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यूपी बोर्ड परीक्षा में दशकों पुरानी जूते उतारने की अनैतिक परंपरा होगी खत्म

Thu, 21 Feb 2019 01:46 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 21 Feb 2019 01:46 AM IST
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यूपी बोर्ड परीक्षा में दशकों पुरानी जूते उतारने की अनैतिक परंपरा होगी खत्म
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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यूपी बोर्ड परीक्षा में दशकों पहले से चली आ रही एक अनैतिक परंपरा का आज से समापन हो जाएगा। यह परंपरा है परीक्षार्थियों से जूते उतरवाने की। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा परिषद की सचिव नीना श्रीवास्तव के आदेश पर डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने सभी केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दे दिए हैं। हालांकि अभी तक जूते उतरवाने का एक भी आदेश कभी जारी नहीं हुआ, फिर भी कुछ केंद्र संचालक जूते उतरवा देते हैं।


बताया जा रहा है कि जिले के लगभग 40 प्रतिशत परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों से जूते उतरवाकर कक्ष के बाहर रखवा दिए जाते हैं। ऐसे में परीक्षार्थी नंगे पैर ही परीक्षा देते थे। यह हालात वर्तमान में होने वाली परीक्षाओं में भी दिखे। लेकिन अब सचिव नीना श्रीवास्तव ने परीक्षार्थियों के जूते न उतरवाने के आदेश कर दिए हैं। इस आदेश के क्रम में डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने सभी परीक्षा केंद्रों के केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देशित कर दिया है कि परीक्षार्थियों के जूते परीक्षा से पूर्व उतरवाकर भली भांति जांच कर लें, लेकिन जूते उतरवाकर परीक्षा न दिलवाएं।
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मैने 2015 में यूपी बोर्ड परीक्षा के तहत इंटर की परीक्षाएं दी थीं। मुझे भली भांति याद है कि उस समय जूते उतरवाकर परीक्षाएं दिलवाई जाती थीं। इसलिए मैं स्लीपर पहनकर परीक्षा देने जाता था। - मोहित गोयल
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