{"_id":"6-21716","slug":"Aligarh-21716-6","type":"story","status":"publish","title_hn":"भरत मिलाप देख श्रद्धालुओं की आंखें हुई नम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भरत मिलाप देख श्रद्धालुओं की आंखें हुई नम
Aligarh
Updated Fri, 26 Sep 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
अलीगढ़। अचल ताल पर आयोजित रामलीला महोत्सव में गुरुवार देर शाम दशरथ मरण, भरत का श्रीराम को मनाने वन जाना, चरण पादुकाएं अयोध्या लाना जैसे प्रसंगों का मंचन हुआ। भरत और भगवान श्रीराम के मिलन की लीला को देखकर श्रद्घालुओं की आंखे नम हो गईं। रामलीला से पूर्व सांसद सतीश गौतम ने भगवान श्रीराम के स्वरूप की आरती की। पुलिस अधीक्षक नगर ने आयोजन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्थाआें का भी जायजा लिया।
श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के वन जाते समय उनकी भेंट भारद्वाज ऋषि और वाल्मीकि से होती है। उधर, राजा दशरथ को श्रवण कुमार के माता पिता का दिया गया श्राप याद आया तो उन्हाेंने अपने पुत्र वियोग में प्राण त्याग दिए। भरत अपनी मां से कहते हैं कि तुमने भइया श्रीराम को वनवास भेजकर गलत किया है। पिता दशरथ का दाह संस्कार करने के बाद भरत अपने बड़े भाई श्रीराम को मनाने के लिए चित्रकूट पहुंचते हैं। श्रीराम ने भरत को स्नेह से गले लगा लिया, पिता के निधन का समाचार सुन मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम व्याकुल हो उठते हैं। लेकिन पिता को दिए गए वचन की खातिर अपने निर्णय पर अटल रहते हैं। जिसके कारण भरत श्रीराम की पादुकाएं लेकर अयोध्या लौटे तो राम की वचन वद्धता और भरत का आग्रह देख श्रद्धालु भावुक हो उठे। राज सिंहासन पर भरत ने श्रीराम की चरण पादुकाएं रखीं और श्रीराम के आदेशों का अनुसरण किया। कार्यक्रम में विमल अग्रवाल, अरविंद कुमार, मानव महाजन, अनिल जैन, संदीप कुमार आदि लोग उपस्थित थे।
आज काली की शोभायात्रा निकलेगी
शुक्रवार शाम करीब 6 बजे अचलताल पर महाकाली की पूजन के बाद महाकाली की सवारी अचलेश्वर मंदिर से होती हुए हाथरस अड्डा, आर्यसमाज रोड, गांधी पार्क, मीरीमल चौक, अप्सरा सिनेमा, मालगोदाम चौक, बस अड्डा, जीटी रोड होती हुई अचल ताल पहुंचेगी।
विज्ञापन
कुंडल लेकर भागता युवक दबोचा
रामलीला के मंचन को श्रद्घालु देख रहे थे, इस दौरान एक युवक महिला के कान से कुंडल छीनकर भागने का प्रयास करने लगा तभी उसे दबोच लिया। पब्लिक के लोगाें ने आरोपी को जमकर पीटा और पुलिस के हवाले कर दिया। इस दौरान कई लोगाें की जेब से पर्स चोरी होने की भी घटनाएं हुई है।
विज्ञापन
श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के वन जाते समय उनकी भेंट भारद्वाज ऋषि और वाल्मीकि से होती है। उधर, राजा दशरथ को श्रवण कुमार के माता पिता का दिया गया श्राप याद आया तो उन्हाेंने अपने पुत्र वियोग में प्राण त्याग दिए। भरत अपनी मां से कहते हैं कि तुमने भइया श्रीराम को वनवास भेजकर गलत किया है। पिता दशरथ का दाह संस्कार करने के बाद भरत अपने बड़े भाई श्रीराम को मनाने के लिए चित्रकूट पहुंचते हैं। श्रीराम ने भरत को स्नेह से गले लगा लिया, पिता के निधन का समाचार सुन मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम व्याकुल हो उठते हैं। लेकिन पिता को दिए गए वचन की खातिर अपने निर्णय पर अटल रहते हैं। जिसके कारण भरत श्रीराम की पादुकाएं लेकर अयोध्या लौटे तो राम की वचन वद्धता और भरत का आग्रह देख श्रद्धालु भावुक हो उठे। राज सिंहासन पर भरत ने श्रीराम की चरण पादुकाएं रखीं और श्रीराम के आदेशों का अनुसरण किया। कार्यक्रम में विमल अग्रवाल, अरविंद कुमार, मानव महाजन, अनिल जैन, संदीप कुमार आदि लोग उपस्थित थे।
विज्ञापन
आज काली की शोभायात्रा निकलेगी
शुक्रवार शाम करीब 6 बजे अचलताल पर महाकाली की पूजन के बाद महाकाली की सवारी अचलेश्वर मंदिर से होती हुए हाथरस अड्डा, आर्यसमाज रोड, गांधी पार्क, मीरीमल चौक, अप्सरा सिनेमा, मालगोदाम चौक, बस अड्डा, जीटी रोड होती हुई अचल ताल पहुंचेगी।
विज्ञापन
कुंडल लेकर भागता युवक दबोचा
रामलीला के मंचन को श्रद्घालु देख रहे थे, इस दौरान एक युवक महिला के कान से कुंडल छीनकर भागने का प्रयास करने लगा तभी उसे दबोच लिया। पब्लिक के लोगाें ने आरोपी को जमकर पीटा और पुलिस के हवाले कर दिया। इस दौरान कई लोगाें की जेब से पर्स चोरी होने की भी घटनाएं हुई है।