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Aligarh News: त्योहार बाद निकले 2.50 लाख मुसाफिर, लड़खड़ाई रोडवेज बस सेवा, ट्रेन भी रहीं फुल
Thu, 16 Nov 2023 01:01 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 16 Nov 2023 01:01 AM IST
सार
धनतेरस से भाई दूज तक बसों में जबरदस्त भीड़ रही। 15 नवंबर को भाई-बहनों को रोडवेज बसों की अव्यवस्थाओं का शिकार बनना पड़ा। रोडवेज अफसरों का दावा था कि जिस रूट पर यात्रियों की अधिक भीड़ होगी, वहां बसों की कमी नहीं होगी, लेकिन यह दावे हवा हवाई साबित हुए।
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बसों में चढ़ते यात्रीगण
- फोटो : संवाद
विस्तार
दीपावली के त्योहार पर परिवहन निगम की 350 अतिरिक्त बसें चलाने की घोषणा यात्रियों की भारी भीड़ के आगे दम तोड़ गई। धनतेरस से भाईदूज तक लगभग ढ़ाई लाख मुसाफिरों ने इन बसों से यात्रा की, लगातार संचालन होने से बसों की रफ्तार और फेरे भी कम हुए हैं। रोडवेज को इससे करोड़ों रुपये की कमाई हुई लेकिन मुसाफिरों को सुविधाजनक सफर नहीं मिला।
धनतेरस से भाई दूज तक बसों में जबरदस्त भीड़ रही। 15 नवंबर को भाई-बहनों को रोडवेज बसों की अव्यवस्थाओं का शिकार बनना पड़ा। रोडवेज अफसरों का दावा था कि जिस रूट पर यात्रियों की अधिक भीड़ होगी, वहां बसों की कमी नहीं होगी, लेकिन यह दावे हवा हवाई साबित हुए। यात्रियों की संख्या के हिसाब से बसें बहुत कम चलीं। यात्री घंटों बसों का इंतजार करते रहे। बसें पहुंची भी तो वह खचाखच भरीं थीं। जिससे यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
कानपुर, एटा, मथुरा, आगरा, हाथरस, कासंगज, मुरादाबाद दिल्ली, नोएडा, फरीदाबाद, गुड़गांव, पलवल, बल्लभगढ़ जाने वालों की सबसे ज्यादा भीड़ रही। इसके अलावा मथुरा, आगरा, हाथरस, कासगंज, एटा, फिरोजाबाद, बरेली, अतरौली, छर्रा, दादों, अकराबाद जाने के लिए यात्रियों को घंटो इंतजार करना पड़ रहा था। जहां दो-दो घंटे बाद बसें मिलीं तो उनमें पहले से ही खड़े होने की जगह नहीं थी। छतों व खिड़कियों पर सवारियां लदी हुई थीं। मसूदाबाद एवं सारसौल सेटेलाइट बस स्टैंड पर भी यही हाल रहा। यात्रियों की मजबूरी का अवैध वाहन संचालकों ने फायदा उठाया। जोखिम भरी यात्रा कराई और मनमाना किराया भी वसूला। सैकड़ों लोगों ने निजी वाहनों से अपना सफर तय किया।
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रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक सत्येंद्र वर्मा ने बताया कि दीपोत्सव पर पर्याप्त बसें चलाईं गईं। पिछले पांच दिनों में करीब ढाई लाख से अधिक यात्रियों ने इन बसों में सफर किया। यात्रियों की संख्या के सापेक्ष बसों का संचालन किया गया है। यात्रियों की संख्या बढ़ने से रोडवेज प्रशासन को अधिक लाभ होने की संभावना है।
बाईपास से होकर गुजरी बसें, यात्री परेशान
परिवहन निगम के प्रयासों के बाद भी ज्यादातर रोडवेज बसें बाईपास से होकर ही गुजर गई। जिसके चलते यात्री बस अड्डों पर परेशान नजर आए। घंटों इंतजार करने के बाद भी उन्हें बस नहीं मिल रही थीं। जिसका फायदा डग्गामार वाहनों ने उठाया। इस दौरान यात्रियों से मनमाना किराया वसूला गया।
ट्रेनों में भी नहीं मिली जगह, धक्का-मुक्की
