{"_id":"5aef701b4f1c1b320a8b8893","slug":"41525641243-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं हो सका हिंदू जागरण मंच का एएमयू कूच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहीं हो सका हिंदू जागरण मंच का एएमयू कूच
Updated Mon, 07 May 2018 02:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
एलान के मुताबिक एएमयू छात्र संघ के यूनियन हाल में लगी पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर उतारने के लिए एकत्र हुए हिन्दू जागरण मंच के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने रविवार सुबह एसएमवी इंटर कालेज रामघाट रोड पर एकत्र होकर जबरदस्त नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी जिन्ना मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। गले में भगवा अंगौछा लपेटे कार्यकर्ता बाइकों और स्कूटर से एसएमवी इंटर कालेज तक आए थे। उनके साथ अन्य समर्थक भी थे। इस दौरान एक तरफ का ट्रैफिक जाम हो गया।
दरअसल हिजामं ने गत दिनों एलान किया था कि अगर एएमयू प्रशासन ने जिन्ना की तस्वीर नहीं उतारी तो वह खुद ही उतार देंगे। इसी एलान के बाद कार्यकर्ता रविवार को एएमयू कूच करने जा रहे थे। पुलिस ने इन सभी को एएमयू कूच करने से बमुश्किल रोका। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस, आरएएफ और पीएसी के साथ एडीएम सिटी श्याम बहादुर सिंह, एसपी सिटी अतुल कुमार श्रीवास्तव, सीओ थर्ड संजीव दीक्षित, इंस्पेक्टर क्वार्सी संजीव दुबे मौके पर मौजूद थे।
एएमयू जाने के लिए हिन्दू जागरण मंच के पदाधिकारियों ने पुलिस ने खूब जोरआजमाइश की। कहासुनी और धक्कामुक्की भी की गई। मशक्कत के बाद पुलिस ने हिन्दू जागरण मंच के महानगर अध्यक्ष सोनू सविता, विमल वार्ष्णेय और योगेश वार्ष्णेय को हिरासत में ले लिया। इन सभी को पुलिस क्वार्सी थाने ले आई। वहां कुछ देर तक रोकने के बाद सोनू और विमल को छोड़ दिया।
विज्ञापन
जबकि योगेश को जेल भेज दिया गया। पुलिस फोर्स की मौजूदगी में हिन्दू जागरण मंच के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम व राजा महेंद्र प्रताप सिंह के प्रपौत्र राजा गरुणध्वज सिंह ने प्रेसवार्ता की और कालेज के गेट पर पांच सूत्री ज्ञापन एडीएम सिटी श्याम बहादुर सिंह व एसपी सिटी अतुल कुमार श्रीवास्तव को सौंपा।
जिन्ना प्रकरण में हिंदू जागरण मंच ने रविवार की सुबह एसएमबी इंटर कालेज से कलेक्ट्रेट और वहां से एएमयू के लिए कूच का एलान किया था। सुबह से ही यहां कार्यकर्ताओं का जुटना शुरू हो गया, लेकिन पुलिस-प्रशासन ने कालेज के अंदर गए किसी भी पदाधिकारी बाहर नहीं निकलने दिया। इस दौरान हिन्दूू जागरण मंच के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम ने कालेज परिसर में ही प्रेसवार्ता कर अपनी मांगों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि जिन्ना ने साजिश रचकर भारत के विभाजन का कार्य किया। ऐसे व्यक्ति की तस्वीर सरकारी संस्थान में लगना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
हिजामं के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जिन्ना की तस्वीर पूरे भारत में प्रतिबंधित होनी चाहिए। एएमयू को बनाने के लिए राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने हजारों एकड़ जमीन दान में दी थी, लेकिन उनके योगदान को षड्यंत्र के तहत भुला दिया गया। एएमयू का नाम राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय कर उनकी विशाल प्रतिमा वहां लगनी चाहिए।
भारत विरोधी जिन्ना के समर्थकों को देशद्रोह के तहत जेल भेजा जाए। एएमयू में आरक्षण लागू किया जाए ताकि दलित छात्रों को प्रवेश मिल सके। एएमयू के हास्टलों की भी तलाशी ली जाए। प्रेसवार्ता के बाद जब प्रदेश अध्यक्ष कालेज से कलेक्ट्रेट के लिए कूच करने को तैयार हुए तो पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने उन्हें समझा बुझाकर शांत किया और गेट पर ही ज्ञापन तथा राजा महेंद्र प्रताप सिंह की तस्वीर ले ली गई। इस दौरान जमकर नारेबाजी हुई। यहां पर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रहा।
