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तेल का खेल, तेल और ग्रीस के नमूने जांच के लिए भेजे
Updated Fri, 25 May 2018 12:09 AM IST
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हाथरस।
शहर के चामड़ गेट स्थित चौपइया वाला नोहरा में तीन गोदामों पर छापेमारी में बड़े पैमाने पर पकड़े गए मिट्टी के तेल, काले तेल, तारपीन के तेल एवं इनमें मिलावट करने के लिए बरामद पाउडर व अन्य सामान को आपूर्ति विभाग ने सीज कर दिया गया है। इन सभी तेलों के नमूने भी भरे गए हैं। इनको परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। जिला प्रशासन गुरुवार को पूरे दिन इस कार्रवाई के लिए आवश्यक तैयारियों में जुटा रहा, लेकिन देर शाम तक तेल के इस काले कारोबार के कर्ता-धर्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई जा सकी। इस काले कारोबार में पांच लोगों के नाम सामने आ रहे हैं।
आपूर्ति निरीक्षक सुमन सारस्वत ने बताया कि तीनों गोदामों से करीब 33 मिट्टी के तेल के ड्रम होने की जानकारी दी है। कुछ ड्रामों में काला तेल होने की भी जानकारी दी। इसके अलावा बोतलों में भरा हुआ तारपीन का तेल एवं इनमें मिक्स करने के लिए उपयोग किया जाने वाला पाउडर भी बरामद किया गया है। जिसके प्रयोग से मिट्टी के तेल को यह डीजल बनाने का काम किया जाता था।
इन लोगों द्वारा कुछ अन्य वस्तुएं मिलाकर नकली ग्रीस व काला तेल भी बनाया जा रहा था। उन्होंने बताया कि इन सभी मिले हुए द्रव्यों के नमूने भर लिए गए हैं। इन नमूनों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। उन्होंने बताया कि इस कारोबार में शामिल पांच लोगों के नाम सामने आए है।
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इन सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराए जाने की तैयारी की जा रही थी। उपजिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह के शहर से बाहर होने के कारण एफआईआर के लिए जरूरी औपचारिकताएं गुरुवार को पूरी नहीं हो सकी हैं। जल्द ही मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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शहर के चामड़ गेट स्थित चौपइया वाला नोहरा में तीन गोदामों पर छापेमारी में बड़े पैमाने पर पकड़े गए मिट्टी के तेल, काले तेल, तारपीन के तेल एवं इनमें मिलावट करने के लिए बरामद पाउडर व अन्य सामान को आपूर्ति विभाग ने सीज कर दिया गया है। इन सभी तेलों के नमूने भी भरे गए हैं। इनको परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। जिला प्रशासन गुरुवार को पूरे दिन इस कार्रवाई के लिए आवश्यक तैयारियों में जुटा रहा, लेकिन देर शाम तक तेल के इस काले कारोबार के कर्ता-धर्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई जा सकी। इस काले कारोबार में पांच लोगों के नाम सामने आ रहे हैं।
आपूर्ति निरीक्षक सुमन सारस्वत ने बताया कि तीनों गोदामों से करीब 33 मिट्टी के तेल के ड्रम होने की जानकारी दी है। कुछ ड्रामों में काला तेल होने की भी जानकारी दी। इसके अलावा बोतलों में भरा हुआ तारपीन का तेल एवं इनमें मिक्स करने के लिए उपयोग किया जाने वाला पाउडर भी बरामद किया गया है। जिसके प्रयोग से मिट्टी के तेल को यह डीजल बनाने का काम किया जाता था।
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इन लोगों द्वारा कुछ अन्य वस्तुएं मिलाकर नकली ग्रीस व काला तेल भी बनाया जा रहा था। उन्होंने बताया कि इन सभी मिले हुए द्रव्यों के नमूने भर लिए गए हैं। इन नमूनों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। उन्होंने बताया कि इस कारोबार में शामिल पांच लोगों के नाम सामने आए है।
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इन सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराए जाने की तैयारी की जा रही थी। उपजिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह के शहर से बाहर होने के कारण एफआईआर के लिए जरूरी औपचारिकताएं गुरुवार को पूरी नहीं हो सकी हैं। जल्द ही मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।