फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   पेरशानियां झेल भाई के घर पहंची बहनें, किया स्नेह का टीका

पेरशानियां झेल भाई के घर पहंची बहनें, किया स्नेह का टीका

Sat, 10 Nov 2018 02:12 AM IST
Updated Sat, 10 Nov 2018 02:12 AM IST
विज्ञापन
पेरशानियां झेल भाई के घर पहंची बहनें, किया स्नेह का टीका
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
विज्ञापन


भाईदूज पर शुक्रवार को सुबह से ही ट्रेन और रोडवेज बसों में भीड़ रही। लोगों ने जान की परवाह न करते हुए ट्रेनों और बसों की छत पर भी सफर किया। जिसको जहां जगह मिली उसने वहां अपनी जगह बनाई। दिल्ली-कानपुर रूट पर यातायात की किल्लत रही। स्टेशन पर आरपीएफ के जवानों की सक्रियता कम रही। वो तो गनीमत है कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। सारी परेशानियों का सामना करते हुए बहनों ने अपने भाई के माथे पर स्नेह का टीका किया और उनसे रक्षा का संकल्प लिया।

रेलवे स्टेशन पर सुबह से ही बहनों की भीड़ रही। कानपुर की ओर जाने वाली सुबह की सबसे पहली गाड़ी मुरी एक्सप्रेस में एक दम यात्रियों का सैलाब सा चढ़ा। इसके बाद यह सिलसिला दोपहर में दिल्ली से आने वाली गोमती एक्सप्रेस तक जारी रहा। ट्रेनों के लेट चलने के कारण भी लोग परेशान रहे। बार-बार लोग स्टेशन की पूछताछ खिड़की पर ट्रेनों की जानकारी लेते रहे। डाउन लाइन पर ज्यादा भीड़ देखी गई। वहीं रेलवे की ओर से सात दिन के लिए चलाई जा रही स्पेशल ट्रेन भी खचाखच भरी रही।
विज्ञापन


बरेली पैसेंजर का नजारा भी लगभग ऐसा ही था। लोगों को खासतौर पर महिलाओं को अपनी जान की बिल्कुल परवाह नहीं थी। वह प्लेटफार्म को छोड़ कर पटरियों पर बैठी नजर आईं। आरपीएफ और जीआरपी जवानों ने भी इन्हें ट्रैक से हटाने में कोई दिलचस्पी नहीं ली। रोडवेज की बात करें तो लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
विज्ञापन
विज्ञापन


अधिकतर बसें अलीगढ़ से दिल्ली और नोएडा जाने के लिए थीं। अलीगढ़ से एटा, आगरा, हाथरस, मथुरा, कासगंज आदि की बसों की काफी कमी रही। कुछ बसें जाम के चलते रास्ते में ही फंसी रहीं। पुरानी टूटी बसों को रोडवेज ने चलाकर औपचारिकता पूरी की। कुछ एक डग्गेमार वाहन भी पकड़े। लेकिन, अंत में सारी मुसीबतों को झेलते हुए ट्रेन और बसों में मुश्किल सफर तय करते हुए बहने अपने भाई के घर पहुंची और तिलक किया।


स्टेशन पर नहीं दिखे पुलिसकर्मी
अलीगढ़ स्टेशन काफी संवेदनशील स्टेशनों की गिनती में आता है। ऐसे में स्टेशन पर आरपीएफ के जवान सक्रिय नहीं दिखाई दिए। पटरी पर बैठे महिला-पुरुष व बच्चों को हटाने में भी उनकी कोई दिलचस्पी नहीं थी। स्टेशन के प्रवेश द्वार और निकास द्वार पर भी न तो आरपीएफ का कोई सिपाही नजर आया न ही जीआरपी का। स्टेशन पर मौजूद सीआईबी कार्यालय पर भी ताला नजर आया। यह सब नजारे रेल प्रशासन की ओर से किए जाने वाले यात्री सुरक्षा के दावों की पोल खोलने को काफी हैं।


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed