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Aligarh News: डिलीवरी करते समय पेट में छूटा रूई का टुकड़ा, कैलाश व देव नंदिनी अस्पताल पर हुआ जुर्माना
Sun, 21 May 2023 10:10 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Sun, 21 May 2023 10:10 PM IST
सार
जेवर के कैलाश अस्पताल में 28 फरवरी 2022 को ऑपरेशन से उनको बेटी पैदा हुई। चार मार्च को छुट्टी के बाद भी उनके पेट में दर्द हुआ। इस पर कैलाश अस्पताल से संतुष्टि न मिलने पर वे 21 अप्रैल को हापुड़ के देव नंदिनी अस्पताल गईं। जहां उनकी डीएंडसी कराई गई। मगर उससे भी लाभ नहीं हुआ।
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जिला उपभोक्ता फोरम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अलीगढ़ के उपभोक्ता फोरम न्यायालय ने जेवर के कैलाश अस्पताल व हापुड़ के देव नंदिनी अस्पताल पर जुर्माना ठोका है। यह आदेश प्रसव के लिए हुए ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट में रूई का टुकड़ा छूटने के मामले में दिया है। जिसे बाद में मेरठ के एक अस्पताल में निकाला गया। यह आदेश जिला उपभोक्ता फोरम न्यायालय के अध्यक्ष न्यायाधीश हसनैन कुरैशी, सदस्य आलोक उपाध्याय व पूर्णिमा सिंह ने संयुक्त रूप से दिया है।
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इस संबंध में याचिका पिसावा के कारह कादिलपुर शादीपुर की फलक तौमर की ओर से दायर की गई। जिसमें कहा गया कि जेवर के कैलाश अस्पताल में 28 फरवरी 2022 को ऑपरेशन से उनको बेटी पैदा हुई। चार मार्च को छुट्टी के बाद भी उनके पेट में दर्द हुआ। इस पर कैलाश अस्पताल से संतुष्टि न मिलने पर वे 21 अप्रैल को हापुड़ के देव नंदिनी अस्पताल गईं। जहां उनकी डीएंडसी कराई गई। मगर उससे भी लाभ नहीं हुआ।
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फिर वे 28 अक्तूबर को मेरठ के मेरठ के मेडविन अस्पताल में गईं। बाद में दिल्ली और फिर लौटकर मेरठ में ही दूसरे डॉक्टर ने मामूली सर्जरी (हिस्टेरोस्कोपी) करके उनके पेट से रूई का टुकड़ा निकाला गया। इसमें कैलाश अस्पताल की तरफ से पक्ष रखा गया कि यह गलती उनके अस्पताल में नहीं हुई है।
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इस पर अदालत ने माना कि प्रसव के बाद से ही महिला के पेट में दर्द था। ऐसे में गलती कैलाश अस्पताल से हुई। वहीं देव नंदिनी अस्पताल ने सही से जांच नहीं की और डीएंडसी कर दी। इस मामले में पीठ ने दोनों अस्पतालों को खर्चे के ढाई-ढाई लाख रुपये, दो-दो लाख रुपये बतौर मानसिक उत्पीडऩ और 10-10 हजार रुपये वाद व्यय के रूप में देने के आदेश दिए हैं।