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फर्जी आईडी पर एकाउंट, फिर उड़ाए 16 लाख
Aligarh
Updated Sun, 19 May 2013 05:30 AM IST
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अलीगढ़ (ब्यूरो)। महानगर के सासनी गेट की सिंडिकेट बैंक शाखा से 16.40 लाख रुपये उड़ाने वाला बेहद शातिर दिमाग है। उसने पहले फर्जी आईडी पर इस बैंक शाखा में अपना एकाउंट खोला, इसके बाद नांगलोई दिल्ली की एक फर्म से जारी फर्जी चेक की मदद से 16.40 लाख रुपये निकाल लिए। नांगलोई की फर्म के स्वामी की खबर पर बैंक के कान खड़े हुए। मगर जिस पते से यह एकाउंट खोला गया है, उस पते पर यह फ्रॉड करने वाला नहीं मिल रहा।
सासनी गेट की सिंडिकेट बैंक शाखा के प्रबंधक कमल पुंडीर की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया है कि बाबू सिंह पुत्र खेम चंद्र नाम का व्यक्ति तीन मई को उनकी शाखा में आया और उसने अपना पता 9/11 घुड़ियाबाग बताते हुए बैंक में खाता खोला। इस खाते में गवाह के रूप में महताब नगर खैर रोड के एक व्यक्ति ने हस्ताक्षर किए थे, जो घुड़ियाबाग शाखा में उपभोक्ता हैं। एकाउंट खोलते समय बाबू सिंह की ओर से भारत निर्वाचन आयोग का मतदाता पहचान पत्र और राशन कार्ड दिया गया। इसके बाद 17 मई को बाबू सिंह ने एक चेक 16.40 लाख रुपये का अपने एकाउंट में दिया। यह चेक 16 मई को जारी हुआ था और दिल्ली की नांगलोई शाखा से जुड़ी फर्म द्वारा जारी किया गया था। चूंकि चेक सीबीएस था, इस लिहाज से कुछ ही घंटों में दिल्ली की फर्म के एकाउंट से रकम बाबू सिंह के खाते में ट्रांसफर हो गई। यह रकम 11 और पांच लाख की किश्तों में उसी दिन बाबू सिंह और उसके बेटे ने अपने हस्ताक्षर कर निकाल ली। बाकी 1.40 लाख रुपये उसके एकाउंट में पड़े रहे। मगर कुछ ही घंटे में इतनी रकम निकलने पर नांगलोई की फर्म से जुड़े लोगों ने नांगलोई शाखा में संपर्क किया। बाद में ट्रेस हुआ कि वह चेक फर्जी था। अब बैंक अधिकारी सासनी गेट थाने में तहरीर देने पहुंचे।
बैंक प्रबंधक के अनुसार बाद में बारीकी से जांच में साफ हुआ है कि चेक किसी तरह बनाया गया है। साथ ही उस पते पर अब बाबू सिंह नहीं मिल रहा और उसका पता भी गलत पाया गया है। एसओ सासनी गेट के अनुसार मामले की जांच की जा रही है। उसके बाद रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
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सासनी गेट की सिंडिकेट बैंक शाखा के प्रबंधक कमल पुंडीर की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया है कि बाबू सिंह पुत्र खेम चंद्र नाम का व्यक्ति तीन मई को उनकी शाखा में आया और उसने अपना पता 9/11 घुड़ियाबाग बताते हुए बैंक में खाता खोला। इस खाते में गवाह के रूप में महताब नगर खैर रोड के एक व्यक्ति ने हस्ताक्षर किए थे, जो घुड़ियाबाग शाखा में उपभोक्ता हैं। एकाउंट खोलते समय बाबू सिंह की ओर से भारत निर्वाचन आयोग का मतदाता पहचान पत्र और राशन कार्ड दिया गया। इसके बाद 17 मई को बाबू सिंह ने एक चेक 16.40 लाख रुपये का अपने एकाउंट में दिया। यह चेक 16 मई को जारी हुआ था और दिल्ली की नांगलोई शाखा से जुड़ी फर्म द्वारा जारी किया गया था। चूंकि चेक सीबीएस था, इस लिहाज से कुछ ही घंटों में दिल्ली की फर्म के एकाउंट से रकम बाबू सिंह के खाते में ट्रांसफर हो गई। यह रकम 11 और पांच लाख की किश्तों में उसी दिन बाबू सिंह और उसके बेटे ने अपने हस्ताक्षर कर निकाल ली। बाकी 1.40 लाख रुपये उसके एकाउंट में पड़े रहे। मगर कुछ ही घंटे में इतनी रकम निकलने पर नांगलोई की फर्म से जुड़े लोगों ने नांगलोई शाखा में संपर्क किया। बाद में ट्रेस हुआ कि वह चेक फर्जी था। अब बैंक अधिकारी सासनी गेट थाने में तहरीर देने पहुंचे।
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बैंक प्रबंधक के अनुसार बाद में बारीकी से जांच में साफ हुआ है कि चेक किसी तरह बनाया गया है। साथ ही उस पते पर अब बाबू सिंह नहीं मिल रहा और उसका पता भी गलत पाया गया है। एसओ सासनी गेट के अनुसार मामले की जांच की जा रही है। उसके बाद रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
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