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धमकी में फंसे मीट निर्यातक और बिल्डर
Aligarh
Updated Fri, 25 Apr 2014 05:30 AM IST
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अलीगढ़। महानगर के आरटीआई एक्टिविस्ट व अधिवक्ता अनूप कौशिक पर हुए हमले से पहले धमकी मामले में महानगर के छह मीट निर्यातकों व एक बिल्डर पर मुकदमा दर्ज हो गया है। यह मुकदमा सिविल लाइंस थाने में दर्ज हुआ है। मगर डीआईजी के निर्देश पर धमकी व इसके बाद हुए हमले के मुकदमों की जांचें एटा जनपद को सौंप दी गई हैं, क्योंकि अनूप कौशिक ने सियासी प्रभाव में अपने जिले में न्याय न मिलने की बात अधिकारियों से कही थी।
बता दें कि अधिवक्ता अनूप कौशिक को एक गुमनाम खत के माध्यम से 3 अप्रैल को धमकी मिली थी कि वह कट्टी के खिलाफ जो आवाज बुलंद कर रहे हैं। उस पर चुप्पी साध लें, अन्यथा परिणाम अच्छे नहीं होंगे और मौत के घाट उतार दिया जाएगा। इसके दो दिन बाद यानि 5 अप्रैल को अनूप पर मैरिस रोड पर हमला हो गया। गोली उनके पेट में लगी, जिसका मुकदमा अज्ञात लोगों पर क्वारसी में दर्ज हो गया। उपचार के बाद दुरुस्त होने पर अनूप व तमाम आरटीआई एक्टिविस्ट डीआईजी से मिले और जिले में सियासी प्रभाव में यहां जांच सही ढंग से न होने की बात कही थी। साथ ही उनके पास आए धमकी भरे खत का मुकदमा दर्ज कराने की मांग भी रखी गई।
इसी आधार पर डीआईजी के निर्देश पर सिविल लाइंस पुलिस ने 23 अप्रैल को अनूप की ओर से मीट निर्यातक कंपनी एग्रो के एमडी सिराजुद्दीन कुरैशी, अलहम्द के हाजी मो.जहीर, फ्रिगेरिया कंजरबा अलआना के अफजल लतीफ, एचएमए के गुलजार अहमद कुरैशी, अल हसन के वजीरुद्दीन व एक अन्य के अलाउद्दीन के खिलाफ व काबेरी बिल्डर्स के एमडी योगेश गुप्ता के खिलाफ धारा 147, 506 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है, जिसमें आरोप है कि वह कट्टीघरों में अनियमितताओं व अवैध निर्माणों के खिलाफ आवाज उठाते रहते हैं। इसी से खफा होकर इन लोगों ने धमकी दी और बाद में उन पर हमला हो गया। इसमें सुरक्षा भी मांगी गई है। इस धमकी के साथ-साथ हमले के मुकदमे की जांच भी एटा भेज दी गई है।
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बता दें कि अधिवक्ता अनूप कौशिक को एक गुमनाम खत के माध्यम से 3 अप्रैल को धमकी मिली थी कि वह कट्टी के खिलाफ जो आवाज बुलंद कर रहे हैं। उस पर चुप्पी साध लें, अन्यथा परिणाम अच्छे नहीं होंगे और मौत के घाट उतार दिया जाएगा। इसके दो दिन बाद यानि 5 अप्रैल को अनूप पर मैरिस रोड पर हमला हो गया। गोली उनके पेट में लगी, जिसका मुकदमा अज्ञात लोगों पर क्वारसी में दर्ज हो गया। उपचार के बाद दुरुस्त होने पर अनूप व तमाम आरटीआई एक्टिविस्ट डीआईजी से मिले और जिले में सियासी प्रभाव में यहां जांच सही ढंग से न होने की बात कही थी। साथ ही उनके पास आए धमकी भरे खत का मुकदमा दर्ज कराने की मांग भी रखी गई।
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इसी आधार पर डीआईजी के निर्देश पर सिविल लाइंस पुलिस ने 23 अप्रैल को अनूप की ओर से मीट निर्यातक कंपनी एग्रो के एमडी सिराजुद्दीन कुरैशी, अलहम्द के हाजी मो.जहीर, फ्रिगेरिया कंजरबा अलआना के अफजल लतीफ, एचएमए के गुलजार अहमद कुरैशी, अल हसन के वजीरुद्दीन व एक अन्य के अलाउद्दीन के खिलाफ व काबेरी बिल्डर्स के एमडी योगेश गुप्ता के खिलाफ धारा 147, 506 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है, जिसमें आरोप है कि वह कट्टीघरों में अनियमितताओं व अवैध निर्माणों के खिलाफ आवाज उठाते रहते हैं। इसी से खफा होकर इन लोगों ने धमकी दी और बाद में उन पर हमला हो गया। इसमें सुरक्षा भी मांगी गई है। इस धमकी के साथ-साथ हमले के मुकदमे की जांच भी एटा भेज दी गई है।
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