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393 कन्याएं ‘लापता’, कराई जा रही तलाश
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़
Updated Thu, 25 Feb 2016 01:47 AM IST
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यहां 393 कन्याएं ‘लापता’ हैं और इनकी तलाश कराई जा रही है। इन कन्याओं को कन्या विद्याधन की धनराशि देनी है और यह कन्याएं मिल नहीं रहीं। इन कन्याओं के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए डीआईओएस ऑफिस से संबंधित विद्यालयों को कई बार अवगत कराया जा चुका है।
लेकिन विद्यालयों से इनके बारे में जानकारी नहीं मिल रही। ऐसे में स्थिति यह है कि अब अधिकारी इस माथापच्ची में लगे हैं कि जो पात्र छात्राएं नहीं मिल रहीं, आखिर उनके लिए आवंटित धनराशि का क्या किया जाए। शासनादेश को भी गहराई से खंगाला जा रहा है।
शासन ने यह घोषणा की कि वर्ष 2015 में इंटरमीडिएट पास करने वाली मेधावी छात्राओं को 30 हजार रुपये कन्या विद्याधन के रूप में दिया जाएगा। शासनादेश में यह भी घोषणा की गई कि इस बार यह धनराशि यूपी बोर्ड के अलावा सीबीएसई, आईसीएसई, मदरसा बोर्ड और संस्कृत शिक्षा परिषद की छात्राओं को दी जाएगी। इस जिले में 1375 छात्राएं इसके लिए पात्र पाई गईं।
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शासन से डीआईओएस ऑफिस में पात्र छात्राओं की लिस्ट भी भेज दी गई। इसमें यूपी बोर्ड के अलावा अन्य बोर्डों की पात्र छात्राएं भी शामिल थी। जिन छात्राओं की लिस्ट भेजी गई, उनमें उनका नाम और विद्यालय का नाम लिखा था। शासन ने 412.5 लाख रुपये की धनराशि भी वितरण के लिए यहां भेज दी। इन छात्राओं के बारे में जानकारी की गई और संबंधित विद्यालयोें को सूचित किया गया।
इसका नतीजा यह हुआ कि 982 पात्र छात्राओं के बारे में जानकारी मिल गई। उनके एकाउंट नंबर भी विभाग को मिल गए। इनके खाते में तो धनराशि भेजी जा रही है, लेकिन कई बार सूचना देने के बाद भी अभी तक 393 पात्र छात्राओं के बारे में संबंधित विद्यालयों ने जानकारी डीआईओएस ऑफिस को उपलब्ध नहीं कराई है।
इनकी खोजबीन की जा रही है। वर्ष 2015 में इंटरमीडिएट करने के बाद काफी छात्राओं का अपने विद्यालयों से संपर्क समाप्त हो गया। विद्यालय भी उनके बारे में जानकारी उपलब्ध नहीं करा पा रहे। सूत्रों की मानें तो आईसीएसई और सीबीएसई से इंटर पास करने वाली काफी छात्राएं तो इस योजना का लाभ लेना भी नहीं चाहती। इसलिए वह सामने आ नहीं रही। ऐसी स्थिति में इस समय अधिकारी माथापच्ची कर रहे हैं कि आखिर क्या किया जाए।
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लेकिन विद्यालयों से इनके बारे में जानकारी नहीं मिल रही। ऐसे में स्थिति यह है कि अब अधिकारी इस माथापच्ची में लगे हैं कि जो पात्र छात्राएं नहीं मिल रहीं, आखिर उनके लिए आवंटित धनराशि का क्या किया जाए। शासनादेश को भी गहराई से खंगाला जा रहा है।
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शासन ने यह घोषणा की कि वर्ष 2015 में इंटरमीडिएट पास करने वाली मेधावी छात्राओं को 30 हजार रुपये कन्या विद्याधन के रूप में दिया जाएगा। शासनादेश में यह भी घोषणा की गई कि इस बार यह धनराशि यूपी बोर्ड के अलावा सीबीएसई, आईसीएसई, मदरसा बोर्ड और संस्कृत शिक्षा परिषद की छात्राओं को दी जाएगी। इस जिले में 1375 छात्राएं इसके लिए पात्र पाई गईं।
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शासन से डीआईओएस ऑफिस में पात्र छात्राओं की लिस्ट भी भेज दी गई। इसमें यूपी बोर्ड के अलावा अन्य बोर्डों की पात्र छात्राएं भी शामिल थी। जिन छात्राओं की लिस्ट भेजी गई, उनमें उनका नाम और विद्यालय का नाम लिखा था। शासन ने 412.5 लाख रुपये की धनराशि भी वितरण के लिए यहां भेज दी। इन छात्राओं के बारे में जानकारी की गई और संबंधित विद्यालयोें को सूचित किया गया।
इसका नतीजा यह हुआ कि 982 पात्र छात्राओं के बारे में जानकारी मिल गई। उनके एकाउंट नंबर भी विभाग को मिल गए। इनके खाते में तो धनराशि भेजी जा रही है, लेकिन कई बार सूचना देने के बाद भी अभी तक 393 पात्र छात्राओं के बारे में संबंधित विद्यालयों ने जानकारी डीआईओएस ऑफिस को उपलब्ध नहीं कराई है।
इनकी खोजबीन की जा रही है। वर्ष 2015 में इंटरमीडिएट करने के बाद काफी छात्राओं का अपने विद्यालयों से संपर्क समाप्त हो गया। विद्यालय भी उनके बारे में जानकारी उपलब्ध नहीं करा पा रहे। सूत्रों की मानें तो आईसीएसई और सीबीएसई से इंटर पास करने वाली काफी छात्राएं तो इस योजना का लाभ लेना भी नहीं चाहती। इसलिए वह सामने आ नहीं रही। ऐसी स्थिति में इस समय अधिकारी माथापच्ची कर रहे हैं कि आखिर क्या किया जाए।