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8 के बदले मिलेगा 4 यूनिट राशन, चाहे जहां शिकायत करो
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Wed, 25 Oct 2017 01:17 AM IST
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8 के बदले मिलेगा 4 यूनिट राशन, चाहे जहां शिकायत करो
- फोटो : file photo
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बेशक राशन वितरण प्रणाली में बायोमेट्रिक सिस्टम की शुरुआत हो गई है, लेकिन अभी ग्रामीण क्षेत्र में यह व्यवस्था लागू नहीं हुई। जिले के ग्रामीण क्षेत्र की राशन व्यवस्था में धांधली की खबरें गाहे-बगाहे आती रहती है।
ऐसा ही ताजा मामला जवां क्षेत्र के गांव सपेरा भानपुर से सामने आया है। यहां राशन कोटेदार आठ यूनिट के राशन कार्ड पर चार यूनिट का ही राशन दे रहा है। विरोध करने पर कहता है कि जहां चाहो शिकायत कर लो, जब डीएसओ स्तर से इतना ही माल मिल रहा है तो वह कहां से दे सकता है। राशन कोटेदार और ग्राहक की सितंबर माह में हुई बातचीत का ऑडियो ऑनलाइन पोर्टल पर डालते हुए गांव के ही सत्येंद्र सिंह ने जिलाधिकारी से शिकायत की है। जिसकी जांच 12 अक्तूबर को खुद डीएसओ को सौंपी गई है।
अब यह जांच में ही साफ होगा कि राशन कितना मिल रहा है और कितना वितरित हो रहा है। मगर बड़ा सवाल है कि अगर राशन कोटेदारों को राशन नहीं मिल रहा तो क्यों? और कहां जा रहा है? अगर मिल रहा है तो वह इस तरह खुले चैलेंज के साथ पूरा राशन क्यों वितरित नहीं कर रहे हैं।
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गांव के कोटे और कोटेदार का परिचय
गांव सपेरा भानपुर में जगदीश प्रसाद गर्ग 40 वर्ष से गांव के कोटेदार हैं। यहां कुल राशन कार्ड 9 अंत्योदय, पात्र गृहस्थी के 804 कार्ड में कुल 3883 यूनिट हैं। खास बात है कि अंत्योदय कार्ड पर यूनिट वाइज राशन नहीं मिलता, उन्हें कार्ड वाइज मिलता है। इसलिए इसमें अंत्योदय कार्ड की यूनिट शामिल नहीं हैं। कोटेदार 2003 में हरदुआगंज मंडी के बाहर कालाबाजारी में पकड़ा गया था और मुकदमा दर्ज होने पर पांच दिन के लिए जेल गया। निलंबन के बाद फिर कोटा बहाल हुआ। 2012 में भी हरदुआगंज मंडी पर कोटे का राशन ब्लैक करते पकड़े गए थे। पूर्ति निरीक्षक ने मुकदमा कराया था। कोटेदार निलंबित हुआ, दुकान सील हुई। लेकिन एसडीएम स्तर से फिर कोटा बहाल कराने में सफल रहे।
2 माह से राशन कार्ड भी बोल रहे
राशन कार्ड सभी सूचीबद्ध लोगों के पास हैं। कुछ के पास नहीं भी हैं, तो उनके पास राशन कार्ड के तौर पर हस्ताक्षरयुक्त कंप्यूटराइज कागज भी हैं। वितरण के समय कार्ड पर राशन चढ़ाया जाता है। दो माह से कोटेदार का बेटा कार्ड पर राशन चढ़ा रहा है, जिसे साफ पढ़ा जा सकता है। दो माह से पूर्व के वितरण को खुद कोटेदार चढ़ाया करता था, जिसे आज तक कोई पढ़ नहीं पाया।
कोटेदार और ग्राहक की बातचीत के अंश
कोटेदार: 60 रुपया दै देओ।
कार्डधारक : मतलब कैसे, जरा मुझे समझाओ तो सही।
कोटेदार: 20 किलो है राशन।
कार्डधारक : 20 किलो कैसे?
