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35 हजार में ‘बिक’ रहे जन सुविधा केंद्र
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 26 Jun 2016 01:37 AM IST
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जन सुविधा केंद्र
- फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
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आम आदमी को गांव में ही सरकारी सुविधा मिले इसके लिए सरकार जो जन सुविधा केन्द्र खोल रही है, बाजार में उनकी बोली लग रही है। एक केन्द्र की कीमत मात्र 35 हजार रुपये है। ई-सुविधा योजना को सफल बनाने की जिम्मेदारी जिस वयमटेक कंपनी पर है उसकी कंपनी के अधिकारी जहां दूसरा जन सुविधा केन्द्र खुल नहीं सकता वहां भी पैसे लेकर आवंटन कर रहे हैं। अमर उजाला के ‘स्टिंग आपरेशन’ में कंपनी के कार्यालय में तैनात आला अधिकारी पैसे लेकर जन सुविधा केन्द्र आवंटन के मामले में प्रशासन के उच्चाधिकारियों की संलिप्त होने की बात कहते हुए भी कैद हुए हैँ।
सरकार ने जन सुविधा केंद्र खोलने के लिए वयमटेक कंपनी को नामित कर रखा है। प्रत्येक ग्राम पंचायत अथवा पांच हजार की आबादी पर एक एक खोला जाना है। इन जन सुविधा केंद्रों का काम लोगों को तहसील स्तर पर आय, मूल और जाति प्रमाण पत्र बनाने में होने वाली परेशानी को कम करना है। लोग इन जन सुविधा केंद्रों पर आवेदन करेंगे और यहीं से प्रमाण पत्र लेंगे। इन केंद्रों पर कोई धांधली न हो इसके लिए एडीएम और ईडीएम को अधिकृत किया गया है, लेकिन इनके आवंटन में ही जमकर धांधलेबाजी चल रही है। कंपनी के एक अधिकारी का कहना है कि वह नोएडा ऑफिस में बैठता है और वहीं लॉगइन आईडी और पासवर्ड जारी करता है। इसके लिए 30 से 35 हजार रुपये खर्च होंगे। उसका कहना था कि वैसे तो एक ग्राम पंचायत में केवल एक जन सेवा केंद्र खोलने का नियम है, लेकिन वह सब कुछ करवा देगा। उसका कहना था कि किसी और स्थान के नाम पर जन सेवा केंद्र लेकर कहीं भी चलाना अगर कोई प्रशासनिक अफसर जांच करने पहुंचता है तो उसकी बात करा देना। इस संबंध में अलीगढ़ में तैनात कंपनी के अधिकारी ने कहा कि वैसे तो 9100 रुपये का ड्राफ्ट है, लेकिन अधिक सर्विस लेेने पर कुछ रुपये बढ़ जाते हैं, बाकी बातें सामने बैठकर ही हाेंगी।
ये एक प्राइवेट एजेंसी के द्वारा किया जाने वाला कार्य है। अगर इस तरह की शिकायत आती है तो इस पर सख्त कार्रवाई हो सकती है। शासनादेश के अनुसार मनमाना शुल्क वसूलने की शिकायत सही पाई गई तो एजेंसी का कार्य टेंडर निरस्त किया जा सकता है।
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-संजय चौहान, एडीएम प्रशासन।
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सरकार ने जन सुविधा केंद्र खोलने के लिए वयमटेक कंपनी को नामित कर रखा है। प्रत्येक ग्राम पंचायत अथवा पांच हजार की आबादी पर एक एक खोला जाना है। इन जन सुविधा केंद्रों का काम लोगों को तहसील स्तर पर आय, मूल और जाति प्रमाण पत्र बनाने में होने वाली परेशानी को कम करना है। लोग इन जन सुविधा केंद्रों पर आवेदन करेंगे और यहीं से प्रमाण पत्र लेंगे। इन केंद्रों पर कोई धांधली न हो इसके लिए एडीएम और ईडीएम को अधिकृत किया गया है, लेकिन इनके आवंटन में ही जमकर धांधलेबाजी चल रही है। कंपनी के एक अधिकारी का कहना है कि वह नोएडा ऑफिस में बैठता है और वहीं लॉगइन आईडी और पासवर्ड जारी करता है। इसके लिए 30 से 35 हजार रुपये खर्च होंगे। उसका कहना था कि वैसे तो एक ग्राम पंचायत में केवल एक जन सेवा केंद्र खोलने का नियम है, लेकिन वह सब कुछ करवा देगा। उसका कहना था कि किसी और स्थान के नाम पर जन सेवा केंद्र लेकर कहीं भी चलाना अगर कोई प्रशासनिक अफसर जांच करने पहुंचता है तो उसकी बात करा देना। इस संबंध में अलीगढ़ में तैनात कंपनी के अधिकारी ने कहा कि वैसे तो 9100 रुपये का ड्राफ्ट है, लेकिन अधिक सर्विस लेेने पर कुछ रुपये बढ़ जाते हैं, बाकी बातें सामने बैठकर ही हाेंगी।
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ये एक प्राइवेट एजेंसी के द्वारा किया जाने वाला कार्य है। अगर इस तरह की शिकायत आती है तो इस पर सख्त कार्रवाई हो सकती है। शासनादेश के अनुसार मनमाना शुल्क वसूलने की शिकायत सही पाई गई तो एजेंसी का कार्य टेंडर निरस्त किया जा सकता है।
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-संजय चौहान, एडीएम प्रशासन।