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चप्पा-चप्पा बन गया है रोडवेस बसों को चेक करने का अड्डा
Updated Thu, 30 Aug 2018 02:56 AM IST
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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
एसटीएफ द्वारा रोडवेज बसों में चल रहे फर्जी टिकट रैकेट का खुलासा करने के बाद परिवहन निगम की नजर अब दागी मार्गों पर टिक गई है। एक-एक मार्ग पर तीन-तीन सचल दस्ते चेकिंग के लिए तैनात हैं। 60 से 65 किलोमीटर की दूरी में तीन-तीन सचल दस्तों की चेकिंग के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है।
विदित हो कि 20 अगस्त को एसटीएफ ने इगलास में कार्रवाई करते हुए रोडवेज में चल रहे फर्जी टिकट रैकेट का खुलासा किया था। इस कार्रवाई में सरगना देवेंद्र सिंह व मेघ सिंह समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया था। जबकि दो लोग भागने में सफल रहे थे। इसके बाद 24 लोगों से अधिक चालक-परिचालक व बाबूओं पर कार्रवाई की गाज गिर चुकी है।
रोडवेज बसों में चल रहे फर्जी टिकट रैकेट का खुलासा होने के बाद परिवहन निगम के अधिकारियों में अफरातफरी का माहौल बन गया। एसटीएफ सूत्रों के अनुसार अलीगढ़-आगरा, अलीगढ़-मथुरा, अलीगढ़-एटा, अलीगढ़-हाथरस मार्गों पर सरगना ने फर्जी टिकट का जाल बिछा रखा था। एसटीएफ द्वारा खुलासा करने के बाद परिवहन के निगम के सचल दस्ते अब इन मार्गों पर मुस्तैदी दिखा रहे हैं। अलीगढ़ से मथुरा के बीच में दिन हो या रात तीन-तीन सचल दस्ते चेकिंग कर रहे हैं। इसके कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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दागी मार्गों पर ध्यान, अन्य रूट से सचल दस्ते अंजान
एसटीएफ की कार्रवाई के बाद परिवहन निगम के सचल दस्तों की निगाहें दागी मार्गों पर लगातार बनी हुई हैं। लेकिन अन्य मार्गों पर चेकिंग का अभाव साफ देखा जा रहा है। लखनऊ मुख्यालय, आरएम मुख्यालय एवं लोकर सचल दस्ते केवल दागी मार्गों पर चेकिंग में लगे हुए हैं। इस जानकारी का अन्य रूट के चालक-परिचालक जमकर फायदा उठा रहे हैं। ये लोग अन्य मार्गों पर जमकर डब्लूटी (बेटिकट) यात्रियों को यात्रा करा रहे हैं। जिनसे विभाग अंजान बना हुआ है।
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एसटीएफ द्वारा रोडवेज बसों में चल रहे फर्जी टिकट रैकेट का खुलासा करने के बाद परिवहन निगम की नजर अब दागी मार्गों पर टिक गई है। एक-एक मार्ग पर तीन-तीन सचल दस्ते चेकिंग के लिए तैनात हैं। 60 से 65 किलोमीटर की दूरी में तीन-तीन सचल दस्तों की चेकिंग के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है।
विदित हो कि 20 अगस्त को एसटीएफ ने इगलास में कार्रवाई करते हुए रोडवेज में चल रहे फर्जी टिकट रैकेट का खुलासा किया था। इस कार्रवाई में सरगना देवेंद्र सिंह व मेघ सिंह समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया था। जबकि दो लोग भागने में सफल रहे थे। इसके बाद 24 लोगों से अधिक चालक-परिचालक व बाबूओं पर कार्रवाई की गाज गिर चुकी है।
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रोडवेज बसों में चल रहे फर्जी टिकट रैकेट का खुलासा होने के बाद परिवहन निगम के अधिकारियों में अफरातफरी का माहौल बन गया। एसटीएफ सूत्रों के अनुसार अलीगढ़-आगरा, अलीगढ़-मथुरा, अलीगढ़-एटा, अलीगढ़-हाथरस मार्गों पर सरगना ने फर्जी टिकट का जाल बिछा रखा था। एसटीएफ द्वारा खुलासा करने के बाद परिवहन के निगम के सचल दस्ते अब इन मार्गों पर मुस्तैदी दिखा रहे हैं। अलीगढ़ से मथुरा के बीच में दिन हो या रात तीन-तीन सचल दस्ते चेकिंग कर रहे हैं। इसके कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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दागी मार्गों पर ध्यान, अन्य रूट से सचल दस्ते अंजान
एसटीएफ की कार्रवाई के बाद परिवहन निगम के सचल दस्तों की निगाहें दागी मार्गों पर लगातार बनी हुई हैं। लेकिन अन्य मार्गों पर चेकिंग का अभाव साफ देखा जा रहा है। लखनऊ मुख्यालय, आरएम मुख्यालय एवं लोकर सचल दस्ते केवल दागी मार्गों पर चेकिंग में लगे हुए हैं। इस जानकारी का अन्य रूट के चालक-परिचालक जमकर फायदा उठा रहे हैं। ये लोग अन्य मार्गों पर जमकर डब्लूटी (बेटिकट) यात्रियों को यात्रा करा रहे हैं। जिनसे विभाग अंजान बना हुआ है।