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अलीगढ़... इंसाफ से अभी दूर, पीड़िता का परिवार मजबूर
Updated Sat, 23 Dec 2017 02:05 AM IST
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इंसाफ अभी पहुंच से दूर, पीड़िता का परिवार मजबूर
ब्यूरो, अमर उजाला, हरदुआगंज।
हरदुआगंज के एक गांव में दो साल पहले एक किशोरी के साथ हुई वहशियाना वारदात के बाद जिला थर्रा उठा था। आज दो साल बाद स्थिति यह है कि पीड़ित परिवार आरोपियों की धमकी के बाद गांव से पलायन कर गया है। इंसाफ अभी भी पीड़ित से दूर है। तीन में दो आरोपी जेल से बाहर हैं। पीड़ित पक्ष बस किसी तरह मामले की अदालत में पैरवी कर रहा है।
23 दिसंबर 2015 को हरदुआगंज इलाके के एक गांव में सुबह के समय स्कूल जा रही एक किशोरी को खेत में खींचकर उसके साथ जानवरों जैसा सलूक किया गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई। उसकी साइकिल खेत में पड़ी हुई थी। घटना के बाद एक नाबालिग सहित तीन आरोपियों के नाम प्रकाश में आए।
घटना की पृष्ठ भूमि में पाया गया कि नाबालिग की मदद से पीड़ित के खानदान के ही एक युवक ने बरौला निवासी एक और युवक की मदद से पहले किशोरी पर डोरे डाले। लेकिन किशोरी द्वारा कोई तवज्जो नहीं दिए जाने पर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की घटना को अंजाम दिया गया। घटना के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कुछ समय बाद नाबालिग और एक अन्य आरोपी बाहर आ गए। एक आरोपी जिस पर पहले से ही कुछ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, अभी जेल में है।
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तस्वीर का दर्दनाक पहलू यह है कि आरोपी पक्ष की धमकियों के चलते किशोरी के एक मात्र भाई को गांव से बाहर भेज दिया गया है। अन्य लोग पलायन कर गए हैं। गांव में सिर्फ पीड़िता की मां है। उसे भी आरोपी पक्ष लगातार धमका रहा है। ऐसे में विचारणीय प्रश्न यह है कि पीड़िता के परिवार के लिए इंसाफ अभी कितनी दूर है।
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ब्यूरो, अमर उजाला, हरदुआगंज।
हरदुआगंज के एक गांव में दो साल पहले एक किशोरी के साथ हुई वहशियाना वारदात के बाद जिला थर्रा उठा था। आज दो साल बाद स्थिति यह है कि पीड़ित परिवार आरोपियों की धमकी के बाद गांव से पलायन कर गया है। इंसाफ अभी भी पीड़ित से दूर है। तीन में दो आरोपी जेल से बाहर हैं। पीड़ित पक्ष बस किसी तरह मामले की अदालत में पैरवी कर रहा है।
23 दिसंबर 2015 को हरदुआगंज इलाके के एक गांव में सुबह के समय स्कूल जा रही एक किशोरी को खेत में खींचकर उसके साथ जानवरों जैसा सलूक किया गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई। उसकी साइकिल खेत में पड़ी हुई थी। घटना के बाद एक नाबालिग सहित तीन आरोपियों के नाम प्रकाश में आए।
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घटना की पृष्ठ भूमि में पाया गया कि नाबालिग की मदद से पीड़ित के खानदान के ही एक युवक ने बरौला निवासी एक और युवक की मदद से पहले किशोरी पर डोरे डाले। लेकिन किशोरी द्वारा कोई तवज्जो नहीं दिए जाने पर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की घटना को अंजाम दिया गया। घटना के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कुछ समय बाद नाबालिग और एक अन्य आरोपी बाहर आ गए। एक आरोपी जिस पर पहले से ही कुछ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, अभी जेल में है।
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तस्वीर का दर्दनाक पहलू यह है कि आरोपी पक्ष की धमकियों के चलते किशोरी के एक मात्र भाई को गांव से बाहर भेज दिया गया है। अन्य लोग पलायन कर गए हैं। गांव में सिर्फ पीड़िता की मां है। उसे भी आरोपी पक्ष लगातार धमका रहा है। ऐसे में विचारणीय प्रश्न यह है कि पीड़िता के परिवार के लिए इंसाफ अभी कितनी दूर है।