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पुलिस ट्रेनिंग कालेज फंसा ‘बबूल के कांटे’ में

Wed, 27 Dec 2017 03:01 AM IST
Updated Wed, 27 Dec 2017 03:01 AM IST
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पुलिस ट्रेनिंग कालेज फंसा ‘बबूल के कांटे’ में
पुलिस ट्रेनिंग कालेज फंसा ‘बबूल के कांटे’ में
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ब्यूरो,अमर उजाला, अलीगढ़।

जिले में खुलने वाले पुलिस प्रशिक्षण कालेज के लिए हस्तांतरित होने वाली योजना में बबूल का कांटा लग गया है, जिसके बाद मामले में पेच फंस गया है। विधायक संजीव राजा के विधानसभा में इस संबंध में पूछे गए सवाल के बाद मिले जवाब से स्थिति साफ हुई है। मंगलवार को अपने खैर रोड स्थित कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत में शहर से विधायक संजीव राजा ने यह जानकारी दी।

संयुक्त सचिव गृह (पुलिस) अनुभाग-7 एसपी उपाध्याय ने विधानसभा को बताया है कि वन विभाग द्वारा उन्हें अवगत कराया गया है राजकीय कृषि प्रक्षेत्र की भूमि पर ख़ड़े पेड़ वन स्वरूप हैं। इस जमीन पर बबूल के पेड़ लगे हुए हैं। इसलिए माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार वन संरक्षक अधिनियम 1980 के प्रावधान लागू होंगे।
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इसलिए पुलिस प्रशिक्षण कालेज के लिए चयनित अलीगढ़ के बाग अंडला की वांछित भूमि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार बिना भारत सरकार की अनुमति के गैर वानिकी कार्य के इस्तेमाल के लिए जमीन को हस्तांतरित किया जाना संभव नहीं है।
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हालांकि विधायक संजीव राजा ने कहा कि वह इस मामले को लेकर केंद्र सरकार तक पैरवी करेंगे। इसके अलावा विधायक संजीव राजा ने उन मुद्दों के विषय में बताया जिनके संबंध में विधानसभा में प्रश्न उठाए थे। पत्रकार वार्ता के समय राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ, करन वार्ष्णेय किंसू, जितेंद्र कुमार, राजीव भारती आदि मौजूद थे।

यह सवाल उठाए थे विधानसभा में
-माननीय बेसिक शिक्षा मंत्री बताएं कि बेसिक शिक्षा विभाग के जर्जर स्कूलों की मरम्मत क्यों नहीं हो रही है। उनके दोबारा निर्माण के लिए सरकार की क्या योजना है। साथ ही ऐसे जर्जर स्कूल हैं जो किराए की इमारतों में चल रहे हैं, मकान स्वामी इन्हें खाली करवाने की मंशा के चलते मरम्मत कार्य नहीं करा रहे हैं। ऐसे सरकारी स्कूलों को सरकारी भवनों में स्थानांतरित करने की क्या योजना है? बताया गया कि इस योजना पर काम चल रहा है।

- माननीय ऊर्जा मंत्री बताएं कि धार्मिक स्थलों को कनेक्शन और बिजली मुफ्त देने का प्रावधान है। जवाब दिया गया कि धार्मिक स्थलों के लिए बिजली मुफ्त नहीं है। उस धर्म स्थल के ट्रस्टी या आवेदन करने वाले के नाम पर बिजली का कनेक्शन दिया जाता है।

- माननीय परिवहन मंत्री बताएं कि शहर में रोडवेज बस स्टैंडों के भवनों को बहुमंजिला बनाने और उनमें कामर्शियल कांप्लेक्स बनाने की सरकार की कोई योजना है। जवाब दिया गया कि प्रदेश में ऐसे18 शहर चयनित किए गए हैं। इनमें से अलीगढ़ भी एक है। अलीगढ़ में रसूलाबाद (सूत मिल चौराहे) के पास ऐसे बस स्टैंड को बनाने की योजना है। पीपीपी मोड पर संचालित हो सकता है।

- सवाल पूछा गया कि अलीगढ़ के ताला और हार्डवेेयर उद्योग के अनुसंधान के लिए कोई सेंटर आदि खोलने की योजना है। जवाब दिया गया कि ऐेसी कोई योजना नहीं है लेकिन इस पर विचार किया जा सकता है।

- ढलाई के काम करने वाले माहौर समाज के लोगों के हितों के लिए पूछा गया कि ढलाई करने वाले अपनी आयु और शरीर दोनों ही गंवा रहे हैं। इनके लिए फिरोजाबाद की तर्ज पर क्या इन्हें गैस की पाइप लाइन उपलब्ध कराने की योजना है। जवाब दिया गया कि फिरोजाबाद ताज ट्रिपोजियम क्षेत्र में आता है इसलिए वहां गैस की व्यवस्था की। अलीगढ़ में ऐसी कोई योजना नहीं है। विधायक संजीव राजा ने बताया कि केंद्र सरकार में वह इस मामले में पैरवी करेंगे।

- प्रश्न पूछा गया कि जिला स्तरीय पशु क्रूरता रोकने के लिए बनी कमेटी में क्या प्रगति है। जवाब दिया गया कि सन 2010 में यह कमेटी बनी थी। इसको और सक्रिय किया जाएगा। 20 जून 2017 को बने गो सेवा आयोग में तीन गैर सरकारी सदस्यों को नामित किया जाएगा।


- अलीगढ़ में ट्रांसपोर्ट नगर के मुद्दे पर प्रश्न पूछा गया जवाब मिला कि सरकार इस संबंध में विचार कर रही है। जल्द ही प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
- इसके साथ ही अलीगढ़ में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, अटल अमृत योजना के तहत हरित क्षेत्र विकसित करने, ईएसआई हास्पिटल में भ्रष्टाचार को नियंत्रित करने आदि के संबंध में भी संजीव राजा ने प्रश्न पूछे ।
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