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सीमा वृद्धि मामले में हाईकोर्ट नहीं जाएगा प्रधान संगठन
Updated Fri, 01 Sep 2017 01:47 AM IST
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सीमा वृद्धि मामले में हाईकोर्ट नहीं जाएगा प्रधान संगठन
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
नगर निगम की सीमा वृद्धि के दायरे में आने वाले गांवों के प्रधानों के समर्थन में एक दिन पहले तक हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने का ऐलान करने वाले अखिल भारतीय प्रधान संगठन ने अपने कदम वापस खींच लिए हैं। संगठन के पदाधिकारियों ने कुछ गांवों का दौरा कर व जनता की राय लेने के बाद हाईकोर्ट जाने का इरादा बदल दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि हम जनहित को देखते हुए चंद प्रधानों के हित की खातिर हाईकोर्ट नहीं जाएंगे।
नगर निगम द्वारा हाल ही में जारी नोटिफिकेशन में निगम की सीमा से सटे 22 गांव तथा तीन गांवों का आंशिक भाग समाहित किया है। इसके विरोध में प्रभावित गांवों के प्रधानों के साथ प्रधान संगठन खड़ा हो गया था। संगठन ने इस मामले में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने का ऐलान किया था। इससे प्रशासन एवं नगर निगम हलकों में थोड़ी घबराहट की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। गुरुवार को संगठन के पदाधिकारियों ने ग्रामीणों के आग्रह पर गांव किढ़ारा व मंजूरगढ़ी समेत कुछ अन्य गांवों का दौरा किया। इस दौरान ग्रामीणों से बातचीत कर राय ली गई। अधिकांश ग्रामीण सीमा वृद्धि से खुश नजर आए।
संगठन के महासचिव मनोज सिंह ने बताया कि ग्रामीण नगर निगम की सीमा में आने से बेहद खुश हैं और चहुंमुखी विकास की उम्मीद पालने लगे हैं। उनकी भावनाओं को ध्यान में रखते हुए संगठन ने हाईकोर्ट जाने का इरादा बदल दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हमें जनता ने चुना है और चंद प्रधान साथियों के हित के लिए हम जन हित के आदेश की अवहेलना नहीं कर सकते। निगम की सीमा में आने से ग्रामों का विकास होगा।
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हाईकोर्ट से भी नहीं मिल सकेगी प्रधानों को मदद
अलीगढ़। नगर निगम द्वारा सीमा वृद्धि मामले को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का मन बना रहे प्रधानों को न्यायालय से भी राहत नहीं मिल सकेगी। दरअसल निगम द्वारा सीमा विस्तार के लिए नोटिफिकेशन जारी करते हुए प्रधानों से भी राय ली गई थी। एक बार सहमति देने के बाद प्रधान इससे मुकर नहीं सकते।
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19 ग्रामों के विकास कार्यो पर खर्च होंगे 1.75 अरब-दलवीर
अलीगढ। बरौली विधायक के प्रवक्ता सुशील गुप्ता ने बताया कि बरौली विधायक ठा. दलवीर सिंह द्वारा जनता की आवश्यकता को समझते हुए इन ग्रामों को नगर निगम में सम्मिलित कराया गया है। इन 19 ग्रामों के विकास कार्यों के लिए एक अरब 75 करोड़ रुपये की मांग शासन से की गई है। ग्राम पंचायत रहते इन बस्तियों में इतना बड़ा बजट निकट कई वर्षों में संभव नही था। कुछ लोगों द्वारा जनता को भ्रमित किया जा रहा है कि पटवारी नगला आदि को जानबूझकर इस प्रस्ताव में सम्मिलित नहीं किया गया है। आरोप लगाने वाले लोगों को जानकारी नहीं है कि पटवारी नगला के नाम से कोई राजस्व ग्राम नहीं है। इसका मूल नाम रामगढ़ पंजीपुर है, जिसको इस सीमा विस्तार में सम्मिलित किया गया है। नगर निगम में सम्मिलित किये गये ग्राम सारसौल, बरौला, ऐलमपुर, धनीपुर, रामगढ़ पंजूपुर, महेशपुर, धौर्रामाफी आदि के सैकड़ों ग्रामवासी बरौली विधायक दलवीर सिंह के आवास पर उनसे मिले और उन्हें धन्यवाद दिया। युवा भाजपा नेता ठा. राकेश सिंह ने कहा कि कुछ नेता अपने निजी स्वार्थ के लिए सीमा वृद्धि का विरोध कर रहे हैं।
