फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   300 किसानों के गैर जमानती वारंट जारी

300 किसानों के गैर जमानती वारंट जारी

Fri, 17 Aug 2018 02:16 AM IST
Updated Fri, 17 Aug 2018 02:16 AM IST
विज्ञापन
300 किसानों के गैर जमानती वारंट जारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
विज्ञापन


टप्पल के 300 किसानों के खिलाफ अदालत से गैर जमानती वारंट जारी हो गए हैं। इन किसानों को 25 अगस्त तक अदालत में पेश होने का आखिरी मौका दिया गया है, इसके बाद गिरफ्तारी होगी। खैर विधायक अनूप प्रधान इस प्रकरण में किसानों के प्रतिनिधियों के साथ गुरुवार को जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह से मिले।

जिलाधिकारी ने कहा है कि प्रकरण में जिला शासकीय अधिवक्ता से राय मांगी जा रही हैै। इसके बाद ही कोई कार्यवाही हो सकेगी। वहीं खैर विधायक अनूप प्रधान ने कहा है कि जिलाधिकारी ने भरोसा दिलाया है कि बेवजह किसानों को परेशान नहीं किया जाएगा। नियमानुसार जो मुकदमे वापस हो सकते हैं उनको वापस लेने की प्रक्रिया पूरी होगी। जिला प्रशासन किसानों के साथ है।
विज्ञापन


गौर हो कि वर्ष 2010 में खैर तहसील के टप्पल ब्लाक में यमुना एक्सप्रेस वे के पास की जमीनों का अधिग्रहण का मामला गरमाया था। जिसमें 14 अगस्त वर्ष 2010 को नोएडा के बराबर मुआवजे की मांग को लेकर खूनी संघर्ष हुआ था, इसमें तीन लोगों की दुखद मौत हो गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस हिंसक आंदोलन के बाद प्रदेश की तत्कालीन बसपा सरकार ने भूमि अधिग्रहण कानून को सख्ती से लागू कर किसानों से उनकी जमीन ले ली और नियमानुसार तय मुआवजा दे दिया। हालांकि ये मुआवजा नोएडा के बराबर नहीं था।

जिन किसानों ने उस वक्त जमीन नहीं दी उनके साथ एक समझौता किया गया। समझौते के मुताबिक इन किसानों को उनकी जमीन के मुताबिक फसली मुआवजा देना तय हुआ। तय हुआ कि एक हेक्टेयर जमीन पर 14 हजार 500 रुपये फसली मुआवजा दिया जाए।

जब तक इस मामले में कोई स्थायी फैसला नहीं होता है। किसान मान गए। जेपी ग्रुप ने किसानों को वर्ष 2013 तक केवल दो बार फसली मुआवजे का भुगतान किया और इसके बाद बंद कर दिया। किसान दोबारा से आंदोलनरत हो गए और उन्होंने अपनी जमीन जोतना शुरू कर दिया।

इस पर जेपी ग्रुप ने वर्ष 2013 में किसानों के खिलाफ टप्पल थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया। जिसमें लगभग 22 लोग नामजद हुए और 278 के करीब अज्ञात बताए गए। इसमें जहानगढ़, कनसेरा, जिकरपुर सहित अन्य गांवों के किसान शामिल हैं।


आरोप था कि किसानों ने जेपी द्वारा अधिग्रहित जमीन पर नाजायज रूप से खेती शुरू कर दी है। इस मुकदमे में अब किसानों के गैर जमानती वारंट जारी हो रहे हैं। जिस पर सियासत गरमा गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed