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क्या सरकार सिर्फ जनता से कमाई करने के लिए है..?
Aligarh
Updated Thu, 12 Jun 2014 05:30 AM IST
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अलीगढ़। यह अलीगढ़ वालों की बदनसीबी है..? यह वक्त की मार..? केंद्र और राज्य सरकार को डेढ़ हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का सालाना कर देने के बाद भी 36 लाख की आबादी को दो दिन का सुख नहीं मिल रहा है। भीषण गरमी में जब पारा 46 के पास पहुंच रहा है तो बार-बार बिजली की ट्रिपिंग, लो वोल्टेज और स्थानीय कटौती से जीना मुहाल हो गया है। 24 घंटे में महज 14 से 15 घंटे की बिजली आपूर्ति मिल रही है। 10 घंटे बिजली नहीं मिलने से जनमानस बेहाल हो गया है। राज्य सरकार को बिजली, परिवहन, वाणिज्य कर, मनोरंजन कर, आबकारी सहित कई दूसरों मदाें से करों की प्राप्ति हो रही है तो केंद्र सरकार को आयकर, रेलवे, सेंट्रल एक्साइज, फारेन करंसी, शेयर बाजार के ट्रांजेक्शन सहित दूसरे मदों से करों की प्राप्ति हो रही है। लेकिन सालाना 1535 करोड़ रुपये देने वाले अलीगढ़ को सड़क, बिजली, पानी सहित कोई भी सुविधा सुचारू रूप से नहीं मिल पा रही है
1535 करोड़ रुपये देने वालों को दो दिन का सुख नहीं
बाक्स
1-बिजली विभाग से 591 करोड़
2-स्टांप रजिस्ट्रेशन से 269 करोड़
3-आबकारी विभाग से 296 करोड़
4-वाणिज्य कर विभाग से 213 करोड़
5-परिवहन विभाग से 58 करोड़
6-मनोरंजन विभाग से 5.40 करोड़
7-कृषि विपणन से 15 करोड़
8-सिंचाई विभाग से 07 करोड़
9-बैंक बकाया देयों से 15 करोड़
10-रेलवे से 30 करोड़
11-आयकर से 34 करोड़
(सभी आंकड़े रुपयों मे हैं और यह कलक्ट्रेट के कर एवं करेत्तर राजस्व तथा वित्तीय विवरण पत्र वित्तीय वर्ष 2013-14 के आधार पर दिए गए हैं)
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1535 करोड़ रुपये देने वालों को दो दिन का सुख नहीं
बाक्स
1-बिजली विभाग से 591 करोड़
2-स्टांप रजिस्ट्रेशन से 269 करोड़
3-आबकारी विभाग से 296 करोड़
4-वाणिज्य कर विभाग से 213 करोड़
5-परिवहन विभाग से 58 करोड़
6-मनोरंजन विभाग से 5.40 करोड़
7-कृषि विपणन से 15 करोड़
8-सिंचाई विभाग से 07 करोड़
9-बैंक बकाया देयों से 15 करोड़
10-रेलवे से 30 करोड़
11-आयकर से 34 करोड़
(सभी आंकड़े रुपयों मे हैं और यह कलक्ट्रेट के कर एवं करेत्तर राजस्व तथा वित्तीय विवरण पत्र वित्तीय वर्ष 2013-14 के आधार पर दिए गए हैं)