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सपा के बड़े नेता ने बचाई जिपं अध्यक्ष की कुर्सी : जमीरउल्लाह
Updated Thu, 12 Oct 2017 01:59 AM IST
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सपा के बड़े नेता ने बचाई जिपं अध्यक्ष की कुर्सी : जमीरउल्लाह
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
बसपा में शामिल हुए पूर्व सपा विधायक जमीरउल्लाह ने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष एवं भाजपा नेता उपेंद्र सिंह नीटू की कुर्सी बचाने के लिए सपा ने अंदरखाने सपोर्ट किया है। दिल्ली में सपा के राष्ट्रीय स्तर के नेता ने स्थानीय सपाई जिला पंचायत सदस्यों को अविश्वास प्रस्ताव में वोट नहीं करने का दबाव बनाया था। सपा के एक जिला पंचायत सदस्य ने मना किया तो उसे धमकी दी कि इंकार करने का मतलब समझते हो या नहीं? धमकी मिलने के बाद यह सदस्य भी खामोश हो गया।
बता दें कि अमर उजाला ने सात अक्तूबर के अंक में पेज नंबर चार पर इस खबर को ‘जिला पंचायत में सपा बनी संकटमोचक’ शीर्षक के साथ प्रमुखता से छापा था। बुधवार दोपहर हाथीडूबा स्थित अपने कार्यालय में जमीरउल्लाह ने पत्रकारों से कहा कि वह 25 साल तक सपा में रहे। पार्टी को अलीगढ़ में मजबूती से खड़ा किया। वर्ष 2007 और 2012 में लगातार दो बार विधायक बने, लेकिन जब जनता में उनकी लोकप्रियता चरम पर पहुंची तो अखिलेश यादव ने घरेलू विवाद में उनका टिकट काट दिया। नतीजा ये रहा कि वर्ष 2012 में अलीगढ़ से चार सीटें जीतने वाली सपा एक भी सीट नहीं बचा सकी। सपा की असलियत यही है ये मुसलमानों को धोखा देकर भाजपा को अंदर से मजबूत कर रही है। हाल ही में आगरा में हुए सपा के राष्ट्रीय अधिवेशन में पार्टी के सबसे कद्दावर मुसलिम नेता का भी दर्द सामने आया। जब उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से पूछा कि उनके मंच पर आने से पार्टी को कोई नुकसान तो नहीं होगा? दरअसल, ये मुसलिम नेता भी पार्टी में मुसलमानों की उपेक्षा से आहत हैं, इसलिए उन्होंने उक्त सवाल उठाया था।
जमीरउल्लाह ने कहा कि सपा वैसे तो भाजपा को अपना विरोधी बताती है, लेकिन भाजपा नेताओं को प्रदेश में विशेष अतिथि का दर्जा दिया जाता रहा। सैफई में होने वाली शादियों में भाजपा के तमाम बड़े नेताओं के साथ खुद पीएम मोदी आते रहे। अब वक्त आ गया है कि मुसलमान समझें कि उनका हित बसपा में हैं। सपा ने केवल मुसलमानों को टोपी पहना कर अपना हित साधा है। अकेले बहन मायावती ही मुसलमानों और दलितों के लिए संघर्ष कर रही हैं, क्योंकि उनका भाजपा से अंदरखाने कोई समझौता नहीं है। वह अकेली नेता हैं, जिन्होंने प्रदेश में 100 मुसलमानों को विधानसभा चुनाव में टिकट दिया। इस मौके पर शमीम सिद्दीकी, सतीश काका, हरिप्रकाश जाटव, मुश्ताक अहमद, फरहान सलमानी, हाफिज अब्बासी, बिल्लू चौहान आदि मौजूद रहे।
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
बसपा में शामिल हुए पूर्व सपा विधायक जमीरउल्लाह ने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष एवं भाजपा नेता उपेंद्र सिंह नीटू की कुर्सी बचाने के लिए सपा ने अंदरखाने सपोर्ट किया है। दिल्ली में सपा के राष्ट्रीय स्तर के नेता ने स्थानीय सपाई जिला पंचायत सदस्यों को अविश्वास प्रस्ताव में वोट नहीं करने का दबाव बनाया था। सपा के एक जिला पंचायत सदस्य ने मना किया तो उसे धमकी दी कि इंकार करने का मतलब समझते हो या नहीं? धमकी मिलने के बाद यह सदस्य भी खामोश हो गया।
बता दें कि अमर उजाला ने सात अक्तूबर के अंक में पेज नंबर चार पर इस खबर को ‘जिला पंचायत में सपा बनी संकटमोचक’ शीर्षक के साथ प्रमुखता से छापा था। बुधवार दोपहर हाथीडूबा स्थित अपने कार्यालय में जमीरउल्लाह ने पत्रकारों से कहा कि वह 25 साल तक सपा में रहे। पार्टी को अलीगढ़ में मजबूती से खड़ा किया। वर्ष 2007 और 2012 में लगातार दो बार विधायक बने, लेकिन जब जनता में उनकी लोकप्रियता चरम पर पहुंची तो अखिलेश यादव ने घरेलू विवाद में उनका टिकट काट दिया। नतीजा ये रहा कि वर्ष 2012 में अलीगढ़ से चार सीटें जीतने वाली सपा एक भी सीट नहीं बचा सकी। सपा की असलियत यही है ये मुसलमानों को धोखा देकर भाजपा को अंदर से मजबूत कर रही है। हाल ही में आगरा में हुए सपा के राष्ट्रीय अधिवेशन में पार्टी के सबसे कद्दावर मुसलिम नेता का भी दर्द सामने आया। जब उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से पूछा कि उनके मंच पर आने से पार्टी को कोई नुकसान तो नहीं होगा? दरअसल, ये मुसलिम नेता भी पार्टी में मुसलमानों की उपेक्षा से आहत हैं, इसलिए उन्होंने उक्त सवाल उठाया था।
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जमीरउल्लाह ने कहा कि सपा वैसे तो भाजपा को अपना विरोधी बताती है, लेकिन भाजपा नेताओं को प्रदेश में विशेष अतिथि का दर्जा दिया जाता रहा। सैफई में होने वाली शादियों में भाजपा के तमाम बड़े नेताओं के साथ खुद पीएम मोदी आते रहे। अब वक्त आ गया है कि मुसलमान समझें कि उनका हित बसपा में हैं। सपा ने केवल मुसलमानों को टोपी पहना कर अपना हित साधा है। अकेले बहन मायावती ही मुसलमानों और दलितों के लिए संघर्ष कर रही हैं, क्योंकि उनका भाजपा से अंदरखाने कोई समझौता नहीं है। वह अकेली नेता हैं, जिन्होंने प्रदेश में 100 मुसलमानों को विधानसभा चुनाव में टिकट दिया। इस मौके पर शमीम सिद्दीकी, सतीश काका, हरिप्रकाश जाटव, मुश्ताक अहमद, फरहान सलमानी, हाफिज अब्बासी, बिल्लू चौहान आदि मौजूद रहे।
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