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मुडिया मेला: छत पर बिना जाल वाली रोडवेज बसें दौड़ेगी मेले में
Updated Tue, 10 Jul 2018 01:08 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
गोवर्धन के विश्वविख्यात मुड़िया पूर्णिमा की तैयारियों के लिए रोडवेज ने अभी से कमर कस ली है। इस बार बिना जाल वाली 300 बसों को अलीगढ़-मथुरा व गोवर्धन मार्ग पर दौड़ाया जाएगा। क्षेत्रीय प्रबंधक ने अपने अधीन आने वाले पांचों सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों से अपनी-अपनी डिपो से बसों की व्यवस्था कराने को लेटर जारी कर दिया है।
27 जुलाई को गुरु पूर्णिमा है। इस दौरान गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा देने की मान्यता है। हालांकि गुरु पूर्णिमा वाले दिन अधिक भीड़ होने के कारण कुछ लोग एक-दो दिन पहले भी गोवर्धन की परिक्रमा करने के लिए जाते हैं।
इसे ध्यान में रखते हुए रोडवेज की 300 बसें 22 से 29 तक गोवर्धन के लिए चलेंगी। सभी बसों का संचालन 22 जुलाई से गांधी पार्क बस अड्डे से शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही इस बार ऐसी बसों की संख्या बढ़ाने की कोशिश की जा रही है जिनकी छत पर लोहे का जाल न हो।
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अधिकारियों का तर्क है कि मेला में बस की छत पर बैठकर परिक्रमार्र्थी ज्यादा यात्रा करते हैं। मेले में बस में क्षमता से अधिक सवारी पहले से ही अंदर होती है। ऐसे में छत पर और सवारी बैठने पर दुर्घटना होने की संभावना बढ़ जाती है। यदि चालक-परिचालक उन्हें मना करते हैं तो झगड़े की नौबत आ जाती है।
दूसरा कारण यह भी है कि छत पर बैठे लोगों की टिकट बनाने में परिचालक को परेशानी होती है। कई बार तो छत पर बैठे लोग बिना टिकट ही यात्रा करते हैं। यदि रास्ते में चेकिंग दस्ता उन्हें रोकता है तो यात्री हंगामा खड़ा कर देते हैं।
पांचों एआरएम को भेजा बसों का पत्र
क्षेत्रीय प्रबंधक अतुल त्रिपाठी ने अलीगढ़ डिपो को 60, बुद्ध विहार को 60, एटा को 45, हाथरस को 55, कासगंज को 40, नरौरा को 20 तथा अतरौली डिपो के एआरएम को 20 बसों की व्यवस्था करने का लेटर जारी किया है।
एक दर्जन चेकिंग प्वाइंट बनेंगे
मुड़िया पूर्णिमा मेले में चलने वाली बसों की चेकिंग एवं ब्रेक डाउन से निपटने के लिए अलीगढ़ से गोवर्धन तक एक दर्जन से अधिक प्वाइंट बनाए जाएंगे। यहां अलीगढ़ के कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। यदि रास्ते में चालक परिचालक को कोई परेशानी होती है या फिर बस ब्रेक डाउन होती है तो यह लोग चालक परिचालक की सहायता करेंगे।
डबल सिफ्ट में बस पर तैनात होंगे चालक-परिचालक
गोवर्धन मेले में चलने वाली बसों पर डबल सिफ्ट में चालक-परिचालक की ड्यूटी लगाई गई। मेले में बस चलाने वाले चालक-परिचालक के मोबाइल नंबर की लिस्ट भी प्वाइंट पर ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों के पास रहेगी।
इस बार कोशिश की जा रही है कि मेले में उन बसों का चलाया जाए जिनकी छत पर लोहे का जाल न हो। बस की छत पर लोहे का जाल न होने पर परिक्रमार्थी स्वयं ही उसके ऊपर नहीं बैठेंगे। इसके लिए बसों का चयन किया जा रहा है। शत प्रतिशत न हो सके तो कोशिश रहेंगी कि 85 प्रतिशत बसों बिना जाल की ही चलाई जाएं।
