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एएमयू किशनगंज सेंटर के बीएड छात्रों की जगी उम्मीदें
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
राज्यसभा में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (संशोधन) विधेयक को मंजूरी मिलने से एएमयू के किशनगंज सेंटर से बीएड करने वाले छात्रों की उम्मीदें जगी हैं।
एएमयू किशनगंज सेंटर पर कुछ साल पहले बीएड कोर्स प्रारंभ किया गया था, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीईटी) से मान्यता नहीं ली गई थी। इसकी वजह से डिग्री हासिल करने वाले छात्र दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं।
गुरुवार को राज्यसभा में एनसीईटी विधेयक को मंजूरी मिलने के बाद बीएड की डिग्री हासिल कर चुके छात्रों की उम्मीद जगी है। हालांकि विधेयक की कॉपी आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।
एएमयू शिक्षा विभाग के पूर्व चेयरमैन प्रो. परवेज का कहना है कि विधेयक की कॉपी देखे बिना कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। उम्मीद है कि किशनगंज सेंटर के बीएड छात्रों को इससे लाभ होगा।
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राज्यसभा में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (संशोधन) विधेयक को मंजूरी मिलने से एएमयू के किशनगंज सेंटर से बीएड करने वाले छात्रों की उम्मीदें जगी हैं।
एएमयू किशनगंज सेंटर पर कुछ साल पहले बीएड कोर्स प्रारंभ किया गया था, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीईटी) से मान्यता नहीं ली गई थी। इसकी वजह से डिग्री हासिल करने वाले छात्र दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं।
गुरुवार को राज्यसभा में एनसीईटी विधेयक को मंजूरी मिलने के बाद बीएड की डिग्री हासिल कर चुके छात्रों की उम्मीद जगी है। हालांकि विधेयक की कॉपी आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।
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एएमयू शिक्षा विभाग के पूर्व चेयरमैन प्रो. परवेज का कहना है कि विधेयक की कॉपी देखे बिना कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। उम्मीद है कि किशनगंज सेंटर के बीएड छात्रों को इससे लाभ होगा।
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