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जिकरपुर से पद यात्रा, जेवर टोल पर कब्जा
Aligarh
Updated Thu, 15 Aug 2013 05:34 AM IST
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अलीगढ़/टप्पल/हजियापुर/ खुर्जा। जिकरपुर धरनास्थल पर बुधवार को तीसरा शहीद दिवस मनाया गया। बुलंद भाषणों के बीच दोपहर बाद एक्सप्रेस-वे के जेवर टोल प्लाजा पर किसानों ने कब्जा कर लिया। जमीन का मुआवजा और सालारपुर नोएडा में धरने पर बैठे किसानों के समर्थन में भाकियू के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने जेवर टोल प्लाजा पर कब्जा कर आधा घंटे के लिए टोल फ्र ी करा दिया था। भकियू के जेवर तहसील अध्यक्ष राजमल के नेतृत्व में किसान अधिग्रहित भूमि पर 64 फीसदी अतिरिक्त मुआवजे और किसानों के लिए टोल फ्री करने की मांग कर रहे थे। टोल प्लाजा पर किसानों के कब्जे की सूचना मिलते ही तहसील प्राधिकरण अधिकारियों में अफरातफरी मच गई। आनन-फ ानन में एसडीएम जेवर अंजू लता, एसडीएम सदर बच्चू सिंह, प्राधिकरण तहसीलदार सुरेशचंद्र शर्मा किसानों से वार्ता करने टोल प्लाजा पहुंचे। अफ सरों ने पांच दिन में समस्या के हल का आश्वासन देकर किसानों को शांत कराया। धरने में मास्टर श्यौराज, महेंद्र राघव, शमशाद, भवेश, जगत, कुंवरपाल, प्रवीण समेत सैकड़ों किसान शामिल रहे।
इधर, जिकरपुर में एहतियातन एसडीएम खैर कुमार विनीत, एसडीएम कोल विजय कुमार, एसपीआरए आशाराम यादव, सीओ खैर बले सिंह, एसओ टप्पल केपी सिंह और पीएसी के साथ आरएएफ के जवान तैनात रहे। यहां भी किसानों का आक्रोश भड़कने की आशंका था। धरना स्थल पर हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता विक्रम सिंह और संचालन देवदत्त ने संभाला। यहां पहुंचे किसान नेता मनवीर सिंह तेवतिया ने कहा कि वह जिकरपुर और किसानों का साथ कभी नहीं छोड़ेंगे। किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए वह सभी प्रयास करेंगे। उन्होंने अपनी पद यात्रा की शुरुआत करते हुए बताया कि वह पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और मध्यप्रदेश तक की यात्रा करेंगे। जिसमें कई शहरों को भ्रमण कर किसानों की समस्याएं जानेंगे। 30 जनवरी को दिल्ली के रामलीला मैदान में धरना करेंगे। इसके बाद भी अगर भूमि अधिग्रहण बिल में संशोधन की प्रमुख मांग पूरी नहीं हुई तो अनशन करेंगे। यहां पांच गांवों के किसानों ने तेवतिया को 21 हजार रुपये देकर उनकी पद यात्रा की शुरुआत कराई।
यहां पहुंचीं भाजपा की पूर्व सांसद शीला गौतम ने किसानों की लड़ाई में पूरा साथ देने का भरोसा दिलाया। भाजपा जिलाध्यक्ष चौ. देवराज सिंह और राजेश भारद्वाज ने किसानों को 21 हजार देकर शहीद स्मारक के निर्माण में सहयोग करने का भरोसा दिलाया। कांग्रेस के एमएलसी विवेक बसंल और पूर्व सांसद चौ. बिजेंद्र सिंह ने भी किसानों की लड़ाई को अपना समर्थन दिया। रालोद के विधायक भगवती प्रसाद सूर्यवंशी और दूसरे नेताआें ने भी हक की लड़ाई में साथ देने का भरोसा दिलाया। भाकियू के नेता अनिल तालान ने कहा कि किसानों को अपनी ताकत को पहचानना होगा। नेता चुनाव में बड़े-बड़े वादे कर मुकर जाते हैं। ऐसे नेताओं को सबक सिखाने की जरूरत है।
