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इस बार समय से उतर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराना भी होगी चुनौती
Updated Mon, 12 Mar 2018 02:28 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
जिस तरह से नकल पर नकेल लगाना इस बार भी जिले में प्रशासन और माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए चुनौती बना रहा। उसी तरह 15 दिन में यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करा लेना भी विभाग के लिए चुनौती साबित होगा। 17 मार्च से बोर्ड परीक्षा का मूल्यांकन शुरू होगा और यह काम 15 दिन में निपटाना होगा।
जिले में 5 विद्यालयों को मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है। वहीं सीसीटीवी कैमरे की जद में यह काम होगा। वहीं वित्तविहीन शिक्षक महासभा मूल्यांकन के काम का बहिष्कार क र आंदोलन की चेतावनी दे चुकी है। वैसे डीआईओएस का कहना है कि मूल्यांकन का काम सही समय पर निपट जाएगा और इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है।
इस बार बोर्ड परीक्षा में नकल पर नकेल लगाने के लिए प्रशासन व माध्यमिक शिक्षा विभाग ने पूरी ताकत झोंक दी है। इसके चलते रिकॉर्ड कार्रवाई भी हुई। रिकॉर्ड 65 हजार से ज्यादा परीक्षार्थियोें ने बोर्ड परीक्षा से किनारा भी कर लिया। अब मूल्यांकन का काम समय से निपटाना भी विभाग के लिए चुनौती होगा।
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यहां 17 मार्च से उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू होगा। अब परीक्षकों की लिस्ट भी अगले एक-दो दिन में आ जाएगी। यहां की उत्तर पुस्तिकाओं को बाहर भेजने की कार्रवाई भी सोमवार से शुरू हो जाएगी।
जिले में नौरंगीलाल जीआईसी, एसएमबी इंटर कॉलेज, गोपीराम पालीवाल इंटर कॉलेज, एचवी इंटर कॉलेजों के अलावा अग्रसेन इंटर कॉलेज हरदुआगंज को मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है। वहीं, वित्तविहीन शिक्षक महासभा ने मूल्यांकन काम का बहिष्कार करने की चेतावनी दे दी है और तीव्र आंदोलन की चेतावनी दे चुका है।
ऐसे में अधिकारियों को यह चिंता भी सता रही है कि कहीं कॉपी जांचने वाले शिक्षकों की संख्या कम न पड़ जाए और ऐन वक्त पर समय से कॉपियां न जंच पाएं। इसकी मुख्य वजह यह भी है कि अधिकारी इसे लेकर भी चौकन्ने हैं कि जिस तरह से बोर्ड परीक्षा के दौरान डिप्टी सीएम ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया था।
उसी तरह से कहीं मूल्यांकन केंद्रों का निरीक्षण करने वह न आ जाएं। इधर, डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा का कहना है कि जिले में पर्याप्त शिक्षक हैं। ऐसे में समय पर मूल्यांकन का काम समाप्त हो जाएगा। इसकी तैयारी की जा रही हैं।
पहले दिन से ही मूल्यांकन केंद्रों पर डाल दिए जाएंगे ताले
वित्त विहीन शिक्षक महासभा के प्रदेश महामंत्री नीरज शर्मा ने चेतावनी दी है कि वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षक खुद तो मूल्यांकन करेंगे ही नहीं, साथ ही वित्त पोषित विद्यालयों के शिक्षकों को मूल्यांकन नहीं करने देंगे। पहले दिन से ही मूल्यांकन केंद्रों पर ताले डाल दिए जाएंगे और महासभा जोरदार आंदोलन करेगी। उन्होेंने कहा है कि पिछली सरकार ने वित्तविहीन शिक्षकों कोे मानदेय दिया था, लेकिन इस सरकार ने वित्तविहीन शिक्षकोेें का मानदेय ही बंद कर दिया। ऐसे में सरकार से मांग है कि वह वित्त विहीन विद्यालयों के शिक्षकों को जीवकोपार्जन के लिए मासिक मानदेय दे।
