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राबिया को पापा मियां पद्मभूषण अवार्ड
Updated Thu, 22 Feb 2018 01:40 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
एएमयू के वीमेंस कॉलेज में आयोजित संस्थापक दिवस पर छात्रा राबिया उमर को पापा मियां पद्मभूषण अवार्ड से सम्मानित किया गया। वहीं एस राही को मुमताज जहां अवार्ड से विभूषित किया गया।
कॉलेज के संस्थापक शेख अब्दुल्ला उर्फ पापा मियां तथा उनकी धर्मपत्नी वहीद जहां उर्फ आला बी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कॉलेज मैगजीन 2018 तथा दो पुस्तकों का विमोचन भी किया गया।
कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कॉलेज अध्यापकों तथा छात्राओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अलग से पचास लाख रुपये की राशि जारी किये जाने की घोषणा की। उन्होंने वीमेंस कॉलेज को वाईफाई कराने, नई एंबुलेंस, कॉलेज ऑडीटोरियम के जीर्णोद्धार करने के लिए राशि जारी कर दिये जाने की भी घोषणा की।
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सह कुलपति प्रो. तबस्सुम शहाब ने कहा कि लड़कियों की शिक्षा का विकास समय की महती आवश्यकता है। उन्होंने छात्राओं को ऊंचे सपने देखने तथा उनको सच साबित करने का परामर्श देते हुए कहा कि इसके लिए कठोर परिश्रम तथा लगन की आवश्यकता है।
कुलपति की धर्मपत्नी एवं प्रमुख बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. हमीदा तारिक ने कहा कि यह खेद का विषय है कि लड़कियों के प्रति समाज उतना संवेदनशील नहीं है जितना होना चाहिये। प्रिंसिपल प्रो. नईमा गुलरेज ने कॉलेज रिपोर्ट प्रस्तुत की।
समारोह में डॉ. मुहम्मद फुरकान संभली की पुस्तक ‘रुहेलखंड के उर्दू लोकगीत’ तथा डॉ. शगुफ्ता नियाज़ की पुस्तक ‘थर्ड जेंडर के संघर्ष का यथार्थ’ का विमोचन किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्त्रस्म के अंतर्गत इला खालिद ने गजल तथा सामूहिक गीत प्रस्तुत किया। कॉलेज स्तर पर सराहनीय शैक्षणिक कुशलताओं के प्रदर्शन पर पुरस्कार प्रदान किये गये।
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एएमयू के वीमेंस कॉलेज में आयोजित संस्थापक दिवस पर छात्रा राबिया उमर को पापा मियां पद्मभूषण अवार्ड से सम्मानित किया गया। वहीं एस राही को मुमताज जहां अवार्ड से विभूषित किया गया।
कॉलेज के संस्थापक शेख अब्दुल्ला उर्फ पापा मियां तथा उनकी धर्मपत्नी वहीद जहां उर्फ आला बी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कॉलेज मैगजीन 2018 तथा दो पुस्तकों का विमोचन भी किया गया।
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कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कॉलेज अध्यापकों तथा छात्राओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अलग से पचास लाख रुपये की राशि जारी किये जाने की घोषणा की। उन्होंने वीमेंस कॉलेज को वाईफाई कराने, नई एंबुलेंस, कॉलेज ऑडीटोरियम के जीर्णोद्धार करने के लिए राशि जारी कर दिये जाने की भी घोषणा की।
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सह कुलपति प्रो. तबस्सुम शहाब ने कहा कि लड़कियों की शिक्षा का विकास समय की महती आवश्यकता है। उन्होंने छात्राओं को ऊंचे सपने देखने तथा उनको सच साबित करने का परामर्श देते हुए कहा कि इसके लिए कठोर परिश्रम तथा लगन की आवश्यकता है।
कुलपति की धर्मपत्नी एवं प्रमुख बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. हमीदा तारिक ने कहा कि यह खेद का विषय है कि लड़कियों के प्रति समाज उतना संवेदनशील नहीं है जितना होना चाहिये। प्रिंसिपल प्रो. नईमा गुलरेज ने कॉलेज रिपोर्ट प्रस्तुत की।
समारोह में डॉ. मुहम्मद फुरकान संभली की पुस्तक ‘रुहेलखंड के उर्दू लोकगीत’ तथा डॉ. शगुफ्ता नियाज़ की पुस्तक ‘थर्ड जेंडर के संघर्ष का यथार्थ’ का विमोचन किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्त्रस्म के अंतर्गत इला खालिद ने गजल तथा सामूहिक गीत प्रस्तुत किया। कॉलेज स्तर पर सराहनीय शैक्षणिक कुशलताओं के प्रदर्शन पर पुरस्कार प्रदान किये गये।