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700 करोड़ का टैक्स और संसाधन कमजोर

Mon, 31 May 2021 12:52 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 31 May 2021 12:52 AM IST
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700 crore tax and resources weak
जिले के आबकारी विभाग से राज्य सरकार को सालाना लगभग सात सौ करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। विभाग में स्थानीय स्तर पर लगभग 32 लोगों का स्टाफ है, जिसे एक साल में ढाई करोड़ रुपये का वेतन व अन्य भत्ता मिलता है। विभागीय इंस्पेक्टरों के पास वाहन नहीं है तो विशेष हथियार भी नहीं हैं। जी हां बहुत कम संसाधनों के साथ आबकारी विभाग काम करता है। विभाग के पास स्टाफ, वाहन, हथियार, आफिस, गोदाम हर व्यवस्था का संकट है, लेकिन जुगाड़ से काम चल रहा है। आलम ये है कि कई किमी लंबे तहसील क्षेत्र खैर, गभाना, इगलास, अतरौली में एक-एक इंस्पेक्टर और तीन-तीन सिपाही की चार टीमें लगी हैं। तहसील कोल के शहरी इलाके में दो सेक्टर में भी उक्त अनुपात की दो टीमें तैनात रहती हैं। इन्हीं व्यवस्थाओं के बीच कर्मियों के अवकाश, दूसरे काम में भी ड्यूटी लगाई जाती है। इतने अभावों के बीच आबकारी विभाग कैसे काम करता होगा..? ऐसे में राजनीतिक संरक्षण प्राप्त सर्व सुविधा संपन्न शराब माफिया से कैसे मुकाबला होगा..? इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। जहरीले शराब कांड से हुई मौतों के बाद विभाग को इस ओर भी गंभीरता से सोचना होगा कि संसाधनों की कमी पूरा कर विभाग को अपडेट किया जाए। जिससे माफिया के खिलाफ सख्त अभियान चले और उनका पूरा नेटवर्क ध्वस्त किया जाए।
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आगरा से आए संयुक्त आबकारी आयुक्त आरएस पाठक ने कहा कि विभागीय संसाधन समय-समय पर अपडेट हो रहे हैं। उपलब्ध संसाधनों में ही काम करना है। आरोपियों को पकड़ना है। जिससे इस तरह के कांड करने की हिम्मत कोई न दिखा सके। शासन स्तर से इस मामले में बहुत सख्त कार्रवाई हो रही है। इधर, निलंबित हुए जिला आबकारी अधिकारी धीरज शर्मा ने कहा कि उपलब्ध संसाधनों में ही विभाग कार्रवाई कर रहा है। उन्हें जांच में सहयोग करने के लिए दफ्तर बुलाया जा रहा है। इसलिए वह आ रहे हैं। धीरज शर्मा ने बताया कि जिले में 249 देशी, 109 अंग्रेजी, 128 बीयर, 12 मॉडल शॉप हैं। सालाना 700 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। लगभग 32 लोगों का स्टाफ यहां तैनात है, जिसका तकरीबन ढाई करोड़ रुपये एक साल का वेतन भत्ता बनता है। हरेक तहसील स्तर पर एक इंस्पेक्टर तीन सिपाहियों की तैनाती रहती है। कुछ स्टाफ दफ्तर में नियुक्त है। वाहन और हथियार की किल्लत है। सिपाही आज भी डंडों के बल पर काम कर रहे हैं। इसके बाद भी हम यथासंभव हर शिकायत पर भौतिक जांच कराते रहे हैं। इस मामले में जहां भी गड़बड़ी हुई है, उसकी जांच जारी है।
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