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बिना प्रपत्रों के हुई गुजरात की बस की फिटनेस
Updated Mon, 16 Jul 2018 02:28 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
बिना प्रपत्रों के स्कूलों में चल रहे वाहनों पर आरटीओ ने कार्यवाही शुरू कर दी है। इन स्कूली बसों के मालिक आरटीओ कार्यालय के अधिकारियों की मिली भगत से दूसरे प्रांत से बसों को खरीदकर यहां फिटनेस करा लेते हैं। ऐसा ही एक मामला आरटीओ (प्रवर्तन) निर्मल प्रसाद ने पकड़ा है।
उन्होंने इस संबंध में एआरटीओ (प्रशासन) रंजीत सिंह को 16 जुलाई तक मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट देने के लिए आदेश दिए हैं।
विदित हो कि 12 जुर्लाई को एक अभिभावक ने आरटीओ (ई) निर्मल प्रसाद से एक स्कूल की बसों की दयनीय हालत के बारे में शिकायत की। अभिभावक ने बताया कि बस को धक्का लगाकर स्टार्ट किया जाता है। इस पर आरटीओ (प्रवर्तन) एआरटीओ (प्रवर्तन) अमिताभ चतुर्वेदी के साथ स्कूल में पहुंच गए। यहां उन्होंने स्कूली वाहनों के देखा तो वह ठीक मिले।
अधिकारियों ने अनुबंधित वाहनों की सूची मांगी। इसमें शिकायतकर्ता द्वारा बताई गई गोल्डन ऐरो बस सर्विस की बसों के नंबर मिले। काफी कठिनाई से यह वाहन पकड़ में आए। कागजों को देखा तो उक्त बसें गुजरात से खरीदकर लाई गई थीं और यहां बिना प्रपत्रों के ही संचालित की जा रही थीं।
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बकौल आरटीओ (ई) बसों मालिक के पास हाल ही में जारी हुआ फिटनेस सर्टिफिकेट भी था, जबकि बस की हालत ऐसी थी कि उसे किसी भी दशा में फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं दिया जा सकता है। इस मामले में उन्होंने एआरटीओ रंजीत सिंह को 16 जुलाई तक बसों का भौतिक निरीक्षण के बाद जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। एआरटीओ प्रशासन की रिपोर्ट आने के बाद ही बस मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
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बिना प्रपत्रों के स्कूलों में चल रहे वाहनों पर आरटीओ ने कार्यवाही शुरू कर दी है। इन स्कूली बसों के मालिक आरटीओ कार्यालय के अधिकारियों की मिली भगत से दूसरे प्रांत से बसों को खरीदकर यहां फिटनेस करा लेते हैं। ऐसा ही एक मामला आरटीओ (प्रवर्तन) निर्मल प्रसाद ने पकड़ा है।
उन्होंने इस संबंध में एआरटीओ (प्रशासन) रंजीत सिंह को 16 जुलाई तक मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट देने के लिए आदेश दिए हैं।
विदित हो कि 12 जुर्लाई को एक अभिभावक ने आरटीओ (ई) निर्मल प्रसाद से एक स्कूल की बसों की दयनीय हालत के बारे में शिकायत की। अभिभावक ने बताया कि बस को धक्का लगाकर स्टार्ट किया जाता है। इस पर आरटीओ (प्रवर्तन) एआरटीओ (प्रवर्तन) अमिताभ चतुर्वेदी के साथ स्कूल में पहुंच गए। यहां उन्होंने स्कूली वाहनों के देखा तो वह ठीक मिले।
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अधिकारियों ने अनुबंधित वाहनों की सूची मांगी। इसमें शिकायतकर्ता द्वारा बताई गई गोल्डन ऐरो बस सर्विस की बसों के नंबर मिले। काफी कठिनाई से यह वाहन पकड़ में आए। कागजों को देखा तो उक्त बसें गुजरात से खरीदकर लाई गई थीं और यहां बिना प्रपत्रों के ही संचालित की जा रही थीं।
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बकौल आरटीओ (ई) बसों मालिक के पास हाल ही में जारी हुआ फिटनेस सर्टिफिकेट भी था, जबकि बस की हालत ऐसी थी कि उसे किसी भी दशा में फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं दिया जा सकता है। इस मामले में उन्होंने एआरटीओ रंजीत सिंह को 16 जुलाई तक बसों का भौतिक निरीक्षण के बाद जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। एआरटीओ प्रशासन की रिपोर्ट आने के बाद ही बस मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।