विज्ञापन
एलान के मुताबिक एएमयू छात्र संघ के यूनियन हाल में लगी पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर उतारने के लिए एकत्र हुए हिन्दू जागरण मंच के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने रविवार सुबह एसएमवी इंटर कालेज रामघाट रोड पर एकत्र होकर जबरदस्त नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी जिन्ना मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। गले में भगवा अंगौछा लपेटे कार्यकर्ता बाइकों और स्कूटर से एसएमवी इंटर कालेज तक आए थे। उनके साथ अन्य समर्थक भी थे। इस दौरान एक तरफ का ट्रैफिक जाम हो गया।
दरअसल हिजामं ने गत दिनों एलान किया था कि अगर एएमयू प्रशासन ने जिन्ना की तस्वीर नहीं उतारी तो वह खुद ही उतार देंगे। इसी एलान के बाद कार्यकर्ता रविवार को एएमयू कूच करने जा रहे थे। पुलिस ने इन सभी को एएमयू कूच करने से बमुश्किल रोका। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस, आरएएफ और पीएसी के साथ एडीएम सिटी श्याम बहादुर सिंह, एसपी सिटी अतुल कुमार श्रीवास्तव, सीओ थर्ड संजीव दीक्षित, इंस्पेक्टर क्वार्सी संजीव दुबे मौके पर मौजूद थे।
विज्ञापन
एएमयू जाने के लिए हिन्दू जागरण मंच के पदाधिकारियों ने पुलिस ने खूब जोरआजमाइश की। कहासुनी और धक्कामुक्की भी की गई। मशक्कत के बाद पुलिस ने हिन्दू जागरण मंच के महानगर अध्यक्ष सोनू सविता, विमल वार्ष्णेय और योगेश वार्ष्णेय को हिरासत में ले लिया। इन सभी को पुलिस क्वार्सी थाने ले आई। वहां कुछ देर तक रोकने के बाद सोनू और विमल को छोड़ दिया।
विज्ञापन
जबकि योगेश को जेल भेज दिया गया। पुलिस फोर्स की मौजूदगी में हिन्दू जागरण मंच के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम व राजा महेंद्र प्रताप सिंह के प्रपौत्र राजा गरुणध्वज सिंह ने प्रेसवार्ता की और कालेज के गेट पर पांच सूत्री ज्ञापन एडीएम सिटी श्याम बहादुर सिंह व एसपी सिटी अतुल कुमार श्रीवास्तव को सौंपा।
जिन्ना प्रकरण में हिंदू जागरण मंच ने रविवार की सुबह एसएमबी इंटर कालेज से कलेक्ट्रेट और वहां से एएमयू के लिए कूच का एलान किया था। सुबह से ही यहां कार्यकर्ताओं का जुटना शुरू हो गया, लेकिन पुलिस-प्रशासन ने कालेज के अंदर गए किसी भी पदाधिकारी बाहर नहीं निकलने दिया। इस दौरान हिन्दूू जागरण मंच के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम ने कालेज परिसर में ही प्रेसवार्ता कर अपनी मांगों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि जिन्ना ने साजिश रचकर भारत के विभाजन का कार्य किया। ऐसे व्यक्ति की तस्वीर सरकारी संस्थान में लगना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
हिजामं के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जिन्ना की तस्वीर पूरे भारत में प्रतिबंधित होनी चाहिए। एएमयू को बनाने के लिए राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने हजारों एकड़ जमीन दान में दी थी, लेकिन उनके योगदान को षड्यंत्र के तहत भुला दिया गया। एएमयू का नाम राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय कर उनकी विशाल प्रतिमा वहां लगनी चाहिए।
भारत विरोधी जिन्ना के समर्थकों को देशद्रोह के तहत जेल भेजा जाए। एएमयू में आरक्षण लागू किया जाए ताकि दलित छात्रों को प्रवेश मिल सके। एएमयू के हास्टलों की भी तलाशी ली जाए। प्रेसवार्ता के बाद जब प्रदेश अध्यक्ष कालेज से कलेक्ट्रेट के लिए कूच करने को तैयार हुए तो पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने उन्हें समझा बुझाकर शांत किया और गेट पर ही ज्ञापन तथा राजा महेंद्र प्रताप सिंह की तस्वीर ले ली गई। इस दौरान जमकर नारेबाजी हुई। यहां पर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रहा।