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जिस तरह से नकल पर नकेल लगाना इस बार भी जिले में प्रशासन और माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए चुनौती बना रहा। उसी तरह 15 दिन में यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करा लेना भी विभाग के लिए चुनौती साबित होगा। 17 मार्च से बोर्ड परीक्षा का मूल्यांकन शुरू होगा और यह काम 15 दिन में निपटाना होगा।
जिले में 5 विद्यालयों को मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है। वहीं सीसीटीवी कैमरे की जद में यह काम होगा। वहीं वित्तविहीन शिक्षक महासभा मूल्यांकन के काम का बहिष्कार क र आंदोलन की चेतावनी दे चुकी है। वैसे डीआईओएस का कहना है कि मूल्यांकन का काम सही समय पर निपट जाएगा और इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है।
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इस बार बोर्ड परीक्षा में नकल पर नकेल लगाने के लिए प्रशासन व माध्यमिक शिक्षा विभाग ने पूरी ताकत झोंक दी है। इसके चलते रिकॉर्ड कार्रवाई भी हुई। रिकॉर्ड 65 हजार से ज्यादा परीक्षार्थियोें ने बोर्ड परीक्षा से किनारा भी कर लिया। अब मूल्यांकन का काम समय से निपटाना भी विभाग के लिए चुनौती होगा।
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यहां 17 मार्च से उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू होगा। अब परीक्षकों की लिस्ट भी अगले एक-दो दिन में आ जाएगी। यहां की उत्तर पुस्तिकाओं को बाहर भेजने की कार्रवाई भी सोमवार से शुरू हो जाएगी।
जिले में नौरंगीलाल जीआईसी, एसएमबी इंटर कॉलेज, गोपीराम पालीवाल इंटर कॉलेज, एचवी इंटर कॉलेजों के अलावा अग्रसेन इंटर कॉलेज हरदुआगंज को मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है। वहीं, वित्तविहीन शिक्षक महासभा ने मूल्यांकन काम का बहिष्कार करने की चेतावनी दे दी है और तीव्र आंदोलन की चेतावनी दे चुका है।
ऐसे में अधिकारियों को यह चिंता भी सता रही है कि कहीं कॉपी जांचने वाले शिक्षकों की संख्या कम न पड़ जाए और ऐन वक्त पर समय से कॉपियां न जंच पाएं। इसकी मुख्य वजह यह भी है कि अधिकारी इसे लेकर भी चौकन्ने हैं कि जिस तरह से बोर्ड परीक्षा के दौरान डिप्टी सीएम ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया था।
उसी तरह से कहीं मूल्यांकन केंद्रों का निरीक्षण करने वह न आ जाएं। इधर, डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा का कहना है कि जिले में पर्याप्त शिक्षक हैं। ऐसे में समय पर मूल्यांकन का काम समाप्त हो जाएगा। इसकी तैयारी की जा रही हैं।
पहले दिन से ही मूल्यांकन केंद्रों पर डाल दिए जाएंगे ताले
वित्त विहीन शिक्षक महासभा के प्रदेश महामंत्री नीरज शर्मा ने चेतावनी दी है कि वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षक खुद तो मूल्यांकन करेंगे ही नहीं, साथ ही वित्त पोषित विद्यालयों के शिक्षकों को मूल्यांकन नहीं करने देंगे। पहले दिन से ही मूल्यांकन केंद्रों पर ताले डाल दिए जाएंगे और महासभा जोरदार आंदोलन करेगी। उन्होेंने कहा है कि पिछली सरकार ने वित्तविहीन शिक्षकों कोे मानदेय दिया था, लेकिन इस सरकार ने वित्तविहीन शिक्षकोेें का मानदेय ही बंद कर दिया। ऐसे में सरकार से मांग है कि वह वित्त विहीन विद्यालयों के शिक्षकों को जीवकोपार्जन के लिए मासिक मानदेय दे।