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कोरोना के साथ-साथ अब बाढ़ का भी खतरा

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Wed, 05 Aug 2020 08:07 PM IST
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अलीगढ़। कोरोना के साथ-साथ पहाड़ों पर जमकर हुई वर्षा के चलते बाढ़ का खतरा भी मंडरा रहा है। अतरौली के आधा दर्जन से अधिक गांवों से होकर गुजरने वाली गंगा नदी का पानी खतरे के निशान से मात्र सवा मीटर नीचे बह रहा है। हथिनी कुंड बैराज से मात्र 65 हज़ार क्यूसेक पानी चलने के बावजूद यमुना नदी खतरे के निशान से करीब 5 मीटर नीचे बह रही है। संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने नरोरा खंड निकली गंग नहर के अधिशासी अभियंता सुप्रभात सिंह को नोडल अफसर नियुक्त करते हुए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम संचालित कर दिया है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एवं एडीएम वित्त एवं राजस्व विधान जायसवाल ने बताया कि दो बाढ़ राहत चौकी बना दी गई है। खैर के गाँव किशनपुर, लालपुर रैयतपुर व ऊँटासानी तथा अतरौली के गंगा किनारे के गांव साकरा व कंचनपुर में बाढ़ राहत शिविर बना दिए गए हैं। गंगा व यमुना के किनारों के सभी गांवों में बाढ़ सुरक्षा समितियों का गठन कर लिया गया है। इन समितियों में गांव प्रधान, राजस्व निरीक्षक, सिंचाई विभाग का एक कर्मचारी, पुलिस, शिक्षक, चौकीदार आदि को सम्मिलित किया गया है। ------- 20 नाव व 25 गोताखोर भी तैनात अलीगढ़। आपात स्थिति से निपटने के लिए 20 नाम व 25 गोताखोर भी यमुना एवं गंगा के तटों पर तैनात कर दिए गए हैं। अतरौली व शहर में आपात स्थिति से निपटने के लिए 2 अस्थाई हेलीपैड भी तैयार किए गए हैं। ----- इन गांव में है बाढ़ का खतरा यमुना किनारे के खैर क्षेत्र के गांव घरबरा, लालपुर रैय्यतपुर, समसपुर, हाजीपुर, महा राजगढ़, नरवारी, सेहपुर, नगला अमर सिंह, ऊंटासानी, पखोदना व गिरधरपुर आदि। गंगा किनारे के अतरौली क्षेत्र के गांव दीनापुर, गणेशपुर, हमीदपुर, रुस्तम नगर, नगला जोगिया, सीकरी, गहरौली गंग, गोपालपुर, साकरा, टोडरपुर, गैर अरतमानी, ताहरपुर व गहतोली। ------ गंगा का जलस्तर-177 मीटर, खतरे का निशान-178.76 मीटर यमुना का जलस्तर-195 मीटर, खतरे का निशान-200.60 मीटर ------- वर्ज़न पहाड़ों पर हुई भारी वर्षा के चलते गंगा नदी खतरे के निशान से मात्र सवा मीटर नीचे तो यमुना नदी 5 मीटर नीचे बह रही है। हथिनी कुंड बैराज से फिलहाल 60 से 65 हज़ार क्यूसेक पानी रोजाना छोड़ा जा रहा है। यदि डिस्चार्ज ढाई लाख की क्यूसेक पहुंचा तो बाढ़ का खतरा हो सकता है। इसे देखते हुए यमुना एवं गंगा के तटों पर 20 नाव और 25 गोताखोर तैनात कर दिए गए हैं। विधान जायसवाल, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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