Aligarh News: 75 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, वीर शहीदों के परिजन हुए सम्मानित, वीरों का हुआ वंदन
सरकार द्वारा शहीद भगत सिंह की मूर्ति एवं उनकी यादों को सजोंने के लिए पार्क का निर्माण कराया गया है। ठा. टोडर सिंह की यादों को संजोने के लिए ग्राम सडक का नाम उनके नाम पर रखा गया है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर राज्य विश्विद्यालय का नाम रखा गया है।
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आजादी का अमृत महोत्सव के समापन अवसर पर आयोजित "मेरी मांटी मेरा देश " अभियान के तहत कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर में रविवार को वीरों का वंदन शहीदों को नमन कार्यक्रम आयोजित किया गया । यहां बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया। जबकि जिले के 75 शहीदों के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों, सेना के शहीद जवानों के परिजनों को सम्मानित किया गया।
समारोह में सांसद सतीश गौतम ने कहा कि समूचे भारत में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को एक नई पहचान दिलायी है। प्रधानमंत्री की प्रेरणा से " मेरी मांटी मेरा देश " अभियान संचालित कर स्वतंत्रता संग्राम सैनानियों, वीर शहीदों को नमन किया जा रहा है। उन्होंने शहीद भगत सिंह द्वारा प्रवास किए ग्राम शादीपुर का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा शहीद भगत सिंह की मूर्ति एवं उनकी यादों को सजोंने के लिए पार्क का निर्माण कराया गया है। ठा. टोडर सिंह की यादों को संजोने के लिए ग्राम सडक का नाम उनके नाम पर रखा गया है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर राज्य विश्विद्यालय का नाम रखा गया है।
एमएलसी डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि आज भी लाखों स्वतंत्रता सेनानी ऐसे हैं, जिनके बारे में जानकारियां जुटाकर उनके नाम एवं परिवारों को सम्मान दिलाए जाने का कार्य वर्तमान सरकार द्वारा किया जा रहा है। कोल विधायक अनिल पाराशर ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं वीर शहीदों के परिजनों को नमन करते हुए कहा कि वर्तमान पीढी को स्वतंत्रता संग्राम एवं शहीदों की कुर्बानियों के बारे में जानने की आवश्यकता है।
डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने अभियान में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी। कार्यक्रम का शुभारंभ वीर शहीदों की आश्रित रजनी तोमर, संतोष शर्मा, सांसद सतीश गौतम, विधायक कोल अनिल पाराशर, शहर मुक्ता संजीव राजा, सीडीओ आकांक्षा राना ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिजन
अमरपाल सिंह, राजेन्द्र प्रसाद आर्या, कुमर पाल सिंह, कर्मवीर सिंह, राजकुमार सिंह, देवेन्द्र कुमार गुप्ता, राजेन्द्र सिंह चौहान, कुलदीप सचदेवा, सुबोध गाँधी, एस.के. श्रीवास्तव, विनोद कुमार गुप्ता, कर्मेन्द्र कुमार, हिमांशु गुप्ता, रमेश सिह चौहान, धर्मवीर सिंह, श्रीमती संतोष शर्मा, तस्कीन खालिद, विमला देवी, बबली देवी, रजनी तोमर, बीरेश चौधरी, राजपूत सिंह, विष्णु प्रसाद, किशन पाल सिंह, दिवेश चौधरी, श्रीमती नीलम पाठक, नवीनकुमार शर्मा, सलीम अहमद, अजित किशोर गुप्ता, उदय सिंह, नेम सिंह, रविन्द्र कुमार शर्मा, तुलाराम शर्मा, हरी सिंह कश्यप, राकेश कुमार शर्मा, पुष्पेन्द्र चौधरी, सुभाष चन्द्र वर्मा, दौज लक्ष्मी, मीनाक्षी देवी, मुन्नी देवी, राधेश्याम शर्मा, रिसाल सिंह यादव, जय चन्द वर्मा, विजेन्द्र सिंह, चन्द्रमान गौतम, मुकेश भारद्भुज, मनोज कुमार बंसल, अर्जन सिंह, गौतम सिंह, हरेंद्र चौहान, करुणा सिंह चौहान, कपिल चौधरी, सुरेन्द्र वार्ष्णेय, राजेन्द्र प्रताप सिंह, योगेन्द्र सिंह, मुकेश शर्मा, रोशन सिंह, हेमन्त कुमार शर्मा, सौरभ अग्रवाल, गौरव अग्रवाल, रनवीर सिंह, सुरेन्द शर्मा।
सेना में शहीद आश्रित
दानवीर सिंह पत्नी राजेश देवी, करतार सिंह पिता मुख्तियार सिंह, प्रेमपाल सिंह माताजी वीरामती देवी, जसवीर सिंह पत्नी सीमा देवी, अनुज कुमार पत्नी कविता देवी।
सीआरपीएफ शहीद आश्रित
शहीद भूपेंद्र सिंह की पत्नी पिंकी, बीके शर्मा की पत्नी विमलेश शर्मा, ओमप्रकाश की पत्नी शशि कला, नेत्रपाल सिंह की पत्नी सुमन देवी और जमीर उल हसन की बेटी रुबीना।