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दादों में गबन के मामले में एसएचओ को जांच के आदेश
Updated Fri, 18 May 2018 01:56 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
गांव दादों में एक अनधिकृत बैंक संचालन का काम करने वाले व्यक्ति द्वारा ग्रामीणों का पैसा लेकर फरार हो जाने के मामले में डीएम ने एसएचओ दादों को जांच की जिम्मेदारी दी है।
ग्रामीणों को सचेत किया है कि वे कोई भी प्रलोभन देने वाली स्कीम में अपना पैसा निवेश न करें। गुरुवार को जन सुनवाई के दौरान गांव के भगवानदास, अजय माहेश्वरी, तारिक, सुमित, कुंवरपाल, बच्चन सिंह, सर्वेश, सूरजपाल, अनिल आदि ने शिकायत की थी कि गांव में चंद्र किरन उर्फ पप्पू पंजाबी पुत्र रनवीर सिंह एक अनधिकृत बैंक का संचालन करता था।
इसमें वह जय हनुमान लेखा पुस्तिका के नाम से एफडी आदि का काम करता था। इसके अलावा गिरवी रखना, उधार लेना और देना, कमेटियां जमा करना तथा पांच वर्ष में धन दोगुना करने की एफडी भी करता था।
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उसकी बैंक में ग्रामीणों ने पैसा लगाया। जब वापस नहीं मिला तो उन्होंने दबाव बनाया। कई माह पूर्व उसने गांव दादों में तीन मंजिला मकान व दुकान की अपनी संपत्ति का विक्रय कर ग्रामीणों को उनका पैसा वापस करने का भरोसा दिलाया था।
उप निबंधक कार्यालय की आपत्ति के बावजूद उसने मुसाहिद पुत्र सब्बन कुरैशी एवं कासिम पुत्र सब्बन कुरैशी के सहयोग से मकान व दुकान को बेच दिया और परिवार समेत फरार हो गया।
वह ग्रामीणों को कब्जा देना चाहता था, लेकिन मुसाहिद एवं कासिम ऐसा नहीं होने दे रहे हैं। इस मामले में थाना दादों में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। उन्होंने डीएम से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है
। इसके अलावा डीएम ने जनसुनवाई के दौरान लगभग 40 शिकायतकर्ता की समस्याएं सुनी। अतिक्रमण व कब्जों की शिकायतें अधिक प्राप्त होने पर उन्होंने उप जिलाधिकारियों को दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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गांव दादों में एक अनधिकृत बैंक संचालन का काम करने वाले व्यक्ति द्वारा ग्रामीणों का पैसा लेकर फरार हो जाने के मामले में डीएम ने एसएचओ दादों को जांच की जिम्मेदारी दी है।
ग्रामीणों को सचेत किया है कि वे कोई भी प्रलोभन देने वाली स्कीम में अपना पैसा निवेश न करें। गुरुवार को जन सुनवाई के दौरान गांव के भगवानदास, अजय माहेश्वरी, तारिक, सुमित, कुंवरपाल, बच्चन सिंह, सर्वेश, सूरजपाल, अनिल आदि ने शिकायत की थी कि गांव में चंद्र किरन उर्फ पप्पू पंजाबी पुत्र रनवीर सिंह एक अनधिकृत बैंक का संचालन करता था।
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इसमें वह जय हनुमान लेखा पुस्तिका के नाम से एफडी आदि का काम करता था। इसके अलावा गिरवी रखना, उधार लेना और देना, कमेटियां जमा करना तथा पांच वर्ष में धन दोगुना करने की एफडी भी करता था।
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उसकी बैंक में ग्रामीणों ने पैसा लगाया। जब वापस नहीं मिला तो उन्होंने दबाव बनाया। कई माह पूर्व उसने गांव दादों में तीन मंजिला मकान व दुकान की अपनी संपत्ति का विक्रय कर ग्रामीणों को उनका पैसा वापस करने का भरोसा दिलाया था।
उप निबंधक कार्यालय की आपत्ति के बावजूद उसने मुसाहिद पुत्र सब्बन कुरैशी एवं कासिम पुत्र सब्बन कुरैशी के सहयोग से मकान व दुकान को बेच दिया और परिवार समेत फरार हो गया।
वह ग्रामीणों को कब्जा देना चाहता था, लेकिन मुसाहिद एवं कासिम ऐसा नहीं होने दे रहे हैं। इस मामले में थाना दादों में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। उन्होंने डीएम से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है
। इसके अलावा डीएम ने जनसुनवाई के दौरान लगभग 40 शिकायतकर्ता की समस्याएं सुनी। अतिक्रमण व कब्जों की शिकायतें अधिक प्राप्त होने पर उन्होंने उप जिलाधिकारियों को दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए।