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मिश्रित आबादी में पुलिस सुरक्षा में गोवर्धन पूजन
Updated Sat, 21 Oct 2017 01:30 AM IST
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मिश्रित आबादी में पुलिस सुरक्षा घेरे में गोवर्धन पूजन
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
सांप्रदायिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील महानगर में पिछले दो साल से गोवर्धन पूजा के दिन हुए सांप्रदायिक बवाल से पुलिस प्रशासनिक अमला सबक लिए हुए है। गुरुवार को ऐसी किसी घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके मद्देनजर मिश्रित आबादी वाले इलाकों में पुलिस सुरक्षा घेरे में गोवर्धन पूजन कराया गया और इसके बाद रात दस बजे तक आतिशबाजी भी पुलिस ने अपने सामने कराई। ताकि कहीं किसी तरह का बखेड़ा न खड़ा हो। देर रात तक थाना प्रभारी से लेकर वरिष्ठ अधिकारी तक पुराने शहर में पैदल भ्रमण करते रहे। बेवजह एक दूसरे के इलाके में घूम रहे युवकों से टोकाटाकी भी की जाती रही।
महानगर में गोवर्धन पूजा के दिन 2015 में देहली गेट के खटीकान पर सांप्रदायिक बवाल के दौरान जमकर पथराव फायरिंग हुई थी और गौरव नाम के युवक की हत्या हो गई थी। यह बवाल गोवर्धन पूजा की शाम दरवाजे पर खड़ी युवतियों से छेड़खानी को लेकर हुआ था। इसके बाद कई दिन तक शहर का माहौल तनावपूर्ण रहा और राजनीतिक उठापटक भी जारी रही। इसी तरह वर्ष 2016 में सासनी गेट के बाबरी मंडी में आतिशबाजी चलाने और दुकान पर बैठी युवती से छेड़खानी के मुद्दे ने तूल पकड़ा था और यहां भी दो पक्षों में पथराव के बाद पुलिस से कई घंटे तक फायरिंग हुई थी। इसमें कई पुलिसकर्मी व पब्लिक के लोग जख्मी हुए थे। इस घटना के बाद भी कई दिन तक शहर का माहौल तनावपूर्ण रहा था।
बीते दो वर्ष के इन दो कड़वे अनुभवों को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासनिक अमला इस बार मिश्रित आबादी वाले इलाकों में बेहद सतर्कता बरते हुए है। एक तरफ जहां सभी मिश्रित आबादी वाले प्वाइंटों, संवेदनशील प्वाइंटों पर 200 सिपाही थानों के अतिरिक्त लगाए गए। चार कंपनी पीएसी व दो कंपनी आरएएफ लगाई गई है। बाकायदा पिकैट बनाकर पुलिस बल की तैनाती की गई है। उन प्वाइंटों पर ज्यादा फोकस रखा गया है, जहां से एक दूसरे के इलाके में लोगों की आवाजाही रहती है। ताकि रास्ता निकलने या आने जाने के दौरान किसी तरह का विवाद न खड़ा हो। इसके अलावा थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी, क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी अपने-अपने इलाकों में पुलिस बल के साथ पैदल गश्त कर रहे हैं। खुद एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव भी देर रात तक लगातार भ्रमण करते रहे। रात में एसएसपी राजेश पांडेय ने भी पुराने शहर में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान सख्ती के निर्देश दिए गए।
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सीएम के हैं निर्देश, माहौल बिगड़ा तो खैर नहीं
त्योहार से दो दिन पहले खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग कर सांप्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील शहरों में तैनात पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों को यह ताकीद कर दी थी कि किसी भी स्थिति में माहौल न बिगड़ने पाए। आपको सुरक्षा इंतजाम के नाम पर जो करना है और जो चाहिए वह करें। अगर माहौल बिगड़ा तो फिर खैर नहीं।
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
सांप्रदायिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील महानगर में पिछले दो साल से गोवर्धन पूजा के दिन हुए सांप्रदायिक बवाल से पुलिस प्रशासनिक अमला सबक लिए हुए है। गुरुवार को ऐसी किसी घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके मद्देनजर मिश्रित आबादी वाले इलाकों में पुलिस सुरक्षा घेरे में गोवर्धन पूजन कराया गया और इसके बाद रात दस बजे तक आतिशबाजी भी पुलिस ने अपने सामने कराई। ताकि कहीं किसी तरह का बखेड़ा न खड़ा हो। देर रात तक थाना प्रभारी से लेकर वरिष्ठ अधिकारी तक पुराने शहर में पैदल भ्रमण करते रहे। बेवजह एक दूसरे के इलाके में घूम रहे युवकों से टोकाटाकी भी की जाती रही।
महानगर में गोवर्धन पूजा के दिन 2015 में देहली गेट के खटीकान पर सांप्रदायिक बवाल के दौरान जमकर पथराव फायरिंग हुई थी और गौरव नाम के युवक की हत्या हो गई थी। यह बवाल गोवर्धन पूजा की शाम दरवाजे पर खड़ी युवतियों से छेड़खानी को लेकर हुआ था। इसके बाद कई दिन तक शहर का माहौल तनावपूर्ण रहा और राजनीतिक उठापटक भी जारी रही। इसी तरह वर्ष 2016 में सासनी गेट के बाबरी मंडी में आतिशबाजी चलाने और दुकान पर बैठी युवती से छेड़खानी के मुद्दे ने तूल पकड़ा था और यहां भी दो पक्षों में पथराव के बाद पुलिस से कई घंटे तक फायरिंग हुई थी। इसमें कई पुलिसकर्मी व पब्लिक के लोग जख्मी हुए थे। इस घटना के बाद भी कई दिन तक शहर का माहौल तनावपूर्ण रहा था।
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बीते दो वर्ष के इन दो कड़वे अनुभवों को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासनिक अमला इस बार मिश्रित आबादी वाले इलाकों में बेहद सतर्कता बरते हुए है। एक तरफ जहां सभी मिश्रित आबादी वाले प्वाइंटों, संवेदनशील प्वाइंटों पर 200 सिपाही थानों के अतिरिक्त लगाए गए। चार कंपनी पीएसी व दो कंपनी आरएएफ लगाई गई है। बाकायदा पिकैट बनाकर पुलिस बल की तैनाती की गई है। उन प्वाइंटों पर ज्यादा फोकस रखा गया है, जहां से एक दूसरे के इलाके में लोगों की आवाजाही रहती है। ताकि रास्ता निकलने या आने जाने के दौरान किसी तरह का विवाद न खड़ा हो। इसके अलावा थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी, क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी अपने-अपने इलाकों में पुलिस बल के साथ पैदल गश्त कर रहे हैं। खुद एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव भी देर रात तक लगातार भ्रमण करते रहे। रात में एसएसपी राजेश पांडेय ने भी पुराने शहर में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान सख्ती के निर्देश दिए गए।
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सीएम के हैं निर्देश, माहौल बिगड़ा तो खैर नहीं
त्योहार से दो दिन पहले खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग कर सांप्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील शहरों में तैनात पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों को यह ताकीद कर दी थी कि किसी भी स्थिति में माहौल न बिगड़ने पाए। आपको सुरक्षा इंतजाम के नाम पर जो करना है और जो चाहिए वह करें। अगर माहौल बिगड़ा तो फिर खैर नहीं।