कोटेदार : 12 किलो गेहूं और 8 किलो चावल हैं।
कार्डधारक : मतलब 12 किलो गेहूं कैसे भये, ये बताओ मुझे जरा।
कोटेदार : भये.. कैसेउ न भये। दरअसल ये कि जैसे वितरण हो रहा है, उसी तरह से हो रहा है। माल पूरा नहीं मिल रहा।
कार्डधारक : ऊपर से ही नहीं मिल रहा या..।
कोटेदार : हां, ऊपर से नहीं है। बायोमैट्रिक मशीन आ रही है.. शायद अगले महीने आ जायेगी। मशीन आ जायेगी, अंगूठा लगेगा.. फिर माल पूरा मिलेगा। अभी फिलहाल सरकार कम दे रही है माल।
कार्डधारक : क्यों?
कोटेदार : कोई वजह नहीं मालूम, पूरी यूनिट के हिसाब से माल नहीं मिल रहा है।
कार्डधारक : एक यूनिट में कितना चाहिए?
कोटेदार : एक यूनिट में 5 किलो चाहिए, लेकिन मिल नहीं रहा।
कार्डधारक : अब हमारी यूनिट कितनी हैं...आठ?
कोटेदार : सात यूनिट हैं।
कार्डधारक: नहीं आठ हैं।
कोटेदार: जो भी हो भैया रे, लेकिन चार यूनिट का ही मिलेगा। 20 किलो मिलता आ रहा है, 20 किलो ही मिलेगा। माल पूरा नहीं मिल रहा।
कार्डधारक : मतलब.. माल पूरा कौन नहीं दे रहा ये बताओ पहले?
कोटेदार : ऊपर से न मिल रहा.. शासन से..।
कार्डधारक: जैसे बीडीओ साहब से..? कहां से..?
कोटेदार : डीएसओ ऑफिस से।
कार्डधारक: डीएसओ ऑफिस वाले आपको पूरा नहीं दे रहे?
कोटेदार: ना..।
कार्डधारक : लिखित में दे सकते हो आप?
कोटेदार : मैं नहीं दे सकता.. मैं क्यों दूंगा..।
कार्डधारक : क्यों..?
कोटेदार : तुम्हें माल लेना है लो, नहीं लेना है मत लो। मेरी शिकायत कर दो..बड़े मजे ते... कोई वो नहीं है।
कार्डधारक : लेना तो है ही।
कोटेदार : हर महीने माल वितरण कर रहा हूं, एक महीने का फर्क नहीं कर रहा हूूं।
कार्डधारक : देखो हर महीने ऊपर से सरकार दे रही है, तो वो तो बांटोगे ही।
कोटेदार: अरे... किढ़ारे चले जाओ..मनोज बांटरोए..?
कार्डधारक : अरे किढा...।
कोटेदार: मनोज बांटरो, किढ़ारे..? बरहेती चले जाओ..? गड़रिया नगरा कूं आज तक ना मिलौ गड़रिया नगरा कूं, हम तौ दै रये ऐं..?
कार्डधारक : हमैं गड़रिया नगरा और उससे क्या मतलब, हमारो गाम सपेरा भानपुर है।
कोटेदार: जेई तौ कैरोउ, मैं बांट रोउं हर महीने, फिर भी मोपे वो है। मेरी वो है तौ शिकायत करौ.. मैं कब कैरोउ छोड़ो..? इसका जवाब मैं दे दूंगा।
जिले के आंकड़े
कुल दुकान 1363
कुल राशन कार्ड 6,05,357
पात्र गृहस्थी राशन कार्ड 5,80,761
अंत्योदय राशन कार्ड 24,596
सितंबर 2017 का जारी राशन मीट्रिक टन में
अंत्योदय कार्डधारकों के लिए
गेहूं 491 चावल 367
पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों के लिए
गेहूं 7814 चावल 5209
नई सरकार आने के बाद राशन माफिया पर कार्यवाही
कुल मुकदमे 27
कुल गिरफ्तारी 16
कुल दुकान निलंबित 58
कुल दुकान निरस्त 33
कुल जमानत राशि जब्त 2 लाख 61 हजार
विशेष
सितंबर माह में भी 4 मुकदमे दर्ज कर 3 माफिया गिरफ्तार किए गए हैं। इनमें 8 लोग नामजद थे। साथ ही 5 दुकान निलंबित व 3 निरस्त की गईं और 25 हजार रुपये की जमानत राशि भी जब्त की गई। वहीं ट्रैक्टर ट्रॉली सहित 7 लाख 38 हजार 250 रुपये कीमत का राशन भी बरामद किया गया है।
बयान
शिकायत मिली है। इसके लिए एसडीएम स्तर से जांच कराने के लिए कहा जा रहा है। जिससे मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी गांव में खुली चौपाल लगा कर जांच कर लें। अगर कोटेदार दोषी है, तो सीधी कार्रवाई हो और कोटा निरस्त हो।
