{"_id":"5cc212f3bdec22140c42dccd","slug":"81556222707-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"679 आवेदकों को नहीं मिलीं आरटीई की सीटें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
679 आवेदकों को नहीं मिलीं आरटीई की सीटें
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा गुरुवार को आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के आवेदनों की लिस्ट जारी की। प्रतिष्ठित विद्यालयों में अधिक आवेदन होने के चलते विभाग द्वारा आनलाइन लॉटरी भी निकाली गई। ऐसे में जिले के 679 आवेदकों को सीट नहीं मिल पाई हैं। इसका प्रमुख कारण है कि इन आवेदनों में कोई और विद्यालय का विकल्प ही नहीं था।
बता दें कि बेसिक शिक्षा विभाग के माध्यम से आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीटों पर गरीब बच्चों को दाखिला दिया जाता है। इनकी पढ़ाई, फीस, ड्रेस, किताबें आदि सामान विद्यालय से ही मिलता है। विभाग द्वारा आंशिक राशि विद्यालयों के खातों में भेजी जाती है।
जिले में आरटीई के तहत 2216 आवेदन हुए थे। जिनमें से साफ्टवेयर द्वारा 2182 आवेदन चयनित किए गए। इन आवेदनों का जब वेरिफिकेशन हुआ तो 2060 आवेदन वैध पाये गए। इन आवेदनों में अधिकांश आवेदन चुनिंदा प्रतिष्ठित स्कूलों के लिए थे।
विज्ञापन
वहीं कई आवेदनों में तो अन्य विद्यालयों के विकल्प ही नहीं भरे गए। ऐसे में लॉटरी के माध्यम से 1381 बच्चों को तो सीट आवंटित हो गई। लेकिन 679 आवेदनों को सीट जारी नहीं हो सकी। यह अब अगले साल ही आवेदन हो सकते हैं।
30 को निकलेगी आफलाइन आवेदनों की लॉटरी
आरटीई के तहत 450 आवेदन आफलाइन जमा हुए थे। इनकी लॉटरी 30 अप्रैल को निकाली जाएगी। अगर इन आवेदनों में भी भरे हुए विद्यालय मांगे गए और अन्य विद्यालयों का विकल्प नहीं हुआ तो और भी तादात में आवेदन निरस्त होंगे।
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा गुरुवार को आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के आवेदनों की लिस्ट जारी की। प्रतिष्ठित विद्यालयों में अधिक आवेदन होने के चलते विभाग द्वारा आनलाइन लॉटरी भी निकाली गई। ऐसे में जिले के 679 आवेदकों को सीट नहीं मिल पाई हैं। इसका प्रमुख कारण है कि इन आवेदनों में कोई और विद्यालय का विकल्प ही नहीं था।
बता दें कि बेसिक शिक्षा विभाग के माध्यम से आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीटों पर गरीब बच्चों को दाखिला दिया जाता है। इनकी पढ़ाई, फीस, ड्रेस, किताबें आदि सामान विद्यालय से ही मिलता है। विभाग द्वारा आंशिक राशि विद्यालयों के खातों में भेजी जाती है।
विज्ञापन
जिले में आरटीई के तहत 2216 आवेदन हुए थे। जिनमें से साफ्टवेयर द्वारा 2182 आवेदन चयनित किए गए। इन आवेदनों का जब वेरिफिकेशन हुआ तो 2060 आवेदन वैध पाये गए। इन आवेदनों में अधिकांश आवेदन चुनिंदा प्रतिष्ठित स्कूलों के लिए थे।
विज्ञापन
वहीं कई आवेदनों में तो अन्य विद्यालयों के विकल्प ही नहीं भरे गए। ऐसे में लॉटरी के माध्यम से 1381 बच्चों को तो सीट आवंटित हो गई। लेकिन 679 आवेदनों को सीट जारी नहीं हो सकी। यह अब अगले साल ही आवेदन हो सकते हैं।
30 को निकलेगी आफलाइन आवेदनों की लॉटरी
आरटीई के तहत 450 आवेदन आफलाइन जमा हुए थे। इनकी लॉटरी 30 अप्रैल को निकाली जाएगी। अगर इन आवेदनों में भी भरे हुए विद्यालय मांगे गए और अन्य विद्यालयों का विकल्प नहीं हुआ तो और भी तादात में आवेदन निरस्त होंगे।