भाईदूज पर ट्रेनों में भी यात्रियों की काफी भीड़ रही। एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों में सीटें नहीं थीं। अलीगढ़-दिल्ली रूट पर चलने वाली ईएमयू पैसेंजर, टीएडी व एचएडी पैसेंजर ट्रेनों में अन्य दिनों की अपेक्षा बहुत भीड़ रही। रेलवे ने दीपावली को लेकर अतिरिक्त लोकल पैसेंजर ट्रेनों का संचालन नहीं कराया था। जिससे यात्रियों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा। सीटों पर बैठने को लेकर धक्का-मुक्की तक हो गई। जीआरपी, आरपीएफ के जवानों ने किसी तरह यात्रियों को नियंत्रित किया।
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धनतेरस से भाई दूज तक बसों में जबरदस्त भीड़ रही। 15 नवंबर को भाई-बहनों को रोडवेज बसों की अव्यवस्थाओं का शिकार बनना पड़ा। रोडवेज अफसरों का दावा था कि जिस रूट पर यात्रियों की अधिक भीड़ होगी, वहां बसों की कमी नहीं होगी, लेकिन यह दावे हवा हवाई साबित हुए। यात्रियों की संख्या के हिसाब से बसें बहुत कम चलीं। यात्री घंटों बसों का इंतजार करते रहे। बसें पहुंची भी तो वह खचाखच भरीं थीं। जिससे यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
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कानपुर, एटा, मथुरा, आगरा, हाथरस, कासंगज, मुरादाबाद दिल्ली, नोएडा, फरीदाबाद, गुड़गांव, पलवल, बल्लभगढ़ जाने वालों की सबसे ज्यादा भीड़ रही। इसके अलावा मथुरा, आगरा, हाथरस, कासगंज, एटा, फिरोजाबाद, बरेली, अतरौली, छर्रा, दादों, अकराबाद जाने के लिए यात्रियों को घंटो इंतजार करना पड़ रहा था। जहां दो-दो घंटे बाद बसें मिलीं तो उनमें पहले से ही खड़े होने की जगह नहीं थी। छतों व खिड़कियों पर सवारियां लदी हुई थीं। मसूदाबाद एवं सारसौल सेटेलाइट बस स्टैंड पर भी यही हाल रहा। यात्रियों की मजबूरी का अवैध वाहन संचालकों ने फायदा उठाया। जोखिम भरी यात्रा कराई और मनमाना किराया भी वसूला। सैकड़ों लोगों ने निजी वाहनों से अपना सफर तय किया।
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रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक सत्येंद्र वर्मा ने बताया कि दीपोत्सव पर पर्याप्त बसें चलाईं गईं। पिछले पांच दिनों में करीब ढाई लाख से अधिक यात्रियों ने इन बसों में सफर किया। यात्रियों की संख्या के सापेक्ष बसों का संचालन किया गया है। यात्रियों की संख्या बढ़ने से रोडवेज प्रशासन को अधिक लाभ होने की संभावना है।
बाईपास से होकर गुजरी बसें, यात्री परेशान
परिवहन निगम के प्रयासों के बाद भी ज्यादातर रोडवेज बसें बाईपास से होकर ही गुजर गई। जिसके चलते यात्री बस अड्डों पर परेशान नजर आए। घंटों इंतजार करने के बाद भी उन्हें बस नहीं मिल रही थीं। जिसका फायदा डग्गामार वाहनों ने उठाया। इस दौरान यात्रियों से मनमाना किराया वसूला गया।
ट्रेनों में भी नहीं मिली जगह, धक्का-मुक्की
भाईदूज पर ट्रेनों में भी यात्रियों की काफी भीड़ रही। एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों में सीटें नहीं थीं। अलीगढ़-दिल्ली रूट पर चलने वाली ईएमयू पैसेंजर, टीएडी व एचएडी पैसेंजर ट्रेनों में अन्य दिनों की अपेक्षा बहुत भीड़ रही। रेलवे ने दीपावली को लेकर अतिरिक्त लोकल पैसेंजर ट्रेनों का संचालन नहीं कराया था। जिससे यात्रियों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा। सीटों पर बैठने को लेकर धक्का-मुक्की तक हो गई। जीआरपी, आरपीएफ के जवानों ने किसी तरह यात्रियों को नियंत्रित किया।