- नीरज सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
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ऐसा ही ताजा मामला जवां क्षेत्र के गांव सपेरा भानपुर से सामने आया है। यहां राशन कोटेदार आठ यूनिट के राशन कार्ड पर चार यूनिट का ही राशन दे रहा है। विरोध करने पर कहता है कि जहां चाहो शिकायत कर लो, जब डीएसओ स्तर से इतना ही माल मिल रहा है तो वह कहां से दे सकता है। राशन कोटेदार और ग्राहक की सितंबर माह में हुई बातचीत का ऑडियो ऑनलाइन पोर्टल पर डालते हुए गांव के ही सत्येंद्र सिंह ने जिलाधिकारी से शिकायत की है। जिसकी जांच 12 अक्तूबर को खुद डीएसओ को सौंपी गई है।
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अब यह जांच में ही साफ होगा कि राशन कितना मिल रहा है और कितना वितरित हो रहा है। मगर बड़ा सवाल है कि अगर राशन कोटेदारों को राशन नहीं मिल रहा तो क्यों? और कहां जा रहा है? अगर मिल रहा है तो वह इस तरह खुले चैलेंज के साथ पूरा राशन क्यों वितरित नहीं कर रहे हैं।
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गांव के कोटे और कोटेदार का परिचय
गांव सपेरा भानपुर में जगदीश प्रसाद गर्ग 40 वर्ष से गांव के कोटेदार हैं। यहां कुल राशन कार्ड 9 अंत्योदय, पात्र गृहस्थी के 804 कार्ड में कुल 3883 यूनिट हैं। खास बात है कि अंत्योदय कार्ड पर यूनिट वाइज राशन नहीं मिलता, उन्हें कार्ड वाइज मिलता है। इसलिए इसमें अंत्योदय कार्ड की यूनिट शामिल नहीं हैं। कोटेदार 2003 में हरदुआगंज मंडी के बाहर कालाबाजारी में पकड़ा गया था और मुकदमा दर्ज होने पर पांच दिन के लिए जेल गया। निलंबन के बाद फिर कोटा बहाल हुआ। 2012 में भी हरदुआगंज मंडी पर कोटे का राशन ब्लैक करते पकड़े गए थे। पूर्ति निरीक्षक ने मुकदमा कराया था। कोटेदार निलंबित हुआ, दुकान सील हुई। लेकिन एसडीएम स्तर से फिर कोटा बहाल कराने में सफल रहे।
2 माह से राशन कार्ड भी बोल रहे
राशन कार्ड सभी सूचीबद्ध लोगों के पास हैं। कुछ के पास नहीं भी हैं, तो उनके पास राशन कार्ड के तौर पर हस्ताक्षरयुक्त कंप्यूटराइज कागज भी हैं। वितरण के समय कार्ड पर राशन चढ़ाया जाता है। दो माह से कोटेदार का बेटा कार्ड पर राशन चढ़ा रहा है, जिसे साफ पढ़ा जा सकता है। दो माह से पूर्व के वितरण को खुद कोटेदार चढ़ाया करता था, जिसे आज तक कोई पढ़ नहीं पाया।
कोटेदार और ग्राहक की बातचीत के अंश
कोटेदार: 60 रुपया दै देओ।
कार्डधारक : मतलब कैसे, जरा मुझे समझाओ तो सही।
कोटेदार: 20 किलो है राशन।
कार्डधारक : 20 किलो कैसे?
कोटेदार : 12 किलो गेहूं और 8 किलो चावल हैं।
कार्डधारक : मतलब 12 किलो गेहूं कैसे भये, ये बताओ मुझे जरा।
कोटेदार : भये.. कैसेउ न भये। दरअसल ये कि जैसे वितरण हो रहा है, उसी तरह से हो रहा है। माल पूरा नहीं मिल रहा।
कार्डधारक : ऊपर से ही नहीं मिल रहा या..।
कोटेदार : हां, ऊपर से नहीं है। बायोमैट्रिक मशीन आ रही है.. शायद अगले महीने आ जायेगी। मशीन आ जायेगी, अंगूठा लगेगा.. फिर माल पूरा मिलेगा। अभी फिलहाल सरकार कम दे रही है माल।
कार्डधारक : क्यों?