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
नगर निगम की सीमा वृद्धि के दायरे में आने वाले गांवों के प्रधानों के समर्थन में एक दिन पहले तक हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने का ऐलान करने वाले अखिल भारतीय प्रधान संगठन ने अपने कदम वापस खींच लिए हैं। संगठन के पदाधिकारियों ने कुछ गांवों का दौरा कर व जनता की राय लेने के बाद हाईकोर्ट जाने का इरादा बदल दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि हम जनहित को देखते हुए चंद प्रधानों के हित की खातिर हाईकोर्ट नहीं जाएंगे।
नगर निगम द्वारा हाल ही में जारी नोटिफिकेशन में निगम की सीमा से सटे 22 गांव तथा तीन गांवों का आंशिक भाग समाहित किया है। इसके विरोध में प्रभावित गांवों के प्रधानों के साथ प्रधान संगठन खड़ा हो गया था। संगठन ने इस मामले में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने का ऐलान किया था। इससे प्रशासन एवं नगर निगम हलकों में थोड़ी घबराहट की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। गुरुवार को संगठन के पदाधिकारियों ने ग्रामीणों के आग्रह पर गांव किढ़ारा व मंजूरगढ़ी समेत कुछ अन्य गांवों का दौरा किया। इस दौरान ग्रामीणों से बातचीत कर राय ली गई। अधिकांश ग्रामीण सीमा वृद्धि से खुश नजर आए।
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संगठन के महासचिव मनोज सिंह ने बताया कि ग्रामीण नगर निगम की सीमा में आने से बेहद खुश हैं और चहुंमुखी विकास की उम्मीद पालने लगे हैं। उनकी भावनाओं को ध्यान में रखते हुए संगठन ने हाईकोर्ट जाने का इरादा बदल दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हमें जनता ने चुना है और चंद प्रधान साथियों के हित के लिए हम जन हित के आदेश की अवहेलना नहीं कर सकते। निगम की सीमा में आने से ग्रामों का विकास होगा।
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हाईकोर्ट से भी नहीं मिल सकेगी प्रधानों को मदद
अलीगढ़। नगर निगम द्वारा सीमा वृद्धि मामले को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का मन बना रहे प्रधानों को न्यायालय से भी राहत नहीं मिल सकेगी। दरअसल निगम द्वारा सीमा विस्तार के लिए नोटिफिकेशन जारी करते हुए प्रधानों से भी राय ली गई थी। एक बार सहमति देने के बाद प्रधान इससे मुकर नहीं सकते।
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19 ग्रामों के विकास कार्यो पर खर्च होंगे 1.75 अरब-दलवीर
अलीगढ। बरौली विधायक के प्रवक्ता सुशील गुप्ता ने बताया कि बरौली विधायक ठा. दलवीर सिंह द्वारा जनता की आवश्यकता को समझते हुए इन ग्रामों को नगर निगम में सम्मिलित कराया गया है। इन 19 ग्रामों के विकास कार्यों के लिए एक अरब 75 करोड़ रुपये की मांग शासन से की गई है। ग्राम पंचायत रहते इन बस्तियों में इतना बड़ा बजट निकट कई वर्षों में संभव नही था। कुछ लोगों द्वारा जनता को भ्रमित किया जा रहा है कि पटवारी नगला आदि को जानबूझकर इस प्रस्ताव में सम्मिलित नहीं किया गया है। आरोप लगाने वाले लोगों को जानकारी नहीं है कि पटवारी नगला के नाम से कोई राजस्व ग्राम नहीं है। इसका मूल नाम रामगढ़ पंजीपुर है, जिसको इस सीमा विस्तार में सम्मिलित किया गया है। नगर निगम में सम्मिलित किये गये ग्राम सारसौल, बरौला, ऐलमपुर, धनीपुर, रामगढ़ पंजूपुर, महेशपुर, धौर्रामाफी आदि के सैकड़ों ग्रामवासी बरौली विधायक दलवीर सिंह के आवास पर उनसे मिले और उन्हें धन्यवाद दिया। युवा भाजपा नेता ठा. राकेश सिंह ने कहा कि कुछ नेता अपने निजी स्वार्थ के लिए सीमा वृद्धि का विरोध कर रहे हैं।