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गांधी पार्क बस स्टैंड पर लोग पानी की बोतले खरीदने को मजबूर
Updated Mon, 04 Jun 2018 01:32 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
गांधी पार्क बस स्टैंड का आरओ प्लांट पिछले दस दिन में दो बार खराब हो चुका है। इसके कारण यात्रियों को पेयजल की समस्या से दो चार होना पड़ रहा है। साथ ही भीषण गर्मी में उन्हें पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
यात्रियों को मजबूरीवश 15 से 20 रुपये में पानी की बोतल खरीदकर अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है। बार-बार आरओ प्लांट खराब होने के पीछे अधिकारी पानी माफिया की करतूत तो बता रहे हैं, लेकिन इससे निपटने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं।
गांधी पार्क बस स्टैंड का आरओ प्लांट पिछले दस दि में दो बार खराब हो चुका है। अभी हाल में तीन दिन पहले ही इसे ठीक कराया जा रहा है।
लाखों रुपये कीमत का आरओ प्लांट का बार-बार खराब होना लोगों को खल रहा है। जबकि बस स्टैंड के कर्मचारी इसे पानी माफिया की करतूत बता रहे हैं। बस स्टैंड पर तैनात कर्मचारियों का कहना है कि प्लांट स्वत: खराब नहीं होता है।
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इसे जान बूझकर खराब किया जा रहा है। इसके पीछे पानी माफिया का हाथ है। चूंकि सबमर्सिबल का स्टार्टर आरओ प्लांट वाले कमरे में लगा है और इसकी चाभी यहां तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पास रहती है।
वह चाभी को इधर-उधर दे देता है इसी का लाभ उठाकर कभी आरओ प्लांट को बंद कर दिया जाता है तो कभी पानी ठंडा करने वाले स्विच को बंद कर दिया जाता है। इससे भी काम नहीं चलता तो इसे शार्ट सर्किट कर खराब कर दिया जाता है।
आरओ प्लांट खराब होने पर यात्रियों को पानी के लिए भटकना पड़ता है। आसपास पानी की व्यवस्था न होने पर उन्हें 15 से 20 रुपये की पानी की बोतल खरीदकर अपनी प्यास बुझानी पड़ती है। आरओ प्लांट सही होने पर पानी की बोतलों की बिक्री में कमी आ जाती है।
- आरओ प्लांट को अभी ठीक कराया है। दोबारा खराब होने की जानकारी नहीं है। बार-बार खराब होने के पीछे कोई साजिश हो सकती है। इससे निपटने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
योगेंद्र प्रताप सिंह, एआरएम बुद्ध विहार
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गांधी पार्क बस स्टैंड का आरओ प्लांट पिछले दस दिन में दो बार खराब हो चुका है। इसके कारण यात्रियों को पेयजल की समस्या से दो चार होना पड़ रहा है। साथ ही भीषण गर्मी में उन्हें पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
यात्रियों को मजबूरीवश 15 से 20 रुपये में पानी की बोतल खरीदकर अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है। बार-बार आरओ प्लांट खराब होने के पीछे अधिकारी पानी माफिया की करतूत तो बता रहे हैं, लेकिन इससे निपटने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं।
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गांधी पार्क बस स्टैंड का आरओ प्लांट पिछले दस दि में दो बार खराब हो चुका है। अभी हाल में तीन दिन पहले ही इसे ठीक कराया जा रहा है।
लाखों रुपये कीमत का आरओ प्लांट का बार-बार खराब होना लोगों को खल रहा है। जबकि बस स्टैंड के कर्मचारी इसे पानी माफिया की करतूत बता रहे हैं। बस स्टैंड पर तैनात कर्मचारियों का कहना है कि प्लांट स्वत: खराब नहीं होता है।
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इसे जान बूझकर खराब किया जा रहा है। इसके पीछे पानी माफिया का हाथ है। चूंकि सबमर्सिबल का स्टार्टर आरओ प्लांट वाले कमरे में लगा है और इसकी चाभी यहां तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पास रहती है।
वह चाभी को इधर-उधर दे देता है इसी का लाभ उठाकर कभी आरओ प्लांट को बंद कर दिया जाता है तो कभी पानी ठंडा करने वाले स्विच को बंद कर दिया जाता है। इससे भी काम नहीं चलता तो इसे शार्ट सर्किट कर खराब कर दिया जाता है।
आरओ प्लांट खराब होने पर यात्रियों को पानी के लिए भटकना पड़ता है। आसपास पानी की व्यवस्था न होने पर उन्हें 15 से 20 रुपये की पानी की बोतल खरीदकर अपनी प्यास बुझानी पड़ती है। आरओ प्लांट सही होने पर पानी की बोतलों की बिक्री में कमी आ जाती है।
- आरओ प्लांट को अभी ठीक कराया है। दोबारा खराब होने की जानकारी नहीं है। बार-बार खराब होने के पीछे कोई साजिश हो सकती है। इससे निपटने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
योगेंद्र प्रताप सिंह, एआरएम बुद्ध विहार