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नगर निगम ने 60 अवैध होर्डिंगों के ढांचे काटे
Updated Wed, 19 Jul 2017 01:38 AM IST
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नगर निगम ने 60 अवैध होर्डिंगों के ढांचे काटे
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़
नगर निगम ने अवैध होर्डिंग लगाने वालों पर शिकंजा कसते हुए करीब 60 इस तरह की साइटों के ढांचे काट दिए। नगर निगम अधिकारियों का दावा है कि अभी यह अभियान जारी रहेगा। अवैध होर्डिंग्स के चलते नगर निगम को लगातार राजस्व की हानि हो रही है।
नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डॉ. संजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का शहरों में अवैध होर्डिंग्स को लेकर कड़ा रुख है। इसके साथ ही वह भवन जो कि गिरासू अवस्था में हैं और उन पर भीमकाय होर्डिंग लगे हुए हैं, उनको लेकर तो बेहद संवेदनशील स्थिति है। शासन का मानना है कि ऐसे भवनों पर होर्डिंग्स न सिर्फ भवन स्वामी बल्कि आसपास के लोगों की जान के लिए भी खतरा हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए अवैध होर्डिग्स के खिलाफ अभियान शुरू किया गया। देखा गया कि अवैध होर्डिंग वालों ने नगर निगम के समानांतर एक व्यवस्था विकसित कर ली है। जबकि किसी भी निजी भवन पर होर्डिंग आदि लगाने के लिए नगर निगम, निर्माण विभाग आदि से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होता है। साथ ही इंजीनियर से भी इस बात का सत्यापन कराना जरूरी होता है कि यह भवन इतने भार के ढांचे को झेल सकेगा या नहीं। उन्होंने बताया कि अभियान अभी जारी रहेगा। गौरतलब है कि पिछले दिनों बरसात आदि के दिनों में दुबे के पड़ाव पर एक ऐसे ही भवन पर लगा होर्डिंग गिर पड़ा था। संयोग से वह रात का समय था तो कोई जन हानि नहीं हुई।
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़
नगर निगम ने अवैध होर्डिंग लगाने वालों पर शिकंजा कसते हुए करीब 60 इस तरह की साइटों के ढांचे काट दिए। नगर निगम अधिकारियों का दावा है कि अभी यह अभियान जारी रहेगा। अवैध होर्डिंग्स के चलते नगर निगम को लगातार राजस्व की हानि हो रही है।
नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डॉ. संजीव कुमार सिन्हा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का शहरों में अवैध होर्डिंग्स को लेकर कड़ा रुख है। इसके साथ ही वह भवन जो कि गिरासू अवस्था में हैं और उन पर भीमकाय होर्डिंग लगे हुए हैं, उनको लेकर तो बेहद संवेदनशील स्थिति है। शासन का मानना है कि ऐसे भवनों पर होर्डिंग्स न सिर्फ भवन स्वामी बल्कि आसपास के लोगों की जान के लिए भी खतरा हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए अवैध होर्डिग्स के खिलाफ अभियान शुरू किया गया। देखा गया कि अवैध होर्डिंग वालों ने नगर निगम के समानांतर एक व्यवस्था विकसित कर ली है। जबकि किसी भी निजी भवन पर होर्डिंग आदि लगाने के लिए नगर निगम, निर्माण विभाग आदि से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होता है। साथ ही इंजीनियर से भी इस बात का सत्यापन कराना जरूरी होता है कि यह भवन इतने भार के ढांचे को झेल सकेगा या नहीं। उन्होंने बताया कि अभियान अभी जारी रहेगा। गौरतलब है कि पिछले दिनों बरसात आदि के दिनों में दुबे के पड़ाव पर एक ऐसे ही भवन पर लगा होर्डिंग गिर पड़ा था। संयोग से वह रात का समय था तो कोई जन हानि नहीं हुई।
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