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दुल्हन की तरह सज रहा एथलेटिक्स मैदान
Updated Sun, 04 Mar 2018 01:56 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के 65वें दीक्षांत समारोह की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। समारोह स्थल एथलेटिक्स मैदान को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। समारोह के मुख्य अतिथि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद हैं। वहीं, आंधी-बारिश की सूरत में कैनेडी हॉल को वैकल्पिक व्यवस्था में रखा गया है।
सात मार्च को दीक्षांत समारोह में 2891 स्नातक, 2094 स्नातकोत्तर, 25 एमफिल एवं 370 पीएचडी छात्रों को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। समारोह स्थल में लगभग 6 हजार अतिथियों के बैठने की व्यवस्था होगी।
समारोह होने में तीन दिन का समय बाकी है, इसलिए तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। वहीं, अतिथियों को निमंत्रण कार्ड बांटे जा रहे हैं। एएमयू एमआईसी प्रो. शाफे किदवई का कहना है कि अगर बारिश होती है तो वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर कैनेडी हॉल में समारोह होगा।
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वैसे, इसकी संभावना कम ही है। उधर, एएमयू पीआरओ उमर पीरजादा का कहना है कि सात मार्च का दिन विद्यार्थियों के लिए ऐतिहासिक दिन होगा। हर विद्यार्थी की ख्वाहिश होती है कि उसे राष्ट्रपति के हाथों या उनकी मौजूदगी में डिग्री, मेडल मिले। 32 साल बाद कोई राष्ट्रपति एएमयू में आ रहा है।
पूरी दुनिया की नजरें इस समय एएमयू पर लगी हैं। कुलपति प्रो. तारिक मंसूर के कार्यकाल के पहले दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति के आने से एएमयू बिरादरी को और ताकत मिलेगी।
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के 65वें दीक्षांत समारोह की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। समारोह स्थल एथलेटिक्स मैदान को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। समारोह के मुख्य अतिथि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद हैं। वहीं, आंधी-बारिश की सूरत में कैनेडी हॉल को वैकल्पिक व्यवस्था में रखा गया है।
सात मार्च को दीक्षांत समारोह में 2891 स्नातक, 2094 स्नातकोत्तर, 25 एमफिल एवं 370 पीएचडी छात्रों को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। समारोह स्थल में लगभग 6 हजार अतिथियों के बैठने की व्यवस्था होगी।
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समारोह होने में तीन दिन का समय बाकी है, इसलिए तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। वहीं, अतिथियों को निमंत्रण कार्ड बांटे जा रहे हैं। एएमयू एमआईसी प्रो. शाफे किदवई का कहना है कि अगर बारिश होती है तो वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर कैनेडी हॉल में समारोह होगा।
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वैसे, इसकी संभावना कम ही है। उधर, एएमयू पीआरओ उमर पीरजादा का कहना है कि सात मार्च का दिन विद्यार्थियों के लिए ऐतिहासिक दिन होगा। हर विद्यार्थी की ख्वाहिश होती है कि उसे राष्ट्रपति के हाथों या उनकी मौजूदगी में डिग्री, मेडल मिले। 32 साल बाद कोई राष्ट्रपति एएमयू में आ रहा है।
पूरी दुनिया की नजरें इस समय एएमयू पर लगी हैं। कुलपति प्रो. तारिक मंसूर के कार्यकाल के पहले दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति के आने से एएमयू बिरादरी को और ताकत मिलेगी।