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उन्होंने खेत जोतने पर दर्ज हुए मुकदमे वापस लेने के साथ ही शहीद स्मारक को 2 की जगह 5 एकड़ जमीन देने की मांग उठाई। दूसरे वक्ताओं ने भी तीन साल के सफर और 2010 के खूनी संघर्ष की यादें साझा की, पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधवाया गया। यहां पर राजपाल शर्मा, अनिल तोमर, सुघर सिंह, वीरेंद्र सिंह, सुजान सिंह, राजवीर सिंह, राजेश तेवतिया, सुंदर सिंह बालयान, ओमपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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इधर, जिकरपुर में एहतियातन एसडीएम खैर कुमार विनीत, एसडीएम कोल विजय कुमार, एसपीआरए आशाराम यादव, सीओ खैर बले सिंह, एसओ टप्पल केपी सिंह और पीएसी के साथ आरएएफ के जवान तैनात रहे। यहां भी किसानों का आक्रोश भड़कने की आशंका था। धरना स्थल पर हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता विक्रम सिंह और संचालन देवदत्त ने संभाला। यहां पहुंचे किसान नेता मनवीर सिंह तेवतिया ने कहा कि वह जिकरपुर और किसानों का साथ कभी नहीं छोड़ेंगे। किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए वह सभी प्रयास करेंगे। उन्होंने अपनी पद यात्रा की शुरुआत करते हुए बताया कि वह पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और मध्यप्रदेश तक की यात्रा करेंगे। जिसमें कई शहरों को भ्रमण कर किसानों की समस्याएं जानेंगे। 30 जनवरी को दिल्ली के रामलीला मैदान में धरना करेंगे। इसके बाद भी अगर भूमि अधिग्रहण बिल में संशोधन की प्रमुख मांग पूरी नहीं हुई तो अनशन करेंगे। यहां पांच गांवों के किसानों ने तेवतिया को 21 हजार रुपये देकर उनकी पद यात्रा की शुरुआत कराई।
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यहां पहुंचीं भाजपा की पूर्व सांसद शीला गौतम ने किसानों की लड़ाई में पूरा साथ देने का भरोसा दिलाया। भाजपा जिलाध्यक्ष चौ. देवराज सिंह और राजेश भारद्वाज ने किसानों को 21 हजार देकर शहीद स्मारक के निर्माण में सहयोग करने का भरोसा दिलाया। कांग्रेस के एमएलसी विवेक बसंल और पूर्व सांसद चौ. बिजेंद्र सिंह ने भी किसानों की लड़ाई को अपना समर्थन दिया। रालोद के विधायक भगवती प्रसाद सूर्यवंशी और दूसरे नेताआें ने भी हक की लड़ाई में साथ देने का भरोसा दिलाया। भाकियू के नेता अनिल तालान ने कहा कि किसानों को अपनी ताकत को पहचानना होगा। नेता चुनाव में बड़े-बड़े वादे कर मुकर जाते हैं। ऐसे नेताओं को सबक सिखाने की जरूरत है।
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उन्होंने खेत जोतने पर दर्ज हुए मुकदमे वापस लेने के साथ ही शहीद स्मारक को 2 की जगह 5 एकड़ जमीन देने की मांग उठाई। दूसरे वक्ताओं ने भी तीन साल के सफर और 2010 के खूनी संघर्ष की यादें साझा की, पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधवाया गया। यहां पर राजपाल शर्मा, अनिल तोमर, सुघर सिंह, वीरेंद्र सिंह, सुजान सिंह, राजवीर सिंह, राजेश तेवतिया, सुंदर सिंह बालयान, ओमपाल सिंह आदि मौजूद रहे।