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विश्व में दो प्रतिशत मृत्यु आत्महत्या के कारण
Updated Thu, 30 Nov 2017 01:50 AM IST
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विश्व में दो प्रतिशत मृत्यु आत्महत्या के कारण
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
अलीगढ़। विश्व में आत्महत्या की बढ़ती घटनाएं चिंता का विषय है। दो प्रतिशत मृत्यु विश्व में आत्महत्या के कारण होती हैं। नेशनल क्राइम ब्यूरो रिपोर्ट के अनुसार भारत में 51.1 प्रतिशत आत्महत्या महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना एवं पश्चिम बंगाल में होती हैं। जबकि 48.9 प्रतिशत आत्महत्या शेष भारत में होती हैं। यह कहना है कि जेएन मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विशेषज्ञ प्रो. एसए आजमी का।
उन्हाेंने बताया कि मानसिक रोग, जटिल शारीरिक रोग, सामाजिक-आर्थिक दबाव, नशे का प्रचलन, दिशाहीन एवं अप्राप्य उद्देश्य का निर्धारण, संकुचित सोच इत्यादि के साथ परिवार में कलह आत्महत्या का प्रमुख कारण है। अधिकांश लोग आत्महत्या करने के पहले कुछ संकेत देते हैं। कई बार सेलिब्रिटी या प्रमुख व्यक्ति की आत्महत्या की खबर को महिमा मंडित करने या प्रमुखता से मुख्य पृष्ठ पर छापने के बाद ऐसा पाया जाता है कि आत्महत्या की घटनाएं बढ़ गईं। इस प्रणाली को कापी कैट आत्महत्या प्रणाली एवं प्रभाव को वर्थर प्रभाव कहते हैं। इसलिए आत्महत्या की रोकथाम के लिये सरकारी, गैर सरकारी, परिवार, समुदाय एवं मीडिया की सक्रियता एवं जागरूकता का अपने आप में महत्व है।
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
अलीगढ़। विश्व में आत्महत्या की बढ़ती घटनाएं चिंता का विषय है। दो प्रतिशत मृत्यु विश्व में आत्महत्या के कारण होती हैं। नेशनल क्राइम ब्यूरो रिपोर्ट के अनुसार भारत में 51.1 प्रतिशत आत्महत्या महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना एवं पश्चिम बंगाल में होती हैं। जबकि 48.9 प्रतिशत आत्महत्या शेष भारत में होती हैं। यह कहना है कि जेएन मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विशेषज्ञ प्रो. एसए आजमी का।
उन्हाेंने बताया कि मानसिक रोग, जटिल शारीरिक रोग, सामाजिक-आर्थिक दबाव, नशे का प्रचलन, दिशाहीन एवं अप्राप्य उद्देश्य का निर्धारण, संकुचित सोच इत्यादि के साथ परिवार में कलह आत्महत्या का प्रमुख कारण है। अधिकांश लोग आत्महत्या करने के पहले कुछ संकेत देते हैं। कई बार सेलिब्रिटी या प्रमुख व्यक्ति की आत्महत्या की खबर को महिमा मंडित करने या प्रमुखता से मुख्य पृष्ठ पर छापने के बाद ऐसा पाया जाता है कि आत्महत्या की घटनाएं बढ़ गईं। इस प्रणाली को कापी कैट आत्महत्या प्रणाली एवं प्रभाव को वर्थर प्रभाव कहते हैं। इसलिए आत्महत्या की रोकथाम के लिये सरकारी, गैर सरकारी, परिवार, समुदाय एवं मीडिया की सक्रियता एवं जागरूकता का अपने आप में महत्व है।
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