कोटेदार : कोई वजह नहीं मालूम, पूरी यूनिट के हिसाब से माल नहीं मिल रहा है।
कार्डधारक : एक यूनिट में कितना चाहिए?
कोटेदार : एक यूनिट में 5 किलो चाहिए, लेकिन मिल नहीं रहा।
कार्डधारक : अब हमारी यूनिट कितनी हैं...आठ?
कोटेदार : सात यूनिट हैं।
कार्डधारक: नहीं आठ हैं।
कोटेदार: जो भी हो भैया रे, लेकिन चार यूनिट का ही मिलेगा। 20 किलो मिलता आ रहा है, 20 किलो ही मिलेगा। माल पूरा नहीं मिल रहा।
कार्डधारक : मतलब.. माल पूरा कौन नहीं दे रहा ये बताओ पहले?
कोटेदार : ऊपर से न मिल रहा.. शासन से..।
कार्डधारक: जैसे बीडीओ साहब से..? कहां से..?
कोटेदार : डीएसओ ऑफिस से।
कार्डधारक: डीएसओ ऑफिस वाले आपको पूरा नहीं दे रहे?
कोटेदार: ना..।
कार्डधारक : लिखित में दे सकते हो आप?
कोटेदार : मैं नहीं दे सकता.. मैं क्यों दूंगा..।
कार्डधारक : क्यों..?
कोटेदार : तुम्हें माल लेना है लो, नहीं लेना है मत लो। मेरी शिकायत कर दो..बड़े मजे ते... कोई वो नहीं है।
कार्डधारक : लेना तो है ही।
कोटेदार : हर महीने माल वितरण कर रहा हूं, एक महीने का फर्क नहीं कर रहा हूूं।
कार्डधारक : देखो हर महीने ऊपर से सरकार दे रही है, तो वो तो बांटोगे ही।
कोटेदार: अरे... किढ़ारे चले जाओ..मनोज बांटरोए..?
कार्डधारक : अरे किढा...।
कोटेदार: मनोज बांटरो, किढ़ारे..? बरहेती चले जाओ..? गड़रिया नगरा कूं आज तक ना मिलौ गड़रिया नगरा कूं, हम तौ दै रये ऐं..?
कार्डधारक : हमैं गड़रिया नगरा और उससे क्या मतलब, हमारो गाम सपेरा भानपुर है।
कोटेदार: जेई तौ कैरोउ, मैं बांट रोउं हर महीने, फिर भी मोपे वो है। मेरी वो है तौ शिकायत करौ.. मैं कब कैरोउ छोड़ो..? इसका जवाब मैं दे दूंगा।
जिले के आंकड़े
कुल दुकान 1363
कुल राशन कार्ड 6,05,357
पात्र गृहस्थी राशन कार्ड 5,80,761
अंत्योदय राशन कार्ड 24,596
सितंबर 2017 का जारी राशन मीट्रिक टन में
अंत्योदय कार्डधारकों के लिए
गेहूं 491 चावल 367
पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों के लिए
गेहूं 7814 चावल 5209
नई सरकार आने के बाद राशन माफिया पर कार्यवाही
कुल मुकदमे 27
कुल गिरफ्तारी 16
कुल दुकान निलंबित 58
कुल दुकान निरस्त 33
कुल जमानत राशि जब्त 2 लाख 61 हजार
विशेष
सितंबर माह में भी 4 मुकदमे दर्ज कर 3 माफिया गिरफ्तार किए गए हैं। इनमें 8 लोग नामजद थे। साथ ही 5 दुकान निलंबित व 3 निरस्त की गईं और 25 हजार रुपये की जमानत राशि भी जब्त की गई। वहीं ट्रैक्टर ट्रॉली सहित 7 लाख 38 हजार 250 रुपये कीमत का राशन भी बरामद किया गया है।
बयान
शिकायत मिली है। इसके लिए एसडीएम स्तर से जांच कराने के लिए कहा जा रहा है। जिससे मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी गांव में खुली चौपाल लगा कर जांच कर लें। अगर कोटेदार दोषी है, तो सीधी कार्रवाई हो और कोटा निरस्त हो।
- नीरज सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी