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अलीगढ़ में स्वयंसेवियों के सहारे अग्निकांड पीड़ित
Updated Tue, 24 Oct 2017 01:38 AM IST
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स्वयं सेवियों के सहारे अग्निकांड पीड़ितों का राशन
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
कहते हैं जब एक रास्ता बंद होता है तो ईश्वर हजार रास्ते खोल देता है। कमोबेश ऐसा ही हो रहा है अग्निकांड में सब कुछ गवां बैठे देहलीगेट कमेला रोड स्थित झुग्गी झोंपड़ी में रहने वाले 26 परिवार के लोगों के साथ।
इस भीषण अग्निकांड से बर्बाद हुए इन परिवारों को घटना को 48 घंटे बीत जाने के बावजूद जिला प्रशासन से तो कोई मदद नहीं मिल सकी, लेकिन महानगर के स्वयंसेवी जरूर उनके आंसू पोंछने पहुंच गए। उन्होंने न केवल पीड़ित परिवारों के लिए खाने की व्यवस्था की, बल्कि आग से ध्वस्त हुई झोंपड़ियों के पुन: निर्माण के लिए आवश्यक सामान भी मुहैया कराया।
भाई दूज वाले दिन देहलीगेट कमेला रोड पर झुग्गियों में आग लगने के 48 घंटे बाद भी पीड़ित 26 परिवारों की मदद के लिए जिला प्रशासन अब तक कोई इंतजाम नहीं कर सका है। लेकिन इस कठिन परिस्थिति में मोहल्ले वाले, पुलिस और एक मुस्लिम महिला की मदद से उनके खाने और पानी की व्यवस्था की गई है।
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सपा युवजन सभा के पूर्व पदाधिकारी शहजाद कुरैशी का हड्डी गोदाम इलाके में हार्डवेयर का गोदाम है। जिसके ऊपर बने दो बरामदों में सबको ठहराया गया है। सोमवार को महानगर के सुप्रसिद्ध कारोबारी धनजीत वाड्रा की समाजसेवी पत्नी प्रीति वाड्रा ने स्वयं मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार के लोगों को खाना खिलाया।
समाजसेवी शाजिया सिद्दीकी ने भी खाना खिलाने के साथ पीड़ितों का दुखदर्द बांटा। नगर निगम ने वाटर टैंक भेजकर पीड़ितों को पानी पिलवाया। इस मौके पर सभी संगठनों ने तय किया कि वे पीड़ितों के पुनर्वास के लिए उनके घर बनवाने में मदद करेंगे। इसका सामान भी मंगा लिया गया है।
एसआई ने बेटियों की शादी के लिए दिए दस हजार रुपये
अग्निकांड का शिकार बने देहलीगेट कमेला रोड स्थित झुग्गी झोंपड़ी में रहने वाले 26 परिवारों की अब तक शासन प्रशासन ने सुध न ली हो, लेकिन अग्निकांड में अपनी बेटियों के दहेज का सामान गवां बैठे तीन परिवारों को कोतवाली में तैनात एसआई अकरम के रूप में बड़ा मददगार मिल गया। एसआई ने सोमवार को तीनों परिवारों की बेटियों की शादी के लिए दस हजार रुपये दिए। तीनों से इन रुपयों को बराबर बराबर बांट लेने को कहा। उनकी इस दरियादिली पर सभी लोग काफी खुश दिखाई दिए।
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
कहते हैं जब एक रास्ता बंद होता है तो ईश्वर हजार रास्ते खोल देता है। कमोबेश ऐसा ही हो रहा है अग्निकांड में सब कुछ गवां बैठे देहलीगेट कमेला रोड स्थित झुग्गी झोंपड़ी में रहने वाले 26 परिवार के लोगों के साथ।
इस भीषण अग्निकांड से बर्बाद हुए इन परिवारों को घटना को 48 घंटे बीत जाने के बावजूद जिला प्रशासन से तो कोई मदद नहीं मिल सकी, लेकिन महानगर के स्वयंसेवी जरूर उनके आंसू पोंछने पहुंच गए। उन्होंने न केवल पीड़ित परिवारों के लिए खाने की व्यवस्था की, बल्कि आग से ध्वस्त हुई झोंपड़ियों के पुन: निर्माण के लिए आवश्यक सामान भी मुहैया कराया।
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भाई दूज वाले दिन देहलीगेट कमेला रोड पर झुग्गियों में आग लगने के 48 घंटे बाद भी पीड़ित 26 परिवारों की मदद के लिए जिला प्रशासन अब तक कोई इंतजाम नहीं कर सका है। लेकिन इस कठिन परिस्थिति में मोहल्ले वाले, पुलिस और एक मुस्लिम महिला की मदद से उनके खाने और पानी की व्यवस्था की गई है।
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सपा युवजन सभा के पूर्व पदाधिकारी शहजाद कुरैशी का हड्डी गोदाम इलाके में हार्डवेयर का गोदाम है। जिसके ऊपर बने दो बरामदों में सबको ठहराया गया है। सोमवार को महानगर के सुप्रसिद्ध कारोबारी धनजीत वाड्रा की समाजसेवी पत्नी प्रीति वाड्रा ने स्वयं मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार के लोगों को खाना खिलाया।
समाजसेवी शाजिया सिद्दीकी ने भी खाना खिलाने के साथ पीड़ितों का दुखदर्द बांटा। नगर निगम ने वाटर टैंक भेजकर पीड़ितों को पानी पिलवाया। इस मौके पर सभी संगठनों ने तय किया कि वे पीड़ितों के पुनर्वास के लिए उनके घर बनवाने में मदद करेंगे। इसका सामान भी मंगा लिया गया है।
एसआई ने बेटियों की शादी के लिए दिए दस हजार रुपये
अग्निकांड का शिकार बने देहलीगेट कमेला रोड स्थित झुग्गी झोंपड़ी में रहने वाले 26 परिवारों की अब तक शासन प्रशासन ने सुध न ली हो, लेकिन अग्निकांड में अपनी बेटियों के दहेज का सामान गवां बैठे तीन परिवारों को कोतवाली में तैनात एसआई अकरम के रूप में बड़ा मददगार मिल गया। एसआई ने सोमवार को तीनों परिवारों की बेटियों की शादी के लिए दस हजार रुपये दिए। तीनों से इन रुपयों को बराबर बराबर बांट लेने को कहा। उनकी इस दरियादिली पर सभी लोग काफी खुश दिखाई दिए।