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डीएम-एसएसपी भी नहीं दिला सके पीड़िता को न्याय
Updated Wed, 26 Jul 2017 01:19 AM IST
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डीएम-एसएसपी भी नहीं दिला सके पीड़िता को न्याय
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
अलीगढ़। पति और उसके परिवारीजनों द्वारा घर से निकाली गई महाराष्ट्र की विवाहिता को डीएम एवं एसएसपी जैसे वरिष्ठ अफसर भी न्याय नहीं दिला सके। अपने तीन वर्ष की पुत्री के साथ अपनों की मार से त्रस्त यह महिला वर्तमान में रेलवे स्टेशन पर बेसहाराओं वाला जीवन बिताने को मजबूर है। एफआईआर के बाद भी दादों पुलिस अब तक आरोपी पति, सास, ससुर व अन्य की गिरफ्तारी तो दूर पीड़िता को महाराष्ट्र वापस भेजने तक का काम नहीं कर सकी है।
महाराष्ट्र निवासी मालती ने बताया कि उसका पति गांव लहरा सलेमपुर थाना दादों निवासी संजय दंतवर वैश्य पहले महाराष्ट्र में रहता था। वहां उसके उससे प्रेम संबंध हो गए। परिणामस्वरूप दोनों ने विवाह कर लिया। पति से उसके तीन वर्षीय पुत्री भी है। दो माह पूर्व पति ने अपने गांव चलने की इच्छा जताई तो वह उसके साथ आ गई।
लेकिन पति के परिजनों ने उसे स्वीकार नहीं किया और प्रताड़ित कर घर से निकाल दिया। जान से मारने की धमकी देते हुए कहा कि महाराष्ट्र वापस चली जाओ। इस मामले में उसने डीएम एवं एसएसपी से गुहार लगाई। इनके आदेश पर दादों पुलिस ने मामला तो दर्ज कर लिया, लेकिन ससुरालीजनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
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पुलिस अफसर कहते हैं कि महाराष्ट्र चली जाओ हम 90 दिन में कार्रवाई कर सूचित कर देंगे। जबकि महिला का कहना है कि उसके पास खाने को पैसे नहीं हैं। वह अपनी बच्ची को लेकर महाराष्ट्र कैसे जाएगी। पिछली बार डीएम साहब से मिली थी तो उन्होंने एक हजार रुपये दे दिए थे। उससे किसी तरह रेलवे स्टेशन पर रहकर खाने का खर्चा चला रही है। उसने मंगलवार को डीएम से दोबारा मुलाकात कर आरोपियों की गिरफ्तारी कराने, उसे और उसकी पुत्री की सुरक्षा तथा रहने खाने की व्यवस्था करने की अपील की।
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
अलीगढ़। पति और उसके परिवारीजनों द्वारा घर से निकाली गई महाराष्ट्र की विवाहिता को डीएम एवं एसएसपी जैसे वरिष्ठ अफसर भी न्याय नहीं दिला सके। अपने तीन वर्ष की पुत्री के साथ अपनों की मार से त्रस्त यह महिला वर्तमान में रेलवे स्टेशन पर बेसहाराओं वाला जीवन बिताने को मजबूर है। एफआईआर के बाद भी दादों पुलिस अब तक आरोपी पति, सास, ससुर व अन्य की गिरफ्तारी तो दूर पीड़िता को महाराष्ट्र वापस भेजने तक का काम नहीं कर सकी है।
महाराष्ट्र निवासी मालती ने बताया कि उसका पति गांव लहरा सलेमपुर थाना दादों निवासी संजय दंतवर वैश्य पहले महाराष्ट्र में रहता था। वहां उसके उससे प्रेम संबंध हो गए। परिणामस्वरूप दोनों ने विवाह कर लिया। पति से उसके तीन वर्षीय पुत्री भी है। दो माह पूर्व पति ने अपने गांव चलने की इच्छा जताई तो वह उसके साथ आ गई।
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लेकिन पति के परिजनों ने उसे स्वीकार नहीं किया और प्रताड़ित कर घर से निकाल दिया। जान से मारने की धमकी देते हुए कहा कि महाराष्ट्र वापस चली जाओ। इस मामले में उसने डीएम एवं एसएसपी से गुहार लगाई। इनके आदेश पर दादों पुलिस ने मामला तो दर्ज कर लिया, लेकिन ससुरालीजनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
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पुलिस अफसर कहते हैं कि महाराष्ट्र चली जाओ हम 90 दिन में कार्रवाई कर सूचित कर देंगे। जबकि महिला का कहना है कि उसके पास खाने को पैसे नहीं हैं। वह अपनी बच्ची को लेकर महाराष्ट्र कैसे जाएगी। पिछली बार डीएम साहब से मिली थी तो उन्होंने एक हजार रुपये दे दिए थे। उससे किसी तरह रेलवे स्टेशन पर रहकर खाने का खर्चा चला रही है। उसने मंगलवार को डीएम से दोबारा मुलाकात कर आरोपियों की गिरफ्तारी कराने, उसे और उसकी पुत्री की सुरक्षा तथा रहने खाने की व्यवस्था करने की अपील की।