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रोडवेज की बसों में चेकिंग ठप
Updated Sun, 02 Dec 2018 01:59 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
आगरा एवं अलीगढ़ रीजन की बसों में फर्जी टिकट के घोटाले का भंडाफोड़ होने के बाद चार अक्तूबर को मुख्यालय ने 51 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। इसमें रोडवेज के चार यातायात अधीक्षक भी निलंबित किए गए थे, लेकिन करीब दो माह बीतने के बाद भी इनके स्थान पर नए यातायात अधीक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पाई है।
इसके कारण रोडवेज बसों में चेकिंग का काम प्रभावित हो रहा है। चूंकि इनकी नियुक्ति मुख्यालय स्तर से हो रही है तो स्थानीय अधिकारी भी मुख्यालय की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। वह स्टॉफ की कमी के कारण कार्य प्रभावित होने का रोना तो रो रहे हैं, लेकिन खुलकर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।
विदित हो कि आगरा एवं अलीगढ़ रीजन की रोडवेज बसों में नकली टिकट गैंग का खुलासा एसटीएफ ने 21 अगस्त को इगलास में किया था। पुलिस ने मौके से गैंग लीडर मेघसिंह व देवेंद्र समेत 11 को आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि कुछ दिन बाद तीन लोगों को और गिरफ्तार कर जेल भिजवाया।
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एमडी पी गुरु प्रसाद ने इस मामले की जांच के लिए एक टीम का गठन किया। यह टीम आगरा, मथुरा, हाथरस, अलीगढ़ में कई दिन तक डेरा जमाए रही और कई अहम दस्तावेज लेकर गई। इन दस्तावेजों के आधार पर परिवहन निगम के एमडी ने आगरा, अलीगढ़ के आरएम समेत 51 अधिकारियों के खिलाफ निलंबित की कार्यवाही की।
इसी कार्यवाही में रीजन के चार यातायात अधीक्षक आयुष भटनागर, हेमंत मिश्रा, चक्कर सिंह, लक्ष्मण सिंह को भी निलंबित किया गया। यातायात अधीक्षकों के निलंबन के करीब दो माह के बाद भी इनके स्थान पर अभी नए यातायात अधीक्षकों की तैनाती नहीं हुई है।
इसके कारण रोडवेज बसों में चेकिंग होना लगभग बंद हो गया है। स्टॉफ भी कमी के कारण रोडवेज बसों में चेकिंग नहीं हो रही है। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर कभी आगरा तो कभी लखनऊ समेत अन्य रीजन की चेकिंग टीम रोडवेज बसों को चेक कर खानापूर्ति करने में जुटी हुई हैं।
यह सही बात है कि काम प्रभावित हो रहा है, लेकिन यातायात अधीक्षकों की नियुक्ति मुख्यालय स्तर से होनी है। उन्होंने मुख्यालय को पत्र भेजकर स्थिति से अवगत करा दिया है।
- जेडए नोमानी, क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज
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आगरा एवं अलीगढ़ रीजन की बसों में फर्जी टिकट के घोटाले का भंडाफोड़ होने के बाद चार अक्तूबर को मुख्यालय ने 51 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। इसमें रोडवेज के चार यातायात अधीक्षक भी निलंबित किए गए थे, लेकिन करीब दो माह बीतने के बाद भी इनके स्थान पर नए यातायात अधीक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पाई है।
इसके कारण रोडवेज बसों में चेकिंग का काम प्रभावित हो रहा है। चूंकि इनकी नियुक्ति मुख्यालय स्तर से हो रही है तो स्थानीय अधिकारी भी मुख्यालय की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। वह स्टॉफ की कमी के कारण कार्य प्रभावित होने का रोना तो रो रहे हैं, लेकिन खुलकर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।
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विदित हो कि आगरा एवं अलीगढ़ रीजन की रोडवेज बसों में नकली टिकट गैंग का खुलासा एसटीएफ ने 21 अगस्त को इगलास में किया था। पुलिस ने मौके से गैंग लीडर मेघसिंह व देवेंद्र समेत 11 को आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि कुछ दिन बाद तीन लोगों को और गिरफ्तार कर जेल भिजवाया।
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एमडी पी गुरु प्रसाद ने इस मामले की जांच के लिए एक टीम का गठन किया। यह टीम आगरा, मथुरा, हाथरस, अलीगढ़ में कई दिन तक डेरा जमाए रही और कई अहम दस्तावेज लेकर गई। इन दस्तावेजों के आधार पर परिवहन निगम के एमडी ने आगरा, अलीगढ़ के आरएम समेत 51 अधिकारियों के खिलाफ निलंबित की कार्यवाही की।
इसी कार्यवाही में रीजन के चार यातायात अधीक्षक आयुष भटनागर, हेमंत मिश्रा, चक्कर सिंह, लक्ष्मण सिंह को भी निलंबित किया गया। यातायात अधीक्षकों के निलंबन के करीब दो माह के बाद भी इनके स्थान पर अभी नए यातायात अधीक्षकों की तैनाती नहीं हुई है।
इसके कारण रोडवेज बसों में चेकिंग होना लगभग बंद हो गया है। स्टॉफ भी कमी के कारण रोडवेज बसों में चेकिंग नहीं हो रही है। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर कभी आगरा तो कभी लखनऊ समेत अन्य रीजन की चेकिंग टीम रोडवेज बसों को चेक कर खानापूर्ति करने में जुटी हुई हैं।
यह सही बात है कि काम प्रभावित हो रहा है, लेकिन यातायात अधीक्षकों की नियुक्ति मुख्यालय स्तर से होनी है। उन्होंने मुख्यालय को पत्र भेजकर स्थिति से अवगत करा दिया है।
- जेडए नोमानी, क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज