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कागजों में फिट जबकि रोड पर अनफिट थी बस
Updated Wed, 07 Feb 2018 02:13 AM IST
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कागजों में फिट जबकि रोड पर अनफिट थी बस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
आरटीओ से एक बार फिटनेस प्रमाण पत्र लेने के बाद वाहन स्वामी पुन: विभाग की ओर मुड़कर नहीं देखते कुछ यही हाल अधिकारियों का भी है। उनके यहां जो गाड़ी आ गई उसकी फिटनेस तो वह कर देंगे, लेकिन रोड पर कितनी गाड़ियां बगैर फिटनेट और परमिट के दौड़ रही हैं, इसकी जांच के लिए उनके पास समय नहीं है।
इसी का नतीजा है कि सोमवार को मात्र सात माह पुरानी बस के फर्श में हुए होल की भेंट एक मासूम चढ़ गया। बावजूद इसके आरटीओ विभाग के अधिकारियों की कान पर जूं नहीं रेंगी और पूरे दिन अधिकारी हाथ पर हाथ रखे बैठे रहे।
सोमवार को बुलंदशहर की बस यूपी 13 एटी 7266 नोएडा से दूधमा जा रही बस की सीट के फर्श में बने होल से नीचे गिरकर अतरौली थाना क्षेत्र के गांव नहल के पास तीन वर्षीय युवान पुत्र उदयवीर सिंह निवासी सेक्टर 58 नोएडा की मौत हो गई। दुर्घटना के बाद हंगामा हुआ तो चालक-परिचालक मौके से भाग गए।
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पुलिस ने चालक-परिचालक तथा बस मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। आरटीओ विभाग के अनुसार बस 28 जून 2017 को खरीदी गई थी। बुलंदशहर में थाड़ा अनूपशहर रोड निवासी गजेंद्र सिंह के नाम बस का रजिस्ट्रेशन है। इसके पास केवल बुलंदशहर से गाजियाबाद मार्ग पर चलने का परमिट था। बावजूद इसके डग्गेमारी में वह नोएडा से बुलंदशहर तक गाड़ी चला रहा है। चूंकि गाड़ी मात्र सात माह पुरानी थी तो उसकी फिटनेस भी 5 दिसंबर 2019 तक थी।
अतरौली एवं सांकरा मार्ग पर भी दौड़ रही ऐसी बसें
महानगर के कई मार्गों पर भी ऐसी बसें धड़ल्ले से दौड़ रही हैं जो कि कभी भी मौत का कारण बन सकती है। अलीगढ़-अतरौली, अलीगढ़-सांकरा मार्ग पर ऐसी बसों की भरमार है। कुछ गाड़ियां तो इस कंडीशन में हैं कि इनकी हालत देखकर ही बैठने से लोग घबराते हैं, लेकिन रोडवेज की बसें न होने के कारण लोगों को इनमें ही सफर करने को मजबूर होना पड़ता है।
ऐसी बसों के खिलाफ लगातार चेकिंग की जाती है। वर्तमान में एआरटीओ की कमी चल रही है। इसलिए चेकिंग कुछ कम हो रही है। इसी का फायदा उठाकर डग्गेमार चालक चांदी काट रहे हैं। आरटीओ के लखनऊ से लौटने के बाद चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।
अमिताभ चतुर्वेदी, एआरटीओ प्रशासन/प्रवर्तन
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
आरटीओ से एक बार फिटनेस प्रमाण पत्र लेने के बाद वाहन स्वामी पुन: विभाग की ओर मुड़कर नहीं देखते कुछ यही हाल अधिकारियों का भी है। उनके यहां जो गाड़ी आ गई उसकी फिटनेस तो वह कर देंगे, लेकिन रोड पर कितनी गाड़ियां बगैर फिटनेट और परमिट के दौड़ रही हैं, इसकी जांच के लिए उनके पास समय नहीं है।
इसी का नतीजा है कि सोमवार को मात्र सात माह पुरानी बस के फर्श में हुए होल की भेंट एक मासूम चढ़ गया। बावजूद इसके आरटीओ विभाग के अधिकारियों की कान पर जूं नहीं रेंगी और पूरे दिन अधिकारी हाथ पर हाथ रखे बैठे रहे।
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सोमवार को बुलंदशहर की बस यूपी 13 एटी 7266 नोएडा से दूधमा जा रही बस की सीट के फर्श में बने होल से नीचे गिरकर अतरौली थाना क्षेत्र के गांव नहल के पास तीन वर्षीय युवान पुत्र उदयवीर सिंह निवासी सेक्टर 58 नोएडा की मौत हो गई। दुर्घटना के बाद हंगामा हुआ तो चालक-परिचालक मौके से भाग गए।
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पुलिस ने चालक-परिचालक तथा बस मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। आरटीओ विभाग के अनुसार बस 28 जून 2017 को खरीदी गई थी। बुलंदशहर में थाड़ा अनूपशहर रोड निवासी गजेंद्र सिंह के नाम बस का रजिस्ट्रेशन है। इसके पास केवल बुलंदशहर से गाजियाबाद मार्ग पर चलने का परमिट था। बावजूद इसके डग्गेमारी में वह नोएडा से बुलंदशहर तक गाड़ी चला रहा है। चूंकि गाड़ी मात्र सात माह पुरानी थी तो उसकी फिटनेस भी 5 दिसंबर 2019 तक थी।
अतरौली एवं सांकरा मार्ग पर भी दौड़ रही ऐसी बसें
महानगर के कई मार्गों पर भी ऐसी बसें धड़ल्ले से दौड़ रही हैं जो कि कभी भी मौत का कारण बन सकती है। अलीगढ़-अतरौली, अलीगढ़-सांकरा मार्ग पर ऐसी बसों की भरमार है। कुछ गाड़ियां तो इस कंडीशन में हैं कि इनकी हालत देखकर ही बैठने से लोग घबराते हैं, लेकिन रोडवेज की बसें न होने के कारण लोगों को इनमें ही सफर करने को मजबूर होना पड़ता है।
ऐसी बसों के खिलाफ लगातार चेकिंग की जाती है। वर्तमान में एआरटीओ की कमी चल रही है। इसलिए चेकिंग कुछ कम हो रही है। इसी का फायदा उठाकर डग्गेमार चालक चांदी काट रहे हैं। आरटीओ के लखनऊ से लौटने के बाद चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।
अमिताभ चतुर्वेदी, एआरटीओ प्रशासन/प्रवर्तन