{"_id":"578d2eb74f1c1b624fc4c0db","slug":"500-safe-houses-in-the-city-and-fall-in-the-water-filled-half-thousand","type":"story","status":"publish","title_hn":"महफूज नगर में 500 मकान और गिरे, डेढ़ हजार में भरा पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महफूज नगर में 500 मकान और गिरे, डेढ़ हजार में भरा पानी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 19 Jul 2016 01:17 AM IST
विज्ञापन
महफूज नगर में 500 मकान और गिरे, डेढ़ हजार में भरा पानी
- फोटो : महीपाल सिंह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शनिवार की रात से हो रही लगातार बारिश से शहर में अलग-अलग जगह जलभराव के हालात बने हुए हैं। लेकिन सबसे ज्यादा प्रभावित महफूज नगर में करीब 500 मकान सोमवार को ढह गए और करीब डेढ़ हजार मकान पानी में डूब गए हैं। हालांकि यहां से हजारों की आबादी पलायन कर गई है।
पलायन का यह सिलसिला सोमवार को भी जारी रहा। स्थिति से गुस्साए लोगों ने गोंडा मोड़ पर सोमवार को सुबह आठ बजे से फिर से जाम लगा दिया। इससे वहां यातायात व्यवस्था चरमरा कर रह गई। प्रदर्शनकारी नगर विधायक जफर आलम और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। उनका आरोप था कि कई बार फरियाद करने के बाद भी वहां नाले का निर्माण नहीं हुआ है।
इसी क्रम में बारिश के चलते खैर रोड पर केबीआर स्कूल के पास एक नया मकान ढह गया। उस्मान पाड़े में भी इक इमारत ढह गई। यह इमारत लगातार बारिश के चलते गिर रहे पेड़ की चपेट में आ गई और धराशायी हो गई। खैर रोड पर नादा पुल से पहले एक नाला भी धंस गया।
विज्ञापन
बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को आपात बैठक के बाद नगर निगम ने रैन बसेरे और शेल्टर होम खुलवा दिए थे, लेकिन महफूज नगर के लोगों को सबसे ज्यादा चिंता अपनी जीवन भर की कमाई अपने मकानों को लेकर थी, जिसमें वह एक बड़ी पूंजी लगा चुके हैं। महफूज नगर में पानी का स्तर कम नहीं हुआ है। बल्कि सोमवार को 500 मकान और ढह गए। इनमें छोटे बड़े सभी प्रकार के मकान शामिल हैं।
महफूज नगर केे आसपास के लोगों का भी पलायन करने का सिलसिला जारी है। हालांकि नाला खुदने का काम सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा और एसओ देहली गेट अनुज कुमार की देखरेख में शुरू हो गया। लेकिन लोगों का आक्रोश कम नहीं हुआ। सुबह करीब 8 बजे स्थानीय प्रभावित लोगों ने सड़क पर ड्रम, बल्ली, बुग्गी, टायर, टेंपो, रस्सियां बांधकर, साइकिल, बाइक, रिक्शा, ठेला आदि खड़ा करके जाम लगा दिया।
इससे वहां पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। मकान ढहने से पीड़ित अहमद, सईद, अलीशेर, लल्ला, दिलशाद, अलिया, मुजाहिद, मुन्ना, इमरान, जफरुद्दीन, बाबुद्दीन, सुलेमान, अल्ली, शमशाद, भूरा आदि ने बताया कि प्रशासन के यह कह देने कि यहां से हट जाएं, से क्या हमारी समस्या का समाधान हो जाएगा? हमें मुआवजा चाहिए। जिसका जितना मकान क्षतिग्रस्त हुआ है, उसे उसी हिसाब से मुआवजा दिया जाए।
जाम की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। मौके पर नाला खोदने के लिए दो जेसीबी मशीन लगा दी गईं। इसके अलावा काम में रुकावट पैदा न हो, इसके लिए आरआरएफ भी लगा दी गई है। बाद में अधिकारियों के समझाने और जेसीबी सेे काम होता देख जाम खुल गया। इसके अलावा नगर निगम ने वहां पंपिंग की व्यवस्था भी शुरू कर दी है।
विज्ञापन
पलायन का यह सिलसिला सोमवार को भी जारी रहा। स्थिति से गुस्साए लोगों ने गोंडा मोड़ पर सोमवार को सुबह आठ बजे से फिर से जाम लगा दिया। इससे वहां यातायात व्यवस्था चरमरा कर रह गई। प्रदर्शनकारी नगर विधायक जफर आलम और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। उनका आरोप था कि कई बार फरियाद करने के बाद भी वहां नाले का निर्माण नहीं हुआ है।
विज्ञापन
इसी क्रम में बारिश के चलते खैर रोड पर केबीआर स्कूल के पास एक नया मकान ढह गया। उस्मान पाड़े में भी इक इमारत ढह गई। यह इमारत लगातार बारिश के चलते गिर रहे पेड़ की चपेट में आ गई और धराशायी हो गई। खैर रोड पर नादा पुल से पहले एक नाला भी धंस गया।
विज्ञापन
बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को आपात बैठक के बाद नगर निगम ने रैन बसेरे और शेल्टर होम खुलवा दिए थे, लेकिन महफूज नगर के लोगों को सबसे ज्यादा चिंता अपनी जीवन भर की कमाई अपने मकानों को लेकर थी, जिसमें वह एक बड़ी पूंजी लगा चुके हैं। महफूज नगर में पानी का स्तर कम नहीं हुआ है। बल्कि सोमवार को 500 मकान और ढह गए। इनमें छोटे बड़े सभी प्रकार के मकान शामिल हैं।
महफूज नगर केे आसपास के लोगों का भी पलायन करने का सिलसिला जारी है। हालांकि नाला खुदने का काम सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा और एसओ देहली गेट अनुज कुमार की देखरेख में शुरू हो गया। लेकिन लोगों का आक्रोश कम नहीं हुआ। सुबह करीब 8 बजे स्थानीय प्रभावित लोगों ने सड़क पर ड्रम, बल्ली, बुग्गी, टायर, टेंपो, रस्सियां बांधकर, साइकिल, बाइक, रिक्शा, ठेला आदि खड़ा करके जाम लगा दिया।
इससे वहां पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। मकान ढहने से पीड़ित अहमद, सईद, अलीशेर, लल्ला, दिलशाद, अलिया, मुजाहिद, मुन्ना, इमरान, जफरुद्दीन, बाबुद्दीन, सुलेमान, अल्ली, शमशाद, भूरा आदि ने बताया कि प्रशासन के यह कह देने कि यहां से हट जाएं, से क्या हमारी समस्या का समाधान हो जाएगा? हमें मुआवजा चाहिए। जिसका जितना मकान क्षतिग्रस्त हुआ है, उसे उसी हिसाब से मुआवजा दिया जाए।
जाम की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। मौके पर नाला खोदने के लिए दो जेसीबी मशीन लगा दी गईं। इसके अलावा काम में रुकावट पैदा न हो, इसके लिए आरआरएफ भी लगा दी गई है। बाद में अधिकारियों के समझाने और जेसीबी सेे काम होता देख जाम खुल गया। इसके अलावा नगर निगम ने वहां पंपिंग की व्यवस्था भी शुरू कर दी है।