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बिल्डर राधेलाल को मिली हाईकोर्ट से राहत
Updated Tue, 13 Jun 2017 01:48 AM IST
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बिल्डर राधेलाल शर्मा को मिली हाईकोर्ट से राहत
ब्यूरो,अमर उजाला, अलीगढ़।
महानगर में गूलर रोड स्थित नगर निगम के मालिकाना हक वाली पोखरों पर बैनामे के जरिये प्लाट बेचने के आरोप में फंसे बिल्डर राधेलाल शर्मा को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट के विद्वान न्यायाधीश कृष्ण मुरारी व शैलेंद्र कुमार अग्रवाल की दो सदस्यीय खंडपीठ ने मुकदमे में चार्जशीट दायर होने तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। साथ ही खंडपीठ ने आदेश में यह भी कहा है कि अगर चार्जशीट से पहले विवेचक को कोई ठोस साक्ष्य मिलता है तो गिरफ्तारी की जा सकती है। बता दें कि इस मामले में पिछले माह बन्नादेवी में नगर निगम की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था।
प्रदेश भर में एंटी भूमाफिया टॉस्क फोर्स का गठन कर ऐसी संपत्तियों को कब्जा मुक्त कराया जा रहा है, जो सरकारी हैं और उन पर कब्जा करने या कराने वालों पर कार्रवाई चल रही है। इसी क्रम में गूलर रोड की उन पोखरों को कब्जा मुक्त कराने के प्रयास चल रहे हैं, जिन पर करीब डेढ़ दशक से अवैध रूप से प्लाट काटे जा रहे थे।
इस प्रकरण में नगर निगम के प्रभारी अधिकारी संपत्ति ऋषिकेश सिंह की ओर से तीन मुकदमे बन्नादेवी थाने में 28 मई को दर्ज कराए गए थे। धारा 420, 467, 468, 471 के तहत तीन अलग-अलग मुकदमों में बिल्डर राधेलाल शर्मा निवासी गंगा नगर कॉलोनी बन्नादेवी, मो.शरीफ पुत्र बुंदू खान निवासी सराय रहमान बन्नादेवी व शमशाद पुत्र मो.निसार निवासी गली नंबर 12 जीवनगढ़ सिविल लाइंस को नामजद किया है। तीनों पर फर्जी पॉवर ऑफ अटर्नी के जरिये बैनामे करने का आरोप है। इस मुकदमे के खिलाफ बिल्डर राधेलाल शर्मा की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। इस पर अदालत ने उनके पक्ष में गिरफ्तारी पर स्थगनादेश जारी किया है।
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लाइसेंस प्रकरण में सुनवाई 16 को
बिल्डर राधेलाल शर्मा के तीन शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने के लिए पुलिस की ओर से रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी गई है। इस मामले में जिलाधिकारी ने राधेलाल शर्मा को अपना पक्ष रखने के लिए 16 जून को तलब किया है। बता दें कि इस दौरान वह अपना जवाब दाखिल करेंगे। इसके बाद शस्त्र लाइसेंसों के निरस्तीकरण पर निर्णय लिया जाएगा।
ब्यूरो,अमर उजाला, अलीगढ़।
महानगर में गूलर रोड स्थित नगर निगम के मालिकाना हक वाली पोखरों पर बैनामे के जरिये प्लाट बेचने के आरोप में फंसे बिल्डर राधेलाल शर्मा को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट के विद्वान न्यायाधीश कृष्ण मुरारी व शैलेंद्र कुमार अग्रवाल की दो सदस्यीय खंडपीठ ने मुकदमे में चार्जशीट दायर होने तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। साथ ही खंडपीठ ने आदेश में यह भी कहा है कि अगर चार्जशीट से पहले विवेचक को कोई ठोस साक्ष्य मिलता है तो गिरफ्तारी की जा सकती है। बता दें कि इस मामले में पिछले माह बन्नादेवी में नगर निगम की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था।
प्रदेश भर में एंटी भूमाफिया टॉस्क फोर्स का गठन कर ऐसी संपत्तियों को कब्जा मुक्त कराया जा रहा है, जो सरकारी हैं और उन पर कब्जा करने या कराने वालों पर कार्रवाई चल रही है। इसी क्रम में गूलर रोड की उन पोखरों को कब्जा मुक्त कराने के प्रयास चल रहे हैं, जिन पर करीब डेढ़ दशक से अवैध रूप से प्लाट काटे जा रहे थे।
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इस प्रकरण में नगर निगम के प्रभारी अधिकारी संपत्ति ऋषिकेश सिंह की ओर से तीन मुकदमे बन्नादेवी थाने में 28 मई को दर्ज कराए गए थे। धारा 420, 467, 468, 471 के तहत तीन अलग-अलग मुकदमों में बिल्डर राधेलाल शर्मा निवासी गंगा नगर कॉलोनी बन्नादेवी, मो.शरीफ पुत्र बुंदू खान निवासी सराय रहमान बन्नादेवी व शमशाद पुत्र मो.निसार निवासी गली नंबर 12 जीवनगढ़ सिविल लाइंस को नामजद किया है। तीनों पर फर्जी पॉवर ऑफ अटर्नी के जरिये बैनामे करने का आरोप है। इस मुकदमे के खिलाफ बिल्डर राधेलाल शर्मा की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। इस पर अदालत ने उनके पक्ष में गिरफ्तारी पर स्थगनादेश जारी किया है।
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लाइसेंस प्रकरण में सुनवाई 16 को
बिल्डर राधेलाल शर्मा के तीन शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने के लिए पुलिस की ओर से रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी गई है। इस मामले में जिलाधिकारी ने राधेलाल शर्मा को अपना पक्ष रखने के लिए 16 जून को तलब किया है। बता दें कि इस दौरान वह अपना जवाब दाखिल करेंगे। इसके बाद शस्त्र लाइसेंसों के निरस्तीकरण पर निर्णय लिया जाएगा।