{"_id":"5a7cb81e4f1c1baa1b8b659f","slug":"31518123038-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आधार कार्ड न होने पर दिव्यांग को बस से उतारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आधार कार्ड न होने पर दिव्यांग को बस से उतारा
Updated Fri, 09 Feb 2018 02:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,अलीगढ़।
दिव्यांगों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए केंद्र एवं प्रदेश सरकार ने तमाम योजनाएं चला रखी हैं। ताकि वह खुद को असमर्थ न समझे और उनके जीवन यापन में परेशानी न हो।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी के यहां से जारी होने वाले दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर उन्हें रोडवेज की बसों में मुफ्त यात्रा का भी प्रावधान है, लेकिन कुछ परिचालकों के कारण उन्हें इस सुविधा से वंचित तो किया जा रहा है।
साथ ही उनके साथ दुर्व्यवहार तक कर दिया जाता है। गुरुवार को मथुरा से अलीगढ़ के लिए चली बुद्ध विहार डिपो की जयपुर मार्ग पर चलने वाली बस में भी कुछ ऐसा ही व्यवहार दिव्यांग और उसके परिवार के साथ हुआ।
विज्ञापन
बुद्ध विहार डिपो की बस यूपी 81 टी 1989 जयपुर मार्ग पर चलती है। गुरुवार की दोपहर वह जयपुर से अलीगढ़ के लिए चली। राया के पास एक दिव्यांग अपनी पत्नी तथा दो बच्चों के साथ बस में सवार हुआ।
परिचालक को उन्होंने अपना दिव्यांग प्रमाण पत्र दिखाया तो उसने प्रमाण पत्र के साथ ही आधार कार्ड मांगा। दिव्यांग के पास आधार कार्ड नहीं था। इस पर परिचालक की त्योरियां चढ़ गईं। परिचालक ने दिव्यांग को फटकार लगाते हुए गाड़ी से नीचे उतार दिया।
बस में बैठी कुछ सवारियों ने इसका विरोध किया तो परिचालक ने उन्हें सरकारी आदेश का हवाला देते हुए चुप करा दिया। परिचालक के इस व्यवहार से कई यात्रियों में आक्रोश था, लेकिन विकलांगता प्रमाण पत्र के साथ आधार रखने के विभागीय निर्देश के कारण उन्हें चुप रहना पड़ा।
विज्ञापन
दिव्यांगों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए केंद्र एवं प्रदेश सरकार ने तमाम योजनाएं चला रखी हैं। ताकि वह खुद को असमर्थ न समझे और उनके जीवन यापन में परेशानी न हो।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी के यहां से जारी होने वाले दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर उन्हें रोडवेज की बसों में मुफ्त यात्रा का भी प्रावधान है, लेकिन कुछ परिचालकों के कारण उन्हें इस सुविधा से वंचित तो किया जा रहा है।
विज्ञापन
साथ ही उनके साथ दुर्व्यवहार तक कर दिया जाता है। गुरुवार को मथुरा से अलीगढ़ के लिए चली बुद्ध विहार डिपो की जयपुर मार्ग पर चलने वाली बस में भी कुछ ऐसा ही व्यवहार दिव्यांग और उसके परिवार के साथ हुआ।
विज्ञापन
बुद्ध विहार डिपो की बस यूपी 81 टी 1989 जयपुर मार्ग पर चलती है। गुरुवार की दोपहर वह जयपुर से अलीगढ़ के लिए चली। राया के पास एक दिव्यांग अपनी पत्नी तथा दो बच्चों के साथ बस में सवार हुआ।
परिचालक को उन्होंने अपना दिव्यांग प्रमाण पत्र दिखाया तो उसने प्रमाण पत्र के साथ ही आधार कार्ड मांगा। दिव्यांग के पास आधार कार्ड नहीं था। इस पर परिचालक की त्योरियां चढ़ गईं। परिचालक ने दिव्यांग को फटकार लगाते हुए गाड़ी से नीचे उतार दिया।
बस में बैठी कुछ सवारियों ने इसका विरोध किया तो परिचालक ने उन्हें सरकारी आदेश का हवाला देते हुए चुप करा दिया। परिचालक के इस व्यवहार से कई यात्रियों में आक्रोश था, लेकिन विकलांगता प्रमाण पत्र के साथ आधार रखने के विभागीय निर्देश के कारण उन्हें चुप रहना पड़ा।