- योगेंद्र प्रताप सिंह, एआरएम बुद्ध विहार
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गोवर्धन के विश्वविख्यात मुड़िया पूर्णिमा की तैयारियों के लिए रोडवेज ने अभी से कमर कस ली है। इस बार बिना जाल वाली 300 बसों को अलीगढ़-मथुरा व गोवर्धन मार्ग पर दौड़ाया जाएगा। क्षेत्रीय प्रबंधक ने अपने अधीन आने वाले पांचों सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों से अपनी-अपनी डिपो से बसों की व्यवस्था कराने को लेटर जारी कर दिया है।
27 जुलाई को गुरु पूर्णिमा है। इस दौरान गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा देने की मान्यता है। हालांकि गुरु पूर्णिमा वाले दिन अधिक भीड़ होने के कारण कुछ लोग एक-दो दिन पहले भी गोवर्धन की परिक्रमा करने के लिए जाते हैं।
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इसे ध्यान में रखते हुए रोडवेज की 300 बसें 22 से 29 तक गोवर्धन के लिए चलेंगी। सभी बसों का संचालन 22 जुलाई से गांधी पार्क बस अड्डे से शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही इस बार ऐसी बसों की संख्या बढ़ाने की कोशिश की जा रही है जिनकी छत पर लोहे का जाल न हो।
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अधिकारियों का तर्क है कि मेला में बस की छत पर बैठकर परिक्रमार्र्थी ज्यादा यात्रा करते हैं। मेले में बस में क्षमता से अधिक सवारी पहले से ही अंदर होती है। ऐसे में छत पर और सवारी बैठने पर दुर्घटना होने की संभावना बढ़ जाती है। यदि चालक-परिचालक उन्हें मना करते हैं तो झगड़े की नौबत आ जाती है।
दूसरा कारण यह भी है कि छत पर बैठे लोगों की टिकट बनाने में परिचालक को परेशानी होती है। कई बार तो छत पर बैठे लोग बिना टिकट ही यात्रा करते हैं। यदि रास्ते में चेकिंग दस्ता उन्हें रोकता है तो यात्री हंगामा खड़ा कर देते हैं।
पांचों एआरएम को भेजा बसों का पत्र
क्षेत्रीय प्रबंधक अतुल त्रिपाठी ने अलीगढ़ डिपो को 60, बुद्ध विहार को 60, एटा को 45, हाथरस को 55, कासगंज को 40, नरौरा को 20 तथा अतरौली डिपो के एआरएम को 20 बसों की व्यवस्था करने का लेटर जारी किया है।
एक दर्जन चेकिंग प्वाइंट बनेंगे
मुड़िया पूर्णिमा मेले में चलने वाली बसों की चेकिंग एवं ब्रेक डाउन से निपटने के लिए अलीगढ़ से गोवर्धन तक एक दर्जन से अधिक प्वाइंट बनाए जाएंगे। यहां अलीगढ़ के कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। यदि रास्ते में चालक परिचालक को कोई परेशानी होती है या फिर बस ब्रेक डाउन होती है तो यह लोग चालक परिचालक की सहायता करेंगे।
डबल सिफ्ट में बस पर तैनात होंगे चालक-परिचालक
गोवर्धन मेले में चलने वाली बसों पर डबल सिफ्ट में चालक-परिचालक की ड्यूटी लगाई गई। मेले में बस चलाने वाले चालक-परिचालक के मोबाइल नंबर की लिस्ट भी प्वाइंट पर ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों के पास रहेगी।
इस बार कोशिश की जा रही है कि मेले में उन बसों का चलाया जाए जिनकी छत पर लोहे का जाल न हो। बस की छत पर लोहे का जाल न होने पर परिक्रमार्थी स्वयं ही उसके ऊपर नहीं बैठेंगे। इसके लिए बसों का चयन किया जा रहा है। शत प्रतिशत न हो सके तो कोशिश रहेंगी कि 85 प्रतिशत बसों बिना जाल की ही चलाई जाएं।
- योगेंद्र प्रताप सिंह, एआरएम बुद्ध विहार