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अलीगढ़ में महिला प्रधान पर 8.5 लाख गबन का आरोप
Updated Sat, 22 Jul 2017 02:19 AM IST
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8.5 लाख के गबन में प्रधान नीतू ने दाखिल किया जवाब
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
गबन के आरोपों में फंसी विकास खंड टप्पल के गांव उसरह रसूलपुर की प्रधान नीतू सिंह की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। जिलाधिकारी की ओर से उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी हो चुका है। प्रधान की तरफ से आरोपों का जवाब दाखिल कर दिया गया है। अब फैसला आने का इंतजार है।
गांव उसरह रसूलपुर निवासी संजय कुमार ने प्रधान नीतू सिंह व सचिव पर ग्राम विकास एवं मनरेगा का सरकारी धन हड़पने एवं मनरेगा के अंतर्गत कोई काम न कराने, फर्जी कागजातों के आधार पर बैंक से साढ़े आठ लाख रुपया निकालने एवं ग्राम पंचायत की एक भी बैठक न कराने का आरोप लगाया था।
इस मामले में जिला विद्यालय निरीक्षक को जांच अधिकारी नामित किया गया था। जांच में प्रधान एवं सचिव को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया था।
नीतू ने आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि मैंने सभी काम सही कराए हैं। इनके फोटोग्राफ और बिल के साथ ग्राम पंचायत की बैठक में भाग लेने वाले सदस्यों के शपथ पत्र भी लगाए हैं।
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प्रधान पति मोहित ने बताया कि हमने मनरेगा योजना में 8.50 लाख रुपये के विकास कार्यों का एस्टीमेट, फोटोग्राफ आदि जवाब के साथ संलग्न किए हैं।
मृत व्यक्तियों की मस्टरौल से पैसा हड़पने के मामले में कहा कि यह काम शासन स्तर से तय होते हैं और पैसा भी सीधे मनरेगा श्रमिक के खाते में जाता है। इसमें हेराफेरी का सवाल ही नहीं है। संबंधित कागजात डीपीआरओ को दे दिए गए हैं।
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
गबन के आरोपों में फंसी विकास खंड टप्पल के गांव उसरह रसूलपुर की प्रधान नीतू सिंह की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। जिलाधिकारी की ओर से उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी हो चुका है। प्रधान की तरफ से आरोपों का जवाब दाखिल कर दिया गया है। अब फैसला आने का इंतजार है।
गांव उसरह रसूलपुर निवासी संजय कुमार ने प्रधान नीतू सिंह व सचिव पर ग्राम विकास एवं मनरेगा का सरकारी धन हड़पने एवं मनरेगा के अंतर्गत कोई काम न कराने, फर्जी कागजातों के आधार पर बैंक से साढ़े आठ लाख रुपया निकालने एवं ग्राम पंचायत की एक भी बैठक न कराने का आरोप लगाया था।
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इस मामले में जिला विद्यालय निरीक्षक को जांच अधिकारी नामित किया गया था। जांच में प्रधान एवं सचिव को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया था।
नीतू ने आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि मैंने सभी काम सही कराए हैं। इनके फोटोग्राफ और बिल के साथ ग्राम पंचायत की बैठक में भाग लेने वाले सदस्यों के शपथ पत्र भी लगाए हैं।
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प्रधान पति मोहित ने बताया कि हमने मनरेगा योजना में 8.50 लाख रुपये के विकास कार्यों का एस्टीमेट, फोटोग्राफ आदि जवाब के साथ संलग्न किए हैं।
मृत व्यक्तियों की मस्टरौल से पैसा हड़पने के मामले में कहा कि यह काम शासन स्तर से तय होते हैं और पैसा भी सीधे मनरेगा श्रमिक के खाते में जाता है। इसमें हेराफेरी का सवाल ही नहीं है। संबंधित कागजात डीपीआरओ को दे दिए गए हैं।