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अलीगढ़ में राजभाषा की बैठक से नदारद सदस्यों को नोटिस
Updated Fri, 30 Jun 2017 02:31 AM IST
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राजभाषा की बैठक में गैरहाजिर रहे सदस्य विभागों को नोटिस
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
आयकर अलीगढ़ रेंज की प्रधान आयकर आयुक्त टी टौसेंग प्रसाद के नेतृत्व में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक गुरुवार को आयकर भवन मैरिस रोड पर हुई।
इसमें समिति में दर्ज 52 केंद्रीय सरकारी विभागों के सदस्यों की उपस्थिति होनी थी, लेकिन महज 15 प्रतिनिधियों को देख कर आयकर आयुक्त ने इसे गंभीर लापरवाही बताया और अनुपस्थिति रहे विभागों के अध्यक्षों को नोटिस देकर उनसे जवाब मांगा गया है।
इस बैठक में समिति के सचिव राजीव कुमार सक्सेना ने पिछली बैठकों में हुई कार्यवाही का ब्यौरा पेश किया। उन्होंने बताया कि हर तीन महीने में सभी विभागों को हिंदी के प्रयोग से संबंधित कार्यवाही का विवरण राजभाषा की वेबसाइट में अपलोड करना है।
यह बेहद जरूरी है अन्यथा उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी। इस दौरान एक सदस्य ने अक्तूबर महीने में राजभाषा की बैठक कराने का प्रस्ताव रखा है।
अलीगढ़ आयकर अधिकारी अवधेश कुमार ने बैठक में अधिक से अधिक हिंदी के प्रयोग पर जोर दिया। कहा कि जो सवाल हिंदी में पूछे जाएं उनके जवाब भी हिंदी में दिए जाएं।
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इस मौके पर हिंदी अधिकारी सुरेंद्र कुमार, अंबिका कालरा, नरौरा परमाणु संयत्र की डीजीएम एवं हिंदी अधिकारी राजेश्वरी ने भी हिंदी को बढ़ावा देने के लिए अपने अपने सुझाव दिए।
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
आयकर अलीगढ़ रेंज की प्रधान आयकर आयुक्त टी टौसेंग प्रसाद के नेतृत्व में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक गुरुवार को आयकर भवन मैरिस रोड पर हुई।
इसमें समिति में दर्ज 52 केंद्रीय सरकारी विभागों के सदस्यों की उपस्थिति होनी थी, लेकिन महज 15 प्रतिनिधियों को देख कर आयकर आयुक्त ने इसे गंभीर लापरवाही बताया और अनुपस्थिति रहे विभागों के अध्यक्षों को नोटिस देकर उनसे जवाब मांगा गया है।
इस बैठक में समिति के सचिव राजीव कुमार सक्सेना ने पिछली बैठकों में हुई कार्यवाही का ब्यौरा पेश किया। उन्होंने बताया कि हर तीन महीने में सभी विभागों को हिंदी के प्रयोग से संबंधित कार्यवाही का विवरण राजभाषा की वेबसाइट में अपलोड करना है।
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यह बेहद जरूरी है अन्यथा उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी। इस दौरान एक सदस्य ने अक्तूबर महीने में राजभाषा की बैठक कराने का प्रस्ताव रखा है।
अलीगढ़ आयकर अधिकारी अवधेश कुमार ने बैठक में अधिक से अधिक हिंदी के प्रयोग पर जोर दिया। कहा कि जो सवाल हिंदी में पूछे जाएं उनके जवाब भी हिंदी में दिए जाएं।
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इस मौके पर हिंदी अधिकारी सुरेंद्र कुमार, अंबिका कालरा, नरौरा परमाणु संयत्र की डीजीएम एवं हिंदी अधिकारी राजेश्वरी ने भी हिंदी को बढ़ावा देने के लिए अपने अपने सुझाव दिए।