आगामी ईसी की बैठक में अपनी रिपोर्ट देगी।
वर्तमान में राष्ट्रपति और राज्यपाल की ओर से विवि के लिए चार सदस्य हैं नामित
अलीगढ़। एएमयू की विजिटर देश की राष्ट्रपति द्रोपदी मूर्मू हैं। इनकी ओर विवि के लिए तीन सदस्य नामित किए जाते हैं। वर्तमान में प्रो. उमश कदम (जेएनयू), प्रो. गीता सिंह ( दिल्ली यूनिवर्सिटी), प्रो. फजलुररहमान (दक्षिण भारत से) नामित सदस्य हैं। इसी तरह से उत्तर प्रदेश के राज्यपाल की ओर से विवि के लिए एक नामित सदस्य हैं। लखनऊ की किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी प्रो. अरुण शंकर वर्तमान में राज्यपाल की ओर से नामित सदस्य हैं।
यह भी जानें
-विवि की एग्जीक्यूटिव काउंसिल में कुल 25 सदस्य होते हैं। वर्तमान में 19 सदस्य कार्यरत हैं और 6 पद रिक्त हैं।
-एएमयू कोर्ट में कुल 196 सदस्य होते हैं। वर्तमान में इसके 42 के करीब पद रिक्त हैं। जिसमें 14 छात्र वर्ग से, 5 शिक्षक वर्ग से और 5 गैर शिक्षण कर्मचारियों के पद शामिल हैं। इसके अलावा केंद्र सरकार से नामित हाेने वाले सदस्यों के कुछ पद रिक्त हैं।
-वर्ष 2018-19 से एएमयू छात्र संघ का चुनाव नहीं हुआ है। यह चुनाव हर साल होना चाहिए। इसलिए ईसी में इसका प्रतिनिधित्व नहीं है।
-वर्ष 2015 से गैर शिक्षण कर्मचारियों की एसोसिएशन का चुनाव नहीं हुआ है। हर तीन साल में चुनाव होने का नियम है। ईसी में इनका भी प्रतिनिधित्व नहीं है।
-एएमयू शिक्षकों की संस्था अमुटा चुनाव मई 2025 में होना प्रस्तावित है। ये चुनाव लगातार हो रहे हैं। इनका वर्तमान में ईसी में प्रतिनिधित्व है।