फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   बैकफुट पर प्रशासन, बिना शर्त निजी मुचलके पर हुई रिहाई

बैकफुट पर प्रशासन, बिना शर्त निजी मुचलके पर हुई रिहाई

Fri, 01 Feb 2019 02:18 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 01 Feb 2019 02:18 AM IST
विज्ञापन
बैकफुट पर प्रशासन, बिना शर्त निजी मुचलके पर हुई रिहाई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
विज्ञापन


प्रभारी जिलापूर्ति अधिकारी स्मृति गौतम से कहासुनी और विवाद में अचानक चर्चा में आए भाजपा नेता राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ की गुरुवार को जेल से रिहाई हो गयी। उनकी रिहाई बिना शर्त, बिना जमानत हुई है। एसीएम प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि जमानत की प्रक्रिया नियमानुसार आगामी दिनों में पूरी होगी।

उनको तयशुदा तारीखों में अदालत में हाजिर होना होगा। रिहाई से पहले भाजपा के तीन विधायकों ने डीएम और एसएसपी से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा था। जिसके बाद रिहाई का रास्ता साफ हुआ।
विज्ञापन


बहरहाल, गुरुवार दोपहर शहर विधायक संजीव राजा, कोल विधायक अनिल पाराशर, छर्रा विधायक ठा. रवेंद्रपाल सिंह, महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत, पूर्व महानगर अध्यक्ष मुकेश मांची, भाजयुमो महानगर अध्यक्ष निखिल माहेश्वरी सैकड़ों कार्यकर्ताओं संग जेल पहुंचकर बाहर आने पर चीफ का जोरदार स्वागत किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया गया। यहां पूर्व भाजपा महामंत्री प्रदीप पेंटर, महानगर उपाध्यक्ष सुबोध स्वीटी, भाजयुमो महानगर उपाध्यक्ष राजीव रज्जी, अजय गुप्ता, धीरज चौधरी, करन वार्ष्णेय, राहुल चेतन, शिवम शर्मा, विकास ठाकुर, उमेश राघव सहित दर्जनों भाजपाई मौजूद थे। कार्यकर्ता पूरे जोश व उत्साह के साथ रैली के साथ उनको आरएसएस कार्यालय ले गए। जहां पहुंचकर उन्होंने विभाग प्रचारक को पूरे घटनाक्त्रस्म से अवगत कराया।

चीफ ने समर्थकों से कहा देश व प्रदेश में भ्रष्टाचार को नेस्तनाबूत करने के लिए वह दृढ़ संकल्पित हैं। हर्षद की तरह की कार्यकर्ताओं के मान व सम्मान के लिए चाहें जितनी बार जेल जाना पड़े। पीछे नहीं हटेंगे। जिलापूर्ति विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरुद्ध जंग शुरू हो चुकी है। इस विभाग में भ्रष्टाचार खत्म करके ही रहेंगे। उन्होंने आरएसएस, युवा मोर्चा, भाजपा, बजरंग दल, विद्यार्थी परिषद सहित विभिन्न संगठन के सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।

पॉलीथिन बंद नहीं कर पाने वाले अफसर क्या भ्रष्टाचार रोकेंगे : एबीवीपी
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भ्रष्टाचार का विरोध करने पर वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को जेल भेजने की कड़ी निंदा की है और प्रदेश सरकार से भ्रष्ट अधिकारी पर करवाई की मांग की है। महानगर मंत्री मधुर महेश्वरी ने कहा है कि अलीगढ़ में एक प्रशासनिक अधिकारी और हैं। बहुत ईमानदार दिखते थे, अब उन पर भ्रष्टाचार को लेकर चार्जशीट लग रही है। इसी प्रकार भ्रष्ट अधिकारियों को जो लोग बचा रहे हैं, वो भी एक दिन कार्रवाई की जद में होंगे। प्रतिबंधित पॉलीथिन पर अब तक रोक नहीं लगा पाए अधिकारियों की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। ऐसे अधिकारी क्या विकास करेंगे। परिषद अपने कार्यकर्ताओं के साथ है।

सोशल मीडिया पर छाये चीफ
पूरे प्रकरण के बाद चीफ सोशल मीडिया पर छा गए हैं। समर्थकों ने उनको लेकर नारा बुलंद कर दिया है। हमारा सांसद कैसा हो..? राजेद्र चीफ जैसा हो। इसी तरह के अन्य स्लोगन भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

जमानत नहीं कराई तो हर तारीख पर पेश होंगे चीफ
एसीएम प्रथम रंजीत सिंह ने बताया कि राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ को निजी मुचलके पर बिना शर्त रिहा किया गया है। वह धारा 151 के तहत छह महीने तक पाबंद रहेंगे और हर तयशुदा तारीख पर न्यायालय में उपस्थित होना पड़ेगा। यदि वह न्यायालय में हर तारीख पर पेश नहीं होना चाहते हैं तो उनको एक एक लाख रुपये के दो जमानती पेश करने होंगे।


..तो स्मृति के मुकदमे में भी करानी होगी जमानत
उप जिला पूर्ति अधिकारी स्मृति गौतम ने राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ और हर्षद के खिलाफ थाना बन्ना देवी में सरकारी कार्य में बाधा, गालीगलौज करने, मारने पीटने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज कराया है। चीफ और हर्षद को इस मामले में भी जमानत करानी होगी। हां, अगर दोनों पक्षों में समझौता हो गया तो